BatX Energies को मिली 105 करोड़ रुपये की Series A फंडिंग
BatX Energies ने IvyCap Ventures की अगुवाई में 105 करोड़ रुपये की Series A फंडिंग जुटाई है. कंपनी इस फंडिंग का उपयोग बैटरी रीसाइक्लिंग, क्रिटिकल मिनरल रिकवरी और घरेलू सप्लाई चेन के विस्तार के लिए करेगी.
बैटरी रीसाइक्लिंग और क्रिटिकल मिनरल रिकवरी कंपनी BatX Energies ने Series A फंडिंग राउंड में 105 करोड़ रुपये हासिल किए हैं. इस राउंड की अगुवाई IvyCap Ventures ने की. कंपनी के मौजूदा निवेशक Zephyr Peacock, Mankind Pharma Family Office, Excel Industries Family Office और JITO ने भी इसमें हिस्सा लिया.
कंपनी इस नई फंडिंग का इस्तेमाल अपनी बैटरी रीसाइक्लिंग और मिनरल रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाने में करेगी. इसके साथ ही रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) को मजबूत किया जाएगा. BatX Energies भारत में बैटरी के लिए जरूरी कच्चे माल की घरेलू सप्लाई चेन तैयार करने पर भी तेजी से काम करेगी.
आज भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल, रिन्यूएबल एनर्जी और एनर्जी स्टोरेज का बाजार तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में लिथियम, कोबाल्ट, निकेल और ग्रेफाइट जैसे क्रिटिकल मिनरल्स की मांग लगातार बढ़ रही है. इन खनिजों की उपलब्धता देश की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास के लिए काफी अहम मानी जा रही है.
BatX Energies ने बैटरी रीसाइक्लिंग और क्रिटिकल मिनरल रिकवरी सेक्टर में अपनी टेक्नोलॉजी को व्यावसायिक स्तर पर साबित किया है. कंपनी पुरानी बैटरियों और मैन्युफैक्चरिंग स्क्रैप से बैटरी ग्रेड कच्चा माल निकालकर दोबारा बाजार में उपलब्ध करा रही है. इससे एक सर्कुलर इकोनॉमी बनाने में मदद मिल रही है और आयात पर निर्भरता भी कम हो सकती है.
BatX Energies के को-फाउंडर और CEO उत्कर्ष सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि उनकी टीम, ग्राहकों, साझेदारों और निवेशकों के भरोसे का परिणाम है. उन्होंने कहा कि कंपनी ने भारत में मजबूत रीसाइक्लिंग और रिफाइनिंग क्षमता विकसित की है. अब IvyCap Ventures और मौजूदा निवेशकों के सहयोग से BatX Energies वैश्विक बाजारों में भी विस्तार करने की तैयारी कर रही है. उनका कहना है कि दुनिया के कई देश क्रिटिकल मिनरल्स की सुरक्षित और टिकाऊ सप्लाई की चुनौती का सामना कर रहे हैं. ऐसे में BatX Energies वैश्विक स्तर पर मजबूत और टिकाऊ सप्लाई चेन बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है.
वहीं कंपनी के को-फाउंडर और CTO विक्रांत सिंह ने कहा कि टेक्नोलॉजी उनकी सबसे बड़ी ताकत है. BatX Energies को अब तक चार पेटेंट मिल चुके हैं और कई अन्य पेटेंट प्रक्रिया में हैं. कंपनी ऐसी रिफाइनिंग टेक्नोलॉजी तैयार कर रही है जो अधिक उत्पादन दे और कम लागत पर बड़े स्तर पर काम कर सके. उन्होंने बताया कि कंपनी अब Cathode Active Materials (CAM) के उत्पादन की दिशा में भी आगे बढ़ रही है. इससे बैटरी वैल्यू चेन में अधिक मूल्य जोड़ा जा सकेगा. उनका मानना है कि भारत की मजबूत केमिकल इंजीनियरिंग क्षमता BatX Energies को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने में मदद करेगी.
IvyCap Ventures के फाउंडर और मैनेजिंग पार्टनर विक्रम गुप्ता ने कहा कि भारत की ऊर्जा परिवर्तन यात्रा के लिए क्रिटिकल मिनरल्स की सुरक्षित और टिकाऊ उपलब्धता बेहद जरूरी है. उनके अनुसार BatX Energies ने बैटरी सामग्री की रिकवरी, रिफाइनिंग और दोबारा उपयोग के लिए मजबूत टेक्नोलॉजी तैयार की है. यह आर्थिक और रणनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि IvyCap Ventures कंपनी के साथ इस सफर में साझेदारी को लेकर उत्साहित है.
Zephyr Peacock के मैनेजिंग डायरेक्टर पंकज रैना ने कहा कि मौजूदा निवेशक होने के नाते उन्हें कंपनी की लंबी अवधि की संभावनाओं पर पूरा भरोसा है. उनके अनुसार यह नई फंडिंग BatX Energies को अपनी टेक्नोलॉजी का विस्तार करने, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और भारत के साथ साथ वैश्विक स्तर पर बैटरी सामग्री की सर्कुलर सप्लाई चेन बनाने में मदद करेगी. उन्होंने कहा कि Zephyr Peacock आगे भी कंपनी के विकास में सहयोग करता रहेगा.



