स्पेसटेक स्टार्टअप Digantara को मिली 50 मिलियन डॉलर की फंडिंग
इस फंडिंग का इस्तेमाल Digantara भारत और अमेरिका के अलावा वैश्विक स्तर पर विस्तार के लिए करेगी. कंपनी नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स खोलेगी, जिनमें ऑप्टिकल सिस्टम, सैटेलाइट निर्माण शामिल है. इसके साथ ही अगले एक साल में कंपनी अपनी रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) टीम को भी दोगुना करने की योजना पर काम कर रही है.
स्पेस सर्विलांस और इंटेलिजेंस स्टार्टअप Digantara Industries ने अपने सीरीज़ B फंडिंग राउंड में 50 मिलियन डॉलर यानी करीब 415 करोड़ रुपये जुटाए हैं. इस राउंड में 360 ONE Asset, SBI Investments Co Japan और जाने-माने उद्यमी रॉनी स्क्रूवाला जैसे नए निवेशकों ने हिस्सा लिया है. वहीं, मौजूदा निवेशक Peak XV Partners और Kalaari Capital ने भी कंपनी में अपना भरोसा बनाए रखा है.
इस फंडिंग का इस्तेमाल Digantara भारत और अमेरिका के अलावा वैश्विक स्तर पर विस्तार के लिए करेगी. कंपनी नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स खोलेगी, जिनमें ऑप्टिकल सिस्टम और सैटेलाइट निर्माण शामिल है. इसके साथ ही अगले एक साल में कंपनी अपनी रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) टीम को भी दोगुना करने की योजना पर काम कर रही है.
Digantara आने वाले समय में स्पेस सिक्योरिटी को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. कंपनी 2026 से 2027 के बीच 15 स्पेस बेस्ड स्पेस सर्विलांस सैटेलाइट और 2 मिसाइल वार्निंग सैटेलाइट लॉन्च करने की तैयारी कर रही है. इन सैटेलाइट्स का मकसद अंतरिक्ष में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखना और संभावित खतरों की समय रहते पहचान करना है.
इस निवेश के साथ Digantara केवल स्पेस सिचुएशनल अवेयरनेस तक सीमित नहीं रहना चाहती. अब कंपनी एक फुल स्टैक स्पेस सर्विलांस और इंटेलिजेंस कंपनी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है. इसका मतलब है कि Digantara खुद का हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और इंटेलिजेंस सिस्टम विकसित कर रही है, जिससे देशों की राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक आत्मनिर्भरता मजबूत हो सके.
Digantara के फाउंडर और CEO अनिरुद्ध शर्मा का कहना है कि अब स्पेस सिर्फ एक नई सीमा नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का नया हाई ग्राउंड बन चुका है. भविष्य में खतरे उन जगहों से आएंगे, जहां सेंसिंग, ऑटोमेशन और रियल टाइम फैसले बेहद अहम होंगे. यह फंडिंग कंपनी को तेजी से ऑपरेशनल बनने, अमेरिका और यूरोप में विस्तार करने और मिसाइल ट्रैकिंग जैसे नए प्रोग्राम्स पर काम करने में मदद करेगी.
360 ONE Asset के CIO और हेड समीर नाथ ने कहा कि Digantara की सबसे बड़ी ताकत इसका फुल स्टैक अप्रोच है. टीम की तकनीकी समझ और बिजनेस विजन का मेल इसे लंबे समय के लिए एक मजबूत कंपनी बनाता है. ऐसे मिशन क्रिटिकल सेक्टर में काम करने वाले फाउंडर्स को सपोर्ट करना उनके लिए अहम है.
वर्तमान में Digantara की मौजूदगी भारत, सिंगापुर और अमेरिका में है. कंपनी 2026 के मध्य तक यूरोप में भी अपने ऑपरेशंस शुरू करने की योजना बना रही है. Digantara को दुनियाभर की सरकारों और डिफेंस एजेंसियों से बड़े ऑर्डर और मिशन कॉन्ट्रैक्ट्स मिल रहे हैं, जो इसके सिस्टम पर बढ़ते भरोसे को दिखाते हैं.
कंपनी का इंटीग्रेटेड इन्फ्रास्ट्रक्चर AIRA स्पेस और ग्राउंड बेस्ड सिस्टम्स को एक साथ जोड़ता है. इसमें SCOT सैटेलाइट सीरीज शामिल है, जो स्पेस सर्विलांस के लिए डिजाइन की गई है. ALBATROSS सीरीज मिसाइल अर्ली वार्निंग और ट्रैकिंग के लिए बनाई जा रही है. वहीं SKYGATE ग्राउंड बेस्ड सेंसर नेटवर्क है, जो लगातार निगरानी में मदद करता है.
इन सभी सिस्टम्स के जरिए Digantara लगभग रियल टाइम में खतरों की पहचान और विश्लेषण करने में सक्षम है. इससे Space MAP और STARS जैसे इसके प्लेटफॉर्म्स को तुरंत और सटीक डेटा मिलता है, जो सुरक्षा से जुड़े फैसलों में अहम भूमिका निभाता है.
साल 2020 में स्थापित Digantara Industries भारत की उन चुनिंदा स्पेस टेक कंपनियों में शामिल है, जो अंतरिक्ष में सुरक्षा, निगरानी और सस्टेनेबिलिटी को लेकर नई परिभाषा गढ़ रही हैं. यह फंडिंग कंपनी को ग्लोबल स्पेस इंटेलिजेंस लीडर बनने की दिशा में और मजबूत बनाएगी.
360 ONE Asset के CIO और वेंचर कैपिटल एवं प्राइवेट इक्विटी प्रमुख समीर नाथ ने कहा, “Digantara में जो बात हमें सबसे प्रभावित करती है वह है संपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर खुद बनाने की उनकी प्रतिबद्धता. शुरू से ही फाउंडिंग टीम की तकनीकी विशेषज्ञता और व्यावसायिक कौशल का संयोजन उल्लेखनीय रहा है, यही दीर्घकालिक सफलता की कुंजी है. हम सेंसिंग, ऑटोनॉमी और डाउनस्ट्रीम एप्लीकेशंस में मिशन-क्रिटिकल क्षमताएं विकसित करने वाले संस्थापकों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.”



