डिफेंस स्टार्टअप Sanlayan को मिली 186 करोड़ रुपये की फंडिंग
Sanlayan Technologies की स्थापना सितंबर 2023 में IIT और IIM के पूर्व छात्रों अभिजीत कोठावले, रोहन गाला और राहुल वम्सिधर ने मिलकर की थी. कंपनी का लक्ष्य भारत की आत्मनिर्भर रक्षा तकनीक क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है.
एयरोस्पेस और डिफेंस टेक स्टार्टअप Sanlayan Technologies ने अपने सीरीज़ A फंडिंग राउंड में ₹186 करोड़ जुटाए हैं. यह फंडिंग राउंड अत्यधिक ओवरसब्सक्राइब रहा, जिसका नेतृत्व प्रमुख निवेशकों अशीष कचोलिया, लाशित संघवी और ने किया. इसमें मौजूदा निवेशकों , और नए निवेशक Shastra VC की भी हिस्सेदारी देखी गई.
बेंगलुरु स्थित Sanlayan Technologies की स्थापना सितंबर 2023 में IIT और IIM के पूर्व छात्रों अभिजीत कोठावले (COO), रोहन गाला (CEO) और राहुल वम्सिधर (CBO) ने मिलकर की थी. कंपनी का लक्ष्य भारत की आत्मनिर्भर रक्षा तकनीक क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है.
Sanlayan वर्तमान में भारत के UUV (Unmanned Underwater Vehicle) प्रोग्राम के लिए AESA (Active Electronically Scanned Array) रडार बना रही है, जो कंपनी की इन-हाउस R&D (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) क्षमताओं का उदाहरण है. कंपनी ने पांच भारतीय स्टार्टअप्स और कुछ विदेशी OEMs (Original Equipment Manufacturers) के साथ मिलकर अत्याधुनिक समाधान विकसित करने के लिए साझेदारी की है.
कंपनी अगले छह महीनों में अपनी इंजीनियरिंग टीम को पाँच गुना बढ़ाने की योजना बना रही है. इसमें R&D वैज्ञानिकों, पूर्व सैनिकों और पब्लिक व प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों से सीनियर लीडर्स को हायर किया जा रहा है.
Sanlayan के सीईओ और को-फाउंडर रोहन गाला ने कहा, “भारत का डिफेंस सेक्टर एक ऐतिहासिक मोड़ पर है. हम रणनीतिक तकनीकों के ‘सुओ मोटू’ विकास और अधिग्रहण के लिए पूंजी निवेश कर रहे हैं, विशेष रूप से CUAS (Counter-Unmanned Aircraft System) और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (EW) सिस्टम्स में.”
Sanlayan ने इससे पहले मार्च 2024 में Jungle Ventures के First Cheque@Jungle प्लेटफॉर्म के माध्यम से ₹36 करोड़ जुटाए थे. Dexcel Electronics में बहुलांश हिस्सेदारी हासिल की, जो जैगुआर, सुखोई, एलसीए तेजस और चंद्रयान-3 जैसे प्रतिष्ठित रक्षा अभियानों में अपनी भूमिका निभा चुकी है.
Jungle Ventures के पार्टनर ऋषभ मलिक ने कहा, “Sanlayan की रणनीतिक और परिचालन क्षमताएं प्रभावशाली हैं. Dexcel में राजस्व वृद्धि और Sanlayan की ऑपरेटिंग अनुशासन से हमें उनके दीर्घकालिक स्केलेबिलिटी पर पूरा भरोसा है.”
निवेशक अशीष कचोलिया ने कहा, “हमें Sanlayan की भारत की रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स जरूरतों की गहरी समझ और उनकी समाधान रणनीति ने आकर्षित किया. यह सिर्फ एक बिज़नेस नहीं, बल्कि राष्ट्रीय दायित्व है.”



