ConveGenius.AI और बिहार सरकार मिलकर बनाएंगे आत्मनिर्भर AI इंफ्रास्ट्रक्चर
बिहार सरकार ने ConveGenius.AI के साथ MoU किया है. इस साझेदारी के तहत राज्य का अपना Atmanirbhar AI Stack और B-ONT नॉलेज ग्राफ तैयार होगा. इसका इस्तेमाल सरकारी सेवाओं, AI स्किलिंग, युवाओं की तैयारी और नागरिक सेवाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा.
बिहार अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में अपनी मजबूत पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. इसी कड़ी में AI-समर्थित शिक्षा और स्किलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी ConveGenius.AI ने बिहार सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी (IT) विभाग के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) साइन किया है.
इस साझेदारी का उद्देश्य बिहार के लिए अपना AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है. इसे राज्य के संदर्भ, जरूरतों और डेटा के आधार पर विकसित किया जाएगा. खास बात यह है कि AI से जुड़ा डेटा और उसकी गवर्नेंस का नियंत्रण बिहार सरकार के पास रहेगा.
यह MoU पटना में साइन किया गया. इस मौके पर बिहार सरकार के IT मंत्री नीतीश मिश्रा, IT विभाग के डिप्टी सेक्रेटरी शाहनवाज अहमद नियाज़ी और ConveGenius.AI के को-फाउंडर और CEO जयराज भट्टाचार्य मौजूद रहे.
AI में आत्मनिर्भर बनेगा बिहार
इस साझेदारी के तहत बिहार में AI का एक ऐसा सिस्टम तैयार किया जाएगा, जिसे राज्य के भीतर बनाया और संचालित किया जाएगा. सरकार अपने डेटा और AI से जुड़े नियमों पर नियंत्रण बनाए रखेगी. सिस्टम में पारदर्शिता और जरूरी सुरक्षा मानकों का भी ध्यान रखा जाएगा.
इसका इस्तेमाल बिहार की जरूरतों के हिसाब से AI मॉडल और सेवाएं तैयार करने में किया जा सकेगा. इससे अलग अलग सरकारी विभागों के लिए AI आधारित सेवाएं विकसित करना आसान हो सकता है.
B-ONT बनेगा बिहार का डिजिटल नॉलेज नेटवर्क
इस साझेदारी का एक अहम हिस्सा B-ONT है. यह बिहार की सरकारी योजनाओं और सेवाओं का एक ऑंटोलॉजिकल माइंड मैप होगा.
आसान भाषा में समझें तो B-ONT एक तरह का नॉलेज ग्राफ होगा. इसमें राज्य की योजनाओं, सेवाओं और उनसे जुड़ी जानकारी को एक साथ जोड़ा जाएगा. इससे AI एजेंट सरकारी सिस्टम को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे.
इसका फायदा आम नागरिकों को भी मिल सकता है. AI एजेंट लोगों को उनकी जरूरत के अनुसार सरकारी योजनाओं और सेवाओं तक पहुंचने में मदद कर सकेंगे.
B-ONT को राज्य की डिजिटल और बौद्धिक संपत्ति के रूप में विकसित किया जाएगा. इसके आधार पर अलग-अलग विभागों के लिए कई AI एजेंट और सेवाएं बनाई जा सकेंगी. इससे विभागों के बीच बेहतर तालमेल और नई सार्वजनिक सेवाएं विकसित करने की संभावना बढ़ेगी.
युवाओं की AI स्किलिंग पर भी होगा जोर
इस साझेदारी का फोकस केवल सरकारी सेवाओं तक सीमित नहीं रहेगा. बिहार में युवाओं को AI से जुड़ी नई क्षमताएं सिखाने पर भी जोर दिया जाएगा.
AI इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए ऐसे स्किलिंग प्रोग्राम तैयार किए जाएंगे, जो युवाओं को भविष्य की नौकरियों और नए उद्योगों के लिए तैयार कर सकें. इसके साथ ही कामगारों, तकनीशियनों और कारोबारों को भी AI अपनाने में मदद दी जाएगी.
यह पहल प्रधानमंत्री के 1 करोड़ युवाओं को AI की क्षमता से जोड़ने के विजन के साथ भी जुड़ी हुई है.
ConveGenius.AI पिछले 12 वर्षों से भारत के अलग-अलग राज्यों में बड़े स्तर पर टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है. कंपनी का खास अनुभव शिक्षा के क्षेत्र में रहा है.
अब कंपनी इसी अनुभव का इस्तेमाल AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में करेगी. इसका इस्तेमाल शिक्षा, स्किलिंग और नागरिक सेवाओं के लिए किया जाएगा.
कंपनी भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए AWS, Adobe, Intel, Google और Snowflake जैसे ग्लोबल टेक्नोलॉजी पार्टनर्स की क्षमताओं को भी साथ ला रही है.
इस मॉडल में ग्लोबल टेक्नोलॉजी के साथ स्थानीय जरूरतों को जोड़ा जाएगा. साथ ही राज्य के स्तर पर डेटा और गवर्नेंस का नियंत्रण बनाए रखने पर जोर रहेगा.
बिहार के लिए नई टेक्नोलॉजी संभावनाएं
ConveGenius.AI के को फाउंडर और CEO जयराज भट्टाचार्य ने कहा कि शिक्षा और स्किलिंग को संप्रभु AI की क्षमता के साथ जोड़ना बड़ा बदलाव ला सकता है.
उन्होंने कहा कि बिहार की प्रस्तावित AI नीति को लेकर कंपनी उत्साहित है. उनके मुताबिक बिहार के लिए तैयार किया जाने वाला सेमांटिक ऑंटोलॉजी सिस्टम राज्य की अलग अलग सेवाओं और विभागों को जोड़ने में मदद करेगा. इससे बिहार के लिए नए राजस्व अवसर भी पैदा हो सकते हैं.
कंपनी को UBS Optimus Foundation, Michael & Susan Dell Foundation, Octave Capital, Mount Judi Ventures और 3Lines Venture Capital जैसे वैश्विक निवेशकों का समर्थन मिला हुआ है.
इस साझेदारी के जरिए बिहार में एक ऐसा AI इकोसिस्टम तैयार करने की कोशिश है, जो राज्य को तकनीकी रूप से ज्यादा आत्मनिर्भर बनाए. इससे स्थानीय AI टैलेंट को बढ़ावा देने, युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने और नागरिकों को सरकारी सेवाएं आसान तरीके से उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है.
Edited by Ravi Pareek


