13 साल की सृष्टि किरण बनीं दुनिया की नंबर 1 टेनिस खिलाड़ी, लगातार 5 खिताब जीते
बेंगलुरु की 13 वर्षीय सृष्टि किरण ने अंडर 13 वर्ग में दुनिया की नंबर 1 टेनिस खिलाड़ी बनकर इतिहास रच दिया है. लगातार पांच खिताब जीतने वाली इस युवा भारतीय खिलाड़ी का अगला लक्ष्य विंबलडन जूनियर्स में खेलना है.
भारत को टेनिस में एक नया सितारा मिल गया है. बेंगलुरु की 13 वर्षीय सृष्टि किरण (Srishti Kiran) ने अंडर 13 आयु वर्ग में दुनिया की नंबर 1 रैंकिंग हासिल कर इतिहास रच दिया है. इतनी कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल करने वाली सृष्टि आज भारतीय टेनिस की सबसे चर्चित युवा खिलाड़ियों में शामिल हो गई हैं. (world’s No 1 in the Under-13 tennis player)
सृष्टि की सफलता किसी एक टूर्नामेंट का नतीजा नहीं है. पिछले कुछ महीनों में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय जूनियर टेनिस सर्किट पर लगातार शानदार प्रदर्शन किया है. हाल ही में उन्होंने लगातार पांच आईटीएफ जूनियर खिताब जीते. इसके बाद ग्वाटेमाला में आयोजित आईटीएफ वर्ल्ड टेनिस टूर जूनियर्स J100 टूर्नामेंट (ITF World Tennis Tour Juniors J100 Guatemala) के फाइनल तक पहुंचकर अपनी प्रतिभा का एक और बड़ा प्रमाण दिया. इन नतीजों ने उन्हें करियर की सर्वश्रेष्ठ आईटीएफ जूनियर रैंकिंग 357 तक पहुंचा दिया.
सृष्टि की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने यह मुकाम सिर्फ आठ रैंकिंग टूर्नामेंट खेलकर हासिल किया. अंडर 13 रैंकिंग के लिए अधिकतम दस टूर्नामेंटों के अंक जोड़े जाते हैं. आर्थिक और यात्रा संबंधी चुनौतियों के कारण वह दो अतिरिक्त प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले सकीं. इसके बावजूद उन्होंने अपने प्रदर्शन से इतने अंक जुटाए कि दुनिया की नंबर 1 खिलाड़ी बन गईं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, इस उपलब्धि पर सृष्टि ने कहा, “अपनी आयु वर्ग में दुनिया की नंबर 1 खिलाड़ी बनकर मैं बहुत खुश हूं. साल की शुरुआत में मैंने इसके बारे में नहीं सोचा था, लेकिन मेरे कोच, परिवार और सपोर्ट टीम की मेहनत का फल अब मिल रहा है.”
सृष्टि का कहना है कि यह उनके सफर की शुरुआत भर है. वह अभी खुद को और बेहतर बनाना चाहती हैं. उन्होंने कहा, “पिछले कुछ सप्ताह मेरे लिए बहुत खास रहे हैं. लगातार पांच खिताब जीतने और फिर एक और फाइनल में पहुंचने से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा है. लेकिन मुझे पता है कि अभी मुझे अपने खेल में बहुत सुधार करना है.”

South First की रिपोर्ट के अनुसार, सृष्टि अब अपनी उम्र के खिलाड़ियों तक सीमित नहीं हैं. वह लगातार बड़े और अधिक अनुभवी खिलाड़ियों के खिलाफ मुकाबला कर रही हैं. यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय जूनियर सर्किट में उन्हें भारत की अगली बड़ी टेनिस उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है. उनकी लगातार जीत और दबाव में शानदार प्रदर्शन ने कोचों और विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा है.
अब सृष्टि की नजर यूरोप के ग्रास कोर्ट सीजन पर है. अगर उन्हें मुख्य ड्रॉ में जगह मिलती है तो वह यूनाइटेड किंगडम में होने वाले प्रतिष्ठित J300 टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगी. यह प्रतियोगिता विंबलडन जूनियर चैंपियनशिप से पहले आयोजित होने वाले प्रमुख टूर्नामेंटों में गिनी जाती है.
विंबलडन में खेलने की संभावना को लेकर सृष्टि बेहद उत्साहित हैं. उन्होंने कहा, “घास के कोर्ट पर खेलना और विंबलडन जूनियर्स में हिस्सा लेना हर युवा टेनिस खिलाड़ी का सपना होता है. अगर मुझे J300 टूर्नामेंट में खेलने का मौका मिलता है तो यह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ जूनियर खिलाड़ियों के खिलाफ खुद को परखने का शानदार अवसर होगा.”
13 साल की उम्र में दुनिया की नंबर 1 रैंकिंग हासिल करना अपने आप में असाधारण उपलब्धि है. सृष्टि किरण की कहानी यह साबित करती है कि प्रतिभा, अनुशासन और लगातार मेहनत के दम पर बड़े सपने सच किए जा सकते हैं. आज वह सिर्फ एक सफल खिलाड़ी नहीं, बल्कि देशभर के लाखों युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं.
(Source: South First, PTI, Deccan Herald)



