शेयर बाज़ार: सेंसेक्स 239 अंक लुढ़का, जानिए आज के हिट और फ्लॉप शेयर
आज बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 4000 करोड़ रुपये बढ़कर 443.69 लाख करोड़ रुपये हो गया. यह मंगलवार को 443.65 लाख करोड़ रुपये रहा था. यानि कि निवेशकों की संपत्ति में लगभग 4000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है.
आज, 28 मई 2025 को भारतीय शेयर बाजार (28 May Stock Market/Share Bazaar News) में गिरावट देखी गई. 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) आज 239.31 अंक गिरकर 81,312.32 के स्तर पर बंद हुआ, जोकि 0.29% की गिरावट दर्शाता है. जबकि एनएसई निफ्टी50 (NSE Nifty50) आज 73.75 अंक गिरकर 24,752.45 के स्तर पर बंद हुआ, जोकि 0.30% की गिरावट दर्शाता है.
मिडकैप इंडेक्स भी गिरावट के साथ बंद हुआ. डिफेंस, PSU बैंक सेक्टर के शेयर हल्की बढ़त के साथ बंद हुए जबकि FMCG रियल्टी, फार्मा इंडेक्स पर दबाव रहा.
आज बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 4000 करोड़ रुपये बढ़कर 443.69 लाख करोड़ रुपये हो गया. यह मंगलवार को 443.65 लाख करोड़ रुपये रहा था. यानि कि निवेशकों की संपत्ति में लगभग 4000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है.
दिनभर के प्रमुख रुझान
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर आज बढ़त के साथ बंद होने वाले शेयरों की संख्या अधिक रही. एक्सचेंज पर कुल 4,095 शेयरों में आज कारोबार देखने को मिला. इसमें से 2,015 शेयर तेजी के साथ बंद हुए. वहीं 1,919 शेयरों में गिरावट देखी गई. जबकि 161 शेयर बिना किसी उतार-चढ़ाव के सपाट बंद हुए. इसके अलावा 97 शेयरों ने आज कारोबार के दौरान अपना नया 52-वीक हाई छुआ. वहीं 32 शेयरों ने अपने 52-हफ्तों का नया निचला स्तर छुआ.
टॉप गेनर और लूज़र
आज BSE सेंसेक्स के 30 में से सिर्फ़ दस शेयर बढ़त के साथ बंद हुए. Bajaj Finance के शेयरों में 1.07% की सबसे अधिक तेजी दर्ज की गई, और यह टॉप गेनर रहा. इसके बाद Bharti Airtel (+0.65%), ICICI Bank (+0.46%), Adani Ports (+0.46%) और HCL Tech (+0.45%) की बढ़ोतरी के साथ हरे निशान में बंद हुए.
वहीं, सेंसेक्स के बीस शेयर आज गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए. इनमें ITC के शेयर में सबसे अधिक (3.18%) की गिरावट आई और यह टॉप लूज़र रहा. इसके बाद Indusind Bank (-1.99%), Nestle India (-1.78%), Ultratech Cement (-1.62%) और Mahindra & Mahindra (-1.41%) के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई.
वैश्विक रुझानों का प्रभाव
अमेरिकी शेयर बाजारों में स्थिरता और एशियाई बाजारों में सतर्कता के कारण भारतीय बाजारों पर भी दबाव बना रहा. बाजार की दिशा पर वैश्विक और घरेलू कारकों का संयुक्त प्रभाव देखा गया. विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और घरेलू कारकों के संयोजन से बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है. निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे सतर्कता बरतें और बाजार की दिशा पर नजर रखें.



