गांव के दूध से विविध डेयरी उत्पाद तक: औरैया की ODOP पहचान
औरैया, उत्तर प्रदेश में एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) के अंतर्गत डेयरी उत्पाद जिले की पहचान बने हैं। ग्राम चिटकापुर में भानु प्रताप की इकाई दूध से घी, पनीर, खोया और दही बनाकर स्थानीय बाजारों में आपूर्ति करती है, जिससे दुग्ध आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
औरैया, उत्तर प्रदेश में डेयरी गतिविधियां दैनिक अनुशासन और समयबद्धता पर आधारित हैं। दूध को समय पर एकत्र कर उसी दिन प्रसंस्कृत करना आवश्यक होता है।
एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) के अंतर्गत डेयरी उत्पाद औरैया का चिन्हित उत्पाद है। यह जिले की दुग्ध आधारित अर्थव्यवस्था और उससे जुड़े लघु प्रसंस्करण इकाइयों को पहचान देता है।
ग्राम चिटकापुर में भानु प्रताप की डेयरी इकाई दूध को घी, पनीर, खोया, दही और तरल दूध में परिवर्तित करती है। यह कार्य उनके पिता द्वारा घर से प्रारंभ किया गया था और समय के साथ इसे संगठित रूप दिया गया।
संग्रह से उत्पादन तक - आसपास के गांवों से दूध एकत्र कर इकाई में लाया जाता है, जिसे दही, खोया, पनीर, मख्खन और देसी घी बनाया जाता है।
पारंपरिक और यांत्रिक दोनों विधियों का उपयोग दैनिक मात्रा के अनुसार किया जाता है।
वर्तमान में उत्पाद अजीतमल और आसपास के बाजारों में आपूर्ति किए जाते हैं। गांव के दूध से विविध डेयरी उत्पाद तैयार कर यह इकाई औरैया की ODOP पहचान को मजबूत कर रही है।
Edited by Ravi Pareek


