234 मिलियन डॉलर की फंडिंग के साथ Sarvam AI की यूनिकॉर्न क्लब में एंट्री
बेंगलुरु के AI स्टार्टअप Sarvam AI को Series B राउंड में 234 मिलियन डॉलर की फंडिंग मिली है. जिसके बाद 1.5 बिलियन डॉलर वैल्यूएशन के साथ यह युनिकॉर्न बन गया है. HCLTech और Bessemer के निवेश के साथ कंपनी भारतीय भाषाओं, वॉयस AI और स्वदेशी AI मॉडल विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगी.
बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप Sarvam AI अब यूनिकॉर्न बन गया है. कंपनी ने अपने सीरीज B फंडिंग राउंड में 234 मिलियन डॉलर जुटाए हैं. इस निवेश के बाद कंपनी की वैल्यू 1.5 बिलियन डॉलर हो गई है.
इस फंडिंग राउंड की अगुवाई HCLTech और ग्लोबल निवेशक Bessemer Venture Partners ने की. पहले से निवेश कर चुके Khosla Ventures और Peak XV Partners ने भी इस राउंड में हिस्सा लिया.
Sarvam AI की शुरुआत साल 2023 में हुई थी. इसे विवेक राघवन और प्रत्युष कुमार ने मिलकर बनाया. दोनों के पास बड़े टेक प्रोजेक्ट्स और AI रिसर्च का गहरा अनुभव है. यही वजह है कि कंपनी बहुत तेजी से आगे बढ़ी.
कंपनी का फोकस भारत के लिए AI बनाना है. खासतौर पर भारतीय भाषाओं और वॉयस टेक्नोलॉजी पर काम किया जा रहा है. भारत में बहुत से लोग अपनी भाषा में बात करना पसंद करते हैं. ऐसे में Sarvam का यह काम बेहद अहम माना जा रहा है.
Sarvam AI के को-फाउंडर विवेक राघवन ने कहा, “हमारा लक्ष्य ऐसे AI सिस्टम बनाना है जो भारत की जरूरतों को बड़े पैमाने पर पूरा कर सकें. यह फंडिंग हमें भारत से विश्वस्तरीय AI क्षमताएं विकसित करने और स्थानीय चुनौतियों के लिए बेहतर समाधान तैयार करने में मदद करेगी.”
कंपनी सिर्फ AI एप्लिकेशन नहीं बना रही है बल्कि पूरे AI इकोसिस्टम पर काम कर रही है. इसमें AI मॉडल, ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, डिप्लॉयमेंट प्लेटफॉर्म और एंड यूजर एप्लिकेशन शामिल हैं. यही फुल स्टैक अप्रोच Sarvam AI को अन्य कई स्टार्टअप्स से अलग बनाती है.
कंपनी के अनुसार उसके प्लेटफॉर्म पर हर दिन 20 लाख से ज्यादा बातचीत होती हैं. रोजाना 1 करोड़ से अधिक API कॉल प्रोसेस किए जाते हैं. इसके अलावा हर महीने 3.5 करोड़ से ज्यादा पन्नों का डिजिटलीकरण और 5 लाख घंटे से अधिक ऑडियो ट्रांसक्रिप्शन किया जाता है.
Sarvam AI ने कई बड़े सरकारी और एंटरप्राइज प्रोजेक्ट्स में भी अपनी क्षमता साबित की है. कंपनी ने कृषि मंत्रालय के लिए 1.7 करोड़ किसानों से जुड़ा डेटा संग्रह करने में मदद की है. वहीं AI आधारित वॉयस सिस्टम के जरिए 4.5 करोड़ बीमा पॉलिसीधारकों तक पहुंच बनाने में भी योगदान दिया है.
HCLTech की हिस्सेदारी को इस निवेश की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है. इससे Sarvam AI की टेक्नोलॉजी को HCLTech की इंजीनियरिंग विशेषज्ञता और बड़े एंटरप्राइज ग्राहक नेटवर्क का समर्थन मिलेगा.
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश सिर्फ एक स्टार्टअप की सफलता नहीं है बल्कि भारत के बढ़ते AI आत्मनिर्भरता मिशन का भी संकेत है. भारत सरकार की IndiaAI Mission के तहत देश में स्वदेशी AI मॉडल और तकनीक विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है. Sarvam AI को भी इस पहल के प्रमुख भागीदारों में शामिल किया गया है.
वैश्विक स्तर पर OpenAI, Google, Anthropic और Meta जैसी कंपनियां AI की दौड़ में आगे बढ़ रही हैं. वहीं चीन की DeepSeek ने भी कम लागत में शक्तिशाली AI मॉडल बनाकर दुनिया का ध्यान खींचा है. ऐसे माहौल में Sarvam AI की यह उपलब्धि भारत के लिए खास महत्व रखती है.
दिलचस्प बात यह है कि लॉन्च के कुछ ही महीनों बाद 2023 में कंपनी ने 41 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई थी. अब तीन साल से भी कम समय में उसकी वैल्यू 1.5 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुकी है.
यह उपलब्धि दिखाती है कि भारतीय स्टार्टअप्स अब सिर्फ वैश्विक तकनीकों के उपभोक्ता नहीं हैं, बल्कि भविष्य की टेक्नोलॉजी बनाने वालों में भी तेजी से शामिल हो रहे हैं. Sarvam AI की यह सफलता भारत के AI भविष्य के लिए एक मजबूत और प्रेरणादायक संकेत है.
Edited by Ravi Pareek



