26 मई: इतिहास का सुपर डे! नेपोलियन बने राजा, मोदी बने पीएम और ISRO-NASA का कमाल!
26 मई का इतिहास: नेपोलियन की ताजपोशी, नरेंद्र मोदी ने ली प्रधानमंत्री पद की शपथ, ISRO की तीन सैटेलाइट लॉन्च और NASA का अपोलो 10 मिशन—जानें इस दिन की बड़ी घटनाएं.
इतिहास के पन्नों में हर तारीख कोई न कोई कहानी समेटे होती है. 26 मई (26 May Ka Itihas) भी एक ऐसी ही तारीख है, जिसने विश्व और भारत—दोनों में अहम घटनाओं की गवाही दी है.
“आज का इतिहास” (History of the day) सीरीज़ में हम आपको ले चलते हैं समय की उस यात्रा पर, जहां 26 मई के दिन (26 May History) घटी प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं, जन्मी महान हस्तियां और हुई अहम बदलावों की चर्चा करते हैं. यह सीरीज़ न केवल ऐतिहासिक जानकारी देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कैसे एक दिन कई मायनों में इतिहास का हिस्सा बन जाता है.
आइए, जानें आज के दिन से जुड़ी कुछ ऐतिहासिक घटनाएं जो समय के साथ मिसाल बन गईं.
भारत और विश्व के इतिहास में 26 मई की प्रमुख घटनाएं
1805 – नेपोलियन बोनापार्ट की इटली के सम्राट के रूप में ताजपोशी
26 मई 1805 को नेपोलियन बोनापार्ट (Napoleon Bonaparte) ने मिलान, इटली में खुद को “King of Italy” घोषित किया और मुकुट पहनकर शासन की शुरुआत की. नेपोलियन ने लॉम्बार्डी क्राउन (Iron Crown of Lombardy) से खुद को ताज पहनाया. यह यूरोप के शक्ति समीकरण में बड़ा मोड़ था. इटली पर नियंत्रण से उन्हें ऑस्ट्रिया और अन्य यूरोपीय शक्तियों के विरुद्ध रणनीतिक बढ़त मिली. नेपोलियन 1805 से 1814 तक इटली के राजा बने रहे.
1969 – अपोलो 10 मिशन सफलतापूर्वक पृथ्वी पर लौटा
अपोलो 10 नासा (NASA) का एक महत्वपूर्ण मिशन था जो चांद पर इंसान को भेजने की अंतिम तैयारी का हिस्सा था. यह मिशन 18 मई 1969 को लॉन्च हुआ और 26 मई 1969 को सफलतापूर्वक पृथ्वी पर लौट आया. 8 दिन के इस मिशन का मुख्य उद्देश्य चंद्रमा की कक्षा में जाकर लूनर मॉड्यूल की टेस्टिंग करना था, ताकि अगले मिशन (अपोलो 11) को चांद पर उतारा जा सके. अपोलो 10 (Apollo 10) का लूनर मॉड्यूल चंद्रमा की सतह से केवल 15.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक गया, जो अब तक की सबसे करीबी उड़ान थी, बिना चंद्रमा पर उतरे. यह "ड्रेस रिहर्सल" की तरह था. इस मिशन में तीन क्रू मेंबर थे, उनके नाम हैं — थॉमस स्टैफ़ोर्ड (कमांडर), जॉन यंग (कमांड मॉड्यूल पायलट), यूजीन सरनन (लूनर मॉड्यूल पायलट). यह यान धरती पर प्रशांत महासागर में उतरा (स्प्लैशडाउन).
1972 – अमेरिका और सोवियत संघ के बीच SALT-I समझौता
शीत युद्ध के दौरान अमेरिका और सोवियत संघ के बीच रणनीतिक हथियारों की होड़ चरम पर थी. इस दिन दोनों देशों ने मास्को में स्ट्रेटेजिक आर्म्स लिमिटेशन ट्रीटी (SALT-I) पर हस्ताक्षर किए, जो शांति स्थापना की दिशा में एक बड़ा कदम था. SALT-I का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच सामरिक शस्त्रों की संख्या को सीमित करना था, ताकि दोनों महाशक्तियों के बीच परमाणु युद्ध की संभावना को कम किया जा सके.
1999 – ISRO ने एक साथ 3 सैटेलाइट लॉन्च कर रचा इतिहास
26 मई 1999 को ISRO (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन - इसरो) ने पहली बार एक साथ 3 सैटेलाइट लॉन्च किए थे. इनमें भारत, कोरिया और जर्मनी के एक-एक सैटेलाइट थे. आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा के लॉन्च स्टेशन से सुबह 11 बजकर 52 मिनट पर 294 टन वजनी PSLV ने उड़ान भरी थी. इस दौरान प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी खुद श्रीहरिकोटा लॉन्च स्टेशन पर मौजूद थे. इसरो ने पहली बार कॉमर्शियल एग्रीमेंट के तहत किसी दूसरे देश के सैटेलाइट को लॉन्च किया था. इस लिहाज से भारत के लिए ये एक बड़ी उपलब्धि थी.
2014 – नरेंद्र मोदी ने भारत के 15वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली
26 मई 2014 को नरेंद्र दामोदरदास मोदी ने राष्ट्रपति भवन में भारत के 15वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली. यह समारोह ऐतिहासिक इसलिए भी था क्योंकि इसमें SAARC देशों के राष्ट्राध्यक्षों को भी आमंत्रित किया गया था—जो दक्षिण एशिया में सहयोग का संकेत था. अपने पहले कार्यकाल के दौरान, पीएम मोदी ने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी), मेक इन इंडिया और स्वच्छ भारत अभियान (स्वच्छ भारत मिशन) सहित कई महत्वाकांक्षी योजनाओं की शुरुआत की थी.
26 मई को जन्मे प्रमुख व्यक्ति
1912 – छगनराज चौपासनी वाला, प्रसिद्ध क्रांतिकारियों में से एक
1937 – मनोरमा (तमिल अभिनेत्री), दक्षिण भारतीय सिनेमा की मशहूर हास्य अभिनेत्री
1940 – सरताज सिंह छतवाल, 'भारतीय जनता पार्टी' (भाजपा) के नेता
1945 – विलासराव देशमुख, महाराष्ट्र के भूतपूर्व मुख्यमंत्री
1946 – अरुणा रॉय, सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिज्ञ
1983 – सुशील कुमार, भारतीय पहलवान और दो बार के ओलंपिक पदक विजेता
26 मई को जिन हस्तियों ने दुनिया को कहा अलविदा
2017 – के. पी. एस. गिल (कंवर पाल सिंह गिल), पंजाब के दो बार पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रहे
1934 – चम्पक रमन पिल्लई, भारतीय राजनैतिक कार्यकर्ता और क्रांतिकारी थे



