बिहार सरकार 14600 एकड़ जमीन उद्योगों को देगी, नीतीश कैबिनेट में 26 प्रस्ताव मंजूर
बिहार सरकार ने 'बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025' लागू करने की घोषणा की है. इस पैकेज के तहत निवेशकों और नई औद्योगिक इकाइयों को कई तरह की वित्तीय और नीतिगत सुविधाएं दी जाएंगी. राज्य सरकार का दावा है कि इस पहल से आने वाले 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार के अवसर मिलेंगे.
बिहार सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि सरकार ने बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 (BIPPP-2025) लागू कर दिया है. यह पैकेज उद्योगों को प्रोत्साहन देने और युवाओं के लिए रोजगार सृजन करने में अहम भूमिका निभाएगा.
इस पैकेज के तहत निवेशकों और नई औद्योगिक इकाइयों को कई तरह की वित्तीय और नीतिगत सुविधाएं दी जाएंगी. सरकार का दावा है कि इस पहल से आने वाले 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार के अवसर मिलेंगे.
आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 26 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. सबसे अहम फैसलों में से एक है राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए जमीन आवंटन.
क्या हैं पैकेज की खास बातें?
इस नए औद्योगिक पैकेज 2025 में निवेशकों और उद्योगों को कई बड़ी सुविधाएं और रियायतें दी गई हैं, जैसे:
- ब्याज सब्सिडी: उद्योगों को 40 करोड़ रुपये तक की ब्याज सब्सिडी दी जाएगी.
- SGST की प्रतिपूर्ति: नई इकाइयों को स्वीकृत परियोजना लागत का 300 प्रतिशत तक शुद्ध SGST (State Goods and Services Tax) की प्रतिपूर्ति 14 सालों तक की जाएगी.
- पूंजीगत सब्सिडी: निवेशकों को 30 प्रतिशत तक पूंजीगत सब्सिडी मिलेगी.
- निर्यात प्रोत्साहन: निर्यात करने वाली इकाइयों को 14 साल तक हर वर्ष 40 लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी.
इसके साथ ही कौशल विकास, पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग, स्टाम्प ड्यूटी एवं भूमि रूपांतरण शुल्क की प्रतिपूर्ति की जाएगी. निजी औद्योगिक पार्कों को सहयोग दिया जाएगा और पेटेंट पंजीकरण एवं गुणवत्ता प्रमाणन के लिए भी मदद मिलेगी.
मुफ्त भूमि आवंटन की सुविधा
बिहार सरकार ने निवेश को और आकर्षक बनाने के लिए मुफ्त भूमि आवंटन की घोषणा की है.
सरकार ने 14,600 एकड़ जमीन उद्योगों को देने का निर्णय लिया है. इस फैसले से उम्मीद की जा रही है कि राज्य में नए निवेश आएंगे, रोज़गार के अवसर पैदा होंगे और बिहार औद्योगिक मानचित्र पर और मज़बूती से अपनी जगह बनाएगा.
100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने वाली और 1000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार देने वाली औद्योगिक इकाइयों को 10 एकड़ तक भूमि मुफ्त दी जाएगी.
1000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने वालों को 25 एकड़ तक भूमि मुफ्त दी जाएगी.
फॉर्च्यून 500 कंपनियों को भी 10 एकड़ तक भूमि मुफ्त आवंटित की जाएगी.
आवेदन की समयसीमा
इस पैकेज का लाभ लेने के लिए निवेशकों को 31 मार्च 2026 से पहले आवेदन करना होगा. निर्धारित समयसीमा के बाद आने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा. आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन होगी ताकि निवेशकों को किसी तरह की दिक्कत न हो. सरकार का लक्ष्य है कि समय पर आवेदन कर उद्योग जल्द शुरू किए जाएं और राज्य के युवाओं को तेजी से रोजगार मिल सके.
सलाहकारों की सैलरी भी बढ़ाई
कैबिनेट ने सलाहकारों की सैलरी में भी बढ़ोतरी को मंजूरी दी है. अब सलाहकारों को पहले की तुलना में अधिक मानदेय मिलेगा. सरकार का मानना है कि इससे बेहतर और अनुभवी पेशेवर राज्य के विकास कार्यों से जुड़ सकेंगे.
फर्स्टबिहार की एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य स्कीम मद से किसान सलाहकार योजना अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 से किसान सलाहकारों के मानदेय को 13,000/- से बढाकर 21,000/- रुपये प्रतिमाह भुगतान किया जायेगा. इसके लिए अतिरिक्त कुल सड़सठ करोड़ सतासी लाख दस हजार सात सौ छत्तीस रूपये की निकासी एवं व्यय की स्वीकृति प्रदान की गयी है. मानदेय की बढ़ी हुई दर 1 अप्रैल 2025 के प्रभाव से लागू होगी.
बिहार के लिए बड़ा अवसर
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य बिहार में उद्योगों को बढ़ावा देना, युवाओं को दक्ष और आत्मनिर्भर बनाना तथा राज्य में ही रोजगार के अवसर पैदा करना है. उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में बिहार औद्योगिक निवेश का बड़ा केंद्र बनेगा.
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पैकेज राज्य के औद्योगिक माहौल को मजबूत करेगा. इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा और बिहार के युवा राज्य छोड़ने के बजाय अपने घर पर ही काम कर पाएंगे.
बिहार सरकार का नया औद्योगिक पैकेज 2025 राज्य के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है. यदि इस योजना का सही क्रियान्वयन होता है तो बिहार जल्द ही निवेश और रोजगार के मामले में देश के प्रमुख राज्यों में गिना जाएगा.
गौरतलब हो कि इससे पहले, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में युवाओं और उद्यमियों के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं. उन्होंने कहा कि 2020 में ‘सात निश्चय-2’ के तहत किए गए वादे को पूरा करते हुए सरकार ने 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराया है. अब राज्य सरकार ने और बड़ा लक्ष्य रखा है—अगले पाँच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का संकल्प.
(नोट: लेख में ताजा जानकारियां जोड़ी गईं हैं, साथ ही हेडलाइन को बदलकर पाठकों की सुविधा और बेहतर संदर्भ के लिए इसे पुनः प्रकाशित किया गया है.)



