डीपटेक स्टार्टअप Ethereal Machines को मिली $28.5 मिलियन की सीरीज B फंडिंग
Ethereal Machines की स्थापना साल 2014 में कौशिक मुड्डा और नवीन जैन ने की थी. कंपनी इस फंडिंग का उपयोग भारत की एडवांस्ड प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को मजबूत करने के लिए करेगी.
बेंगलुरु स्थित डीपटेक प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Ethereal Machines ने 28.5 मिलियन डॉलर की सीरीज B फंडिंग जुटाई है. इस राउंड का नेतृत्व Avataar Ventures ने किया. इसमें Peak XV Partners और अन्य निवेशकों ने भी हिस्सा लिया.
Ethereal Machines की स्थापना साल 2014 में कौशिक मुड्डा और नवीन जैन ने की थी. कंपनी इस फंडिंग का उपयोग भारत की एडवांस्ड प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को मजबूत करने के लिए करेगी. इसका लक्ष्य एयरोस्पेस, डिफेंस, हेल्थकेयर और सेमीकंडक्टर जैसे सेक्टर्स के लिए उच्च गुणवत्ता वाले कंपोनेंट्स का घरेलू स्तर पर निर्माण बढ़ाना है, जिन्हें अब तक बड़ी मात्रा में विदेशों से आयात करना पड़ता था.
यह फंडिंग ऐसे समय में आई है जब कंपनी तेजी से विकास कर रही है. जून 2024 में 13 मिलियन डॉलर की सीरीज A फंडिंग के बाद Ethereal Machines ने अपने Machining-as-a-Service (MaaS) कारोबार की आय में साल दर साल तीन गुना वृद्धि दर्ज की है. वहीं उसकी उत्पादन क्षमता दस गुना तक बढ़ी है.
कंपनी वर्तमान में बेंगलुरु के पीन्या क्षेत्र में भारत की पहली पूरी तरह ऑटोमेटेड स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट संचालित कर रही है. यह यूनिट चौबीसों घंटे और तीन शिफ्टों में काम करती है. इसके अलावा कंपनी ने कर्नाटक सरकार के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत बेंगलुरु में मेगा फैक्ट्री लगाई जाएगी.
पिछले दो वर्षों में कंपनी ने Aura और Nimbus नाम से अपने स्वदेशी CNC मशीन प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किए हैं. ये मशीनें दस माइक्रोन से कम सटीकता हासिल करने में सक्षम हैं, जिसे भारत की मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
Ethereal Machines इस फंडिंग का उपयोग भारत का पहला स्वदेशी मल्टी एक्सिस CNC कंट्रोलर विकसित करने में भी करेगी. CNC कंट्रोलर किसी भी मशीन का कोर कंट्रोल सिस्टम होता है और यही मशीनों को अत्यधिक सटीकता के साथ संचालित करता है.
Ethereal Machines के को-फाउंडर और CEO कौशिक मुड्डा ने कहा कि भारत के पास हमेशा से विश्वस्तरीय इंजीनियरिंग प्रतिभा रही है, लेकिन वैश्विक स्तर की औद्योगिक क्षमताओं की कमी महसूस होती थी. उनका मानना है कि दुनिया आज वैश्विक विनिर्माण के नए विकल्प तलाश रही है और भारत के पास एक बड़ी अवसर खिड़की मौजूद है. उन्होंने कहा कि कंपनी प्रिसिजन CNC सिस्टम, स्मार्ट फैक्ट्री सॉफ्टवेयर और बड़े पैमाने पर स्वचालित उत्पादन के जरिए इसी दिशा में काम कर रही है.
Avataar Ventures के पार्टनर अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि Ethereal Machines भारत से वैश्विक स्तर के उच्च सटीकता वाले कंपोनेंट्स बनाने की जटिल चुनौती को सफलतापूर्वक हल कर रही है. उन्होंने कहा कि कंपनी की तकनीक और लागत दक्षता उसे वैश्विक प्रतिस्पर्धियों से अलग बनाती है.
Peak XV Partners के मैनेजिंग डायरेक्टर राजन आनंदन ने कहा कि भारत प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है. वैश्विक कंपनियां मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन की तलाश कर रही हैं और ऐसे समय में Ethereal Machines जैसी कंपनियां भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं.
वर्तमान में भारत की GDP में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की हिस्सेदारी लगभग 17 प्रतिशत है. इसके बावजूद देश अब भी जर्मनी और जापान जैसे देशों से बड़ी मात्रा में प्रिसिजन मशीन टूल्स आयात करता है. विशेषज्ञों का मानना है कि चीन प्लस वन रणनीति और एयरोस्पेस तथा रक्षा क्षेत्रों में बढ़ती मांग के कारण भारतीय कंपनियों के पास वैश्विक बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का सुनहरा अवसर है.



