समुद्र की गहराइयों से आर्थिक महाशक्ति तक, भारत की Blue Economy क्रांति की कहानी
Bharat Innovates 2026 में भारत अपनी Blue Economy ताकत दुनिया के सामने पेश करेगा. IIT Madras, DeepTech स्टार्टअप्स, Ocean Energy, समुद्री अनुसंधान और 100 अरब डॉलर की Blue Economy के लक्ष्य के साथ भारत समुद्र आधारित अर्थव्यवस्था में वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है.
जून 2026 में भारत अपने 120 सबसे उभरते डीपटेक स्टार्टअप्स और नवाचारों को फ्रांस के नीस शहर में आयोजित होने जा रहे Bharat Innovates 2026 में लेकर जा रहा है. शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) की यह पहल केवल भारतीय तकनीकी उपलब्धियों का प्रदर्शन नहीं है. यह दुनिया के सामने एक स्पष्ट संदेश भी है कि भारत अब सिर्फ तकनीक का उपभोक्ता या बाजार नहीं है, बल्कि तकनीक का निर्माता बन रहा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की उपस्थिति में घोषित Bharat Innovates 2026 भारत की इनोवेशन यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है. इस आयोजन में जिन 13 प्रमुख क्षेत्रों को प्रस्तुत किया जाएगा, उनमें Blue Economy सबसे अधिक संभावनाओं वाला क्षेत्र माना जा रहा है. इस थीम के लिए IIT Madras को नोडल संस्थान बनाया गया है.
समुद्र भारत की सबसे बड़ी ताकतों में से एक
भारत के पास 11,099 किलोमीटर लंबी तटरेखा है. देश के पास 1,298 द्वीप हैं और 2.3 मिलियन वर्ग किलोमीटर का Exclusive Economic Zone है. भारत के कुल व्यापार का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा समुद्री मार्ग से होता है.
देश के लाखों परिवार अपनी आजीविका के लिए समुद्र पर निर्भर हैं. मत्स्य पालन से लेकर समुद्री परिवहन और तटीय उद्योगों तक, Blue Economy भारत की आर्थिक प्रगति का एक महत्वपूर्ण आधार बन सकती है.
भारत सरकार ने इस संभावना को पहचाना है और इसे आगे बढ़ाने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं.
सरकार की नीतियां दे रही हैं नई दिशा
Sagarmala Programme के तहत देश के 13 प्रमुख बंदरगाहों और 200 से अधिक छोटे बंदरगाहों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है. इस कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 5.8 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली 839 परियोजनाओं की पहचान की गई है. इसका उद्देश्य बंदरगाहों को देश के अंदरूनी क्षेत्रों से जोड़ना और बंदरगाह आधारित औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है.
Deep Ocean Mission के माध्यम से भारत गहरे समुद्र की खोज में जुटा है. इस मिशन के तहत स्वदेशी Matsya Submersible का उपयोग किया जा रहा है. इससे समुद्र की गहराइयों में मौजूद संसाधनों और वैज्ञानिक संभावनाओं का अध्ययन किया जा सकेगा.
Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana के तहत 20,050 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है. इसका उद्देश्य मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूत बनाना और तटीय समुदायों की आय बढ़ाना है.
PM Gati Shakti योजना के माध्यम से बंदरगाहों, रेलवे, सड़कों और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जा रहा है. वहीं Harit Sagar Guidelines भारत के बंदरगाहों को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में काम कर रही हैं.
केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में मत्स्य क्षेत्र के लिए रिकॉर्ड 2,761.80 करोड़ रुपये का बजटीय समर्थन प्रस्तावित किया है.
भारत गुजरात और तमिलनाडु के तटों पर वर्ष 2030 तक 30 गीगावाट Offshore Wind Energy क्षमता विकसित करने के लक्ष्य पर भी काम कर रहा है.
देश अब खुले तौर पर 100 अरब डॉलर की Blue Economy बनाने की बात कर रहा है.
IIT Madras बना Blue Economy इनोवेशन हब
IIT Madras पिछले लगभग पांच दशकों से समुद्री अनुसंधान और तकनीकी विकास पर काम कर रहा है.
इस वर्ष संस्थान का Department of Ocean Engineering अपनी स्वर्ण जयंती मना रहा है. यहां एशिया की सबसे बड़ी Shallow Wave Basin Research Facility मौजूद है. इसके साथ ही एक ही परिसर में सात Hydrodynamic Test Facilities भी स्थापित हैं.
यहां के शोधकर्ता जहाजों की गति और डिजाइन, समुद्री संरचनाओं, समुद्री नवीकरणीय ऊर्जा, तटीय इंजीनियरिंग, Underwater Acoustics और Autonomous Marine Vehicles जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं.
यही वह बुनियादी ढांचा है जिसकी मदद से भारत वैश्विक समुद्री अर्थव्यवस्था में प्रतिस्पर्धा कर सकता है.
स्वदेशी टेक्नोलॉजी की ताकत
IIT Madras में स्थापित National Technology Centre for Ports, Waterways and Coasts (NTCPWC) इसका बड़ा उदाहरण है.
बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित इस केंद्र ने अब तक 200 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 100 से ज्यादा परियोजनाएं पूरी की हैं.
नवंबर 2025 में इस केंद्र ने Vizhinjam International Seaport में भारत का पहला पूर्णतः स्वदेशी Vessel Traffic Management System स्थापित किया. इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था.
पिछले पांच वर्षों में ऐसी स्वदेशी तकनीकों की वजह से भारत को लगभग 1,500 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचत हुई है.
AI और Ocean Technology पर काम कर रहा ME2ME Centre
सरकार की Institute of Eminence पहल के तहत स्थापित ME2ME Centre of Excellence भी समुद्री क्षेत्र में नई तकनीकों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.
यह केंद्र Marine Autonomous Vehicles विकसित कर रहा है. तमिलनाडु तट पर Wave Energy Devices का परीक्षण कर रहा है. साथ ही बंदरगाह संचालन और समुद्री निगरानी के लिए AI आधारित समाधान भी तैयार कर रहा है.
जब रिसर्च से जन्म लेते हैं स्टार्टअप्स
किसी भी देश की अर्थव्यवस्था केवल प्रयोगशालाओं में होने वाले शोध से नहीं बनती. असली बदलाव तब आता है जब शोध बाजार तक पहुंचता है.
IIT Madras ने इसी सोच के साथ इनोवेशन Culture विकसित की है. संस्थान का Incubation Cell अब तक 567 स्टार्टअप्स को समर्थन दे चुका है. केवल वित्त वर्ष 2025-26 में ही यहां 112 नए स्टार्टअप्स को Incubate किया गया है.
ये स्टार्टअप्स AI, Robotics, Climate Technology और Ocean Technology जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं.
Planys Technologies इसकी सबसे प्रेरणादायक मिसालों में से एक है. वर्ष 2015 में IIT Madras के पूर्व छात्रों और शिक्षकों द्वारा स्थापित इस कंपनी ने Remotely Operated Vehicles और Autonomous Underwater Systems विकसित किए हैं.
इन तकनीकों की मदद से पुलों, बांधों, बंदरगाहों और Offshore Rigs जैसी जलमग्न संरचनाओं का निरीक्षण किया जाता है. कंपनी AI आधारित डायग्नोस्टिक तकनीक का भी उपयोग करती है.
Planys Technologies के पास 21 स्वीकृत पेटेंट हैं. कंपनी ने 10 से अधिक देशों में 500 से ज्यादा स्थानों पर 25,000 घंटे से अधिक का परिचालन अनुभव हासिल किया है.
अब तक कंपनी 100 करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग जुटा चुकी है. यह भारत की पहली Underwater ROV निर्माता कंपनी है और इसकी शुरुआत IIT Madras की प्रयोगशाला से हुई थी.
Bharat Innovates 2026 में भाग लेने वाली एक और कंपनी Zerocircle है. पुणे स्थित यह स्टार्टअप समुद्री शैवाल यानी Seaweed का उपयोग करके जैविक रूप से नष्ट होने वाली पैकेजिंग सामग्री तैयार करता है.
यह इनोवेशन समुद्री संसाधनों का उपयोग करते हुए प्लास्टिक प्रदूषण की समस्या का समाधान देने का प्रयास है.
Ocean Energy में भी बढ़ रहा भारत
IIT Madras केवल मौजूदा स्टार्टअप्स तक सीमित नहीं है. संस्थान Blue Economy के लिए नए उद्यमियों की पूरी श्रृंखला तैयार कर रहा है.
Visakhapatnam स्थित Virya Paramita Energy ने IIT Madras के शोधकर्ताओं के साथ मिलकर Sindhuja I Ocean Wave Energy Converter विकसित किया है.
भारत की तटरेखा में लगभग 54 गीगावाट Ocean Energy क्षमता होने का अनुमान है. इसमें करीब 40 गीगावाट Wave Energy शामिल है.
Sindhuja I इस विशाल क्षमता को वास्तविकता में बदलने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
इसके अलावा IIT Madras ने Cochin Shipyard Limited के साथ साझेदारी की है. इस पहल के तहत 50 करोड़ रुपये का कोष बनाया गया है ताकि समुद्री क्षेत्र के स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता और Incubation समर्थन मिल सके.
फ्रांस के साथ साझेदारी से बढ़ेंगे अवसर
Blue Economy के क्षेत्र में फ्रांस भारत का स्वाभाविक साझेदार माना जाता है. फ्रांस के पास दुनिया के सबसे बड़े Exclusive Economic Zones में से एक है. देश के पास Offshore Energy और Ocean Science का व्यापक अनुभव भी है.
IFREMER और INRIA जैसे संस्थान भारत की क्षमताओं के पूरक साबित हो सकते हैं.
India France Year of इनोवेशन दोनों देशों के बीच सहयोग को नई ऊंचाई देने का अवसर है.
Marine Renewable Energy, Offshore Technology और Coastal Resilience जैसे क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान की बड़ी संभावनाएं हैं. Deep Sea Technology के क्षेत्र में भी दोनों देश मिलकर काम कर सकते हैं. क्योंकि चुनौतियां साझा हैं और महत्वाकांक्षाएं भी समान हैं.
भारतीय स्टार्टअप्स के लिए फ्रांस यूरोप के इनोवेशन Market, निवेश नेटवर्क और औद्योगिक साझेदारों तक पहुंच का महत्वपूर्ण द्वार बन सकता है.
Blue Economy भारत के भविष्य की नई कहानी
भारत आज ऐसे दौर में प्रवेश कर रहा है जहां समुद्र केवल व्यापार और परिवहन का माध्यम नहीं रह गया है. वह इनोवेशन, ऊर्जा, रोजगार, तकनीक और आर्थिक विकास का नया स्रोत बनता जा रहा है.
Bharat Innovates 2026 इसी परिवर्तन की झलक है. यह दिखाता है कि भारत अपने समुद्री संसाधनों को केवल प्राकृतिक संपदा के रूप में नहीं, बल्कि भविष्य की आर्थिक शक्ति के रूप में देख रहा है.
सरकार की नीतियां, IIT Madras जैसे संस्थानों का शोध, उभरते स्टार्टअप्स और अंतरराष्ट्रीय सहयोग मिलकर एक ऐसे Blue Economy Ecosystem का निर्माण कर रहे हैं जो आने वाले वर्षों में भारत की विकास यात्रा को नई दिशा दे सकता है.
समुद्र से दुनिया तक पहुंचने की यह यात्रा अभी शुरू हुई है. लेकिन इसके संकेत बता रहे हैं कि भारत वैश्विक Blue Economy में एक प्रमुख शक्ति बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है.
(लेखक IIT Madras के डायरेक्टर हैं. आलेख में व्यक्त विचार लेखक के हैं. YourStory का उनसे सहमत होना अनिवार्य नहीं है.)
Edited by Ravi Pareek



