Digital India: Aadhaar ट्रांजैक्शन ने पार किया 15,000 करोड़ का आंकड़ा
UIDAI ने आधार प्रमाणीकरण लेनदेन में रचा इतिहास, आंकड़ा 150 अरब के पार! जानिए कैसे आधार ई-केवाईसी, फेस ऑथेंटिकेशन और डिजिटल सेवाओं में ला रहा है क्रांति.
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. आधार प्रमाणीकरण लेनदेन की कुल संख्या अब 150 बिलियन (15,011.82 करोड़) के आंकड़े को पार कर चुकी है. यह आंकड़ा अप्रैल 2025 के अंत तक का है और यह उपलब्धि देश में डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना की सशक्त स्थिति को दर्शाती है. यह न केवल आधार की बढ़ती उपयोगिता को रेखांकित करता है, बल्कि भारत में डिजिटल सेवाओं की गहराई तक पहुंच की भी पुष्टि करता है.
आधार: सेवाओं तक पहुंच का डिजिटल प्रवेश द्वार
आधार प्रमाणीकरण तंत्र ने पिछले एक दशक में देशभर में विभिन्न सरकारी और निजी सेवाओं तक तेज़, पारदर्शी और किफायती पहुंच सुनिश्चित की है. आधार की सहायता से नागरिक सरकारी योजनाओं, बैंकों, मोबाइल कनेक्शन, पेंशन, बीमा, छात्रवृत्ति, आयुष्मान भारत जैसी सेवाओं का लाभ सरलता से ले पा रहे हैं.
अप्रैल 2025 के एक महीने में ही करीब 210 करोड़ प्रमाणीकरण लेनदेन दर्ज किए गए, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 8% अधिक है. यह बढ़ती संख्या आधार प्रणाली में जनता के विश्वास और इसके निरंतर अपनाए जाने का प्रमाण है.
e-KYC में भी हुआ जबरदस्त उछाल
बैंकिंग और फिनटेक सेक्टर में आधार आधारित ई-केवाईसी (e-KYC) की उपयोगिता में भी भारी वृद्धि देखी गई है. अप्रैल 2025 में 37.3 करोड़ ई-केवाईसी लेनदेन दर्ज हुए, जो 2024 की तुलना में लगभग 40% अधिक हैं. अब तक कुल 2393 करोड़ से अधिक ई-केवाईसी लेनदेन हो चुके हैं.
ई-केवाईसी से ग्राहकों को सुविधा मिली है और कारोबारियों को लागत में कटौती, त्वरित ग्राहक ऑनबोर्डिंग और धोखाधड़ी पर लगाम लगाने में मदद मिली है.
फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी को मिल रही लोकप्रियता
UIDAI द्वारा विकसित एआई/एमएल आधारित फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक यानी चेहरा सत्यापन (Face Authentication) को भी तेजी से अपनाया जा रहा है. अप्रैल महीने में 14 करोड़ से अधिक लेनदेन फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए किए गए.
सरकारी और निजी क्षेत्रों की 100 से अधिक संस्थाएं इस तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं, जैसे कि सामाजिक कल्याण योजनाएं, एलपीजी सब्सिडी, छात्रवृत्ति वितरण, पेंशन योजना आदि.
डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में आधार की भूमिका
भारत सरकार के "डिजिटल इंडिया" (Digital India) अभियान में आधार एक रीढ़ की हड्डी के रूप में कार्य कर रहा है. UIDAI ने डिजिटल पहचान के जरिए देश की वित्तीय समावेशन, सामाजिक सुरक्षा, और ई-गवर्नेंस को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.
टेक्नोलॉजी में नवाचार, सुरक्षा बढ़ाना और यूजर फ्रेंडली सेवाओं के विस्तार के साथ आधार का भविष्य और भी व्यापक व प्रभावी दिखता है.



