ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI लाएगी IPO, जमा किए ड्राफ्ट पेपर
सैन फ्रांसिस्को स्थित OpenAI ने ने कहा कि कंपनी ने अभी IPO की तारीख तय नहीं की है. यह प्रक्रिया पूरी होने में समय लग सकता है. हालांकि, ड्राफ्ट पेपर जमा करने से कंपनी के पास भविष्य में जल्दी पब्लिक होने का विकल्प मौजूद रहेगा.
दुनिया के सबसे लोकप्रिय AI चैटबॉट ChatGPT को बनाने वाली OpenAI ने शेयर बाजार में उतरने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. कंपनी ने अमेरिका के सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन के पास गोपनीय रूप से शुरुआती दस्तावेज जमा किए हैं. इससे भविष्य में कंपनी के IPO यानी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग का रास्ता खुल गया है.
सैन फ्रांसिस्को स्थित OpenAI ने सोमवार को इसकी जानकारी दी. कंपनी ने कहा कि उसने अभी IPO की तारीख तय नहीं की है. यह प्रक्रिया पूरी होने में समय लग सकता है. हालांकि, ड्राफ्ट पेपर जमा करने से कंपनी के पास भविष्य में जल्दी पब्लिक होने का विकल्प मौजूद रहेगा.
OpenAI का यह कदम ऐसे समय आया है जब AI सेक्टर की कई बड़ी कंपनियां शेयर बाजार की ओर बढ़ रही हैं. हाल ही में Anthropic ने भी IPO की दिशा में आगे बढ़ने की जानकारी दी थी. वहीं एलन मस्क की SpaceX भी निवेशकों के बीच अपनी पेशकश को लेकर सक्रिय है.
OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन पहले ही संकेत दे चुके थे कि कंपनी के लिए IPO सबसे संभावित रास्ता हो सकता है. उनका मानना है कि अत्याधुनिक AI तकनीक विकसित करने के लिए भारी पूंजी की जरूरत है और इसके लिए सार्वजनिक बाजार एक बड़ा स्रोत बन सकता है.

साल 2015 में OpenAI की शुरुआत एक गैर लाभकारी संगठन के रूप में हुई थी. इसका उद्देश्य मानवता के हित में AI विकसित करना था. समय के साथ कंपनी ने व्यावसायिक उत्पादों पर काम शुरू किया और आज इसकी वैल्यू लगभग 852 अरब डॉलर तक पहुंच चुकी है.
हालांकि कंपनी के सामने चुनौतियां भी कम नहीं हैं. Google का Gemini और Anthropic का Claude तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं. बाजार में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है.
ChatGPT को मिली शुरुआती बढ़त अब प्रतिस्पर्धियों की चुनौती का सामना कर रही है. लेकिन कंपनी को अपने बड़े खर्चों को संभालने के लिए विशाल पूंजी की जरूरत है और सार्वजनिक बाजार इसके लिए महत्वपूर्ण विकल्प बन सकता है.
IPO की दिशा में बढ़ने से पहले OpenAI ने अपने कारोबारी ढांचे में भी बदलाव किए थे. पिछले साल कंपनी ने खुद को पब्लिक बेनिफिट कॉरपोरेशन में बदला था, हालांकि उसका नियंत्रण अब भी एक गैर लाभकारी संस्था के पास है.
हाल ही में कंपनी ने एलन मस्क के साथ चल रही कानूनी लड़ाई में भी राहत हासिल की. मस्क ने OpenAI के कारोबारी ढांचे और नेतृत्व को चुनौती देते हुए मुकदमा दायर किया था, लेकिन अदालत में कंपनी को जीत मिली.
OpenAI ने अभी तक अपनी आय और मुनाफे से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है. कंपनी पर AI इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक विकास का भारी खर्च है. यही वजह है कि वह अभी भी बड़े पैमाने पर निवेश पर निर्भर है.
OpenAI की चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर सारा फ्रायर ने कुछ समय पहले कहा था कि कंपनी पहले से ही खुद को एक पब्लिक कंपनी की तरह तैयार कर रही है. उनके अनुसार, OpenAI अपनी आय और वित्तीय आंकड़ों को उसी तरह माप रही है जैसे किसी सूचीबद्ध कंपनी को करना पड़ता है.
सारा फ्रायर का कहना है कि सार्वजनिक बाजार निजी निवेश बाजारों की तुलना में कहीं बड़ा होता है. साथ ही, एक पब्लिक कंपनी बनने से निवेशकों और नियामकों के बीच भरोसा भी बढ़ता है.
इस बीच सैम ऑल्टमैन ने OpenAI के भविष्य को लेकर अपनी बड़ी योजनाओं का भी जिक्र किया है. उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य एक ऐसा AI शोधकर्ता तैयार करना है जो कई काम खुद कर सके, आर्थिक विकास को गति दे और दुनिया के हर व्यक्ति तक उन्नत AI की पहुंच सुनिश्चित करे.
ऑल्टमैन का मानना है कि AI आने वाले वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था को बदल देगा. इसलिए OpenAI यह सुनिश्चित करना चाहती है कि इस तकनीक से मिलने वाले लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचें.
AI की दुनिया में तेजी से बदलते हालात के बीच OpenAI का यह कदम टेक इंडस्ट्री के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है. अब निवेशकों और बाजार की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी आखिर कब अपने शेयर आम लोगों के लिए पेश करती है.



