DPIIT ने Primus Partners और Kotak Mahindra Bank के साथ किया करार, स्टार्टअप इकोसिस्टम को मिलेगा बढ़ावा
DPIIT ने दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoUs) साइन किए हैं—एक Primus Partners के साथ और दूसरा Kotak Mahindra Bank के साथ. इन साझेदारियों का उद्देश्य भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को और मजबूत बनाना, वित्तीय सहायता बढ़ाना, और उद्यमियों के लिए एक सक्षम और सहयोगी माहौल तैयार करना है.
भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम आज दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते इनोवेशन नेटवर्क्स में से एक बन चुका है. 1 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स और 100 से ज्यादा यूनिकॉर्न्स के साथ भारत अब सिर्फ एक स्टार्टअप हब नहीं, बल्कि इनोवेशन (नवाचार) के मामले में दुनियाभर के नक्शे पर उभरती ताकत है. इस गति को और बढ़ाने के लिए भारतीय उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) लगातार नई साझेदारियों और नीतिगत पहलों पर काम कर रहा है.
इसी दिशा में, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले DPIIT ने दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं—एक Primus Partners के साथ और दूसरा Kotak Mahindra Bank के साथ. इन साझेदारियों का उद्देश्य भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को और मजबूत बनाना, वित्तीय सहायता बढ़ाना, और उद्यमियों के लिए एक सक्षम और सहयोगी माहौल तैयार करना है.
Primus Partners के साथ साझेदारी
DPIIT और Primus Partners Pvt. Ltd. के बीच यह करार स्टार्टअप्स के शुरुआती और विकास चरण में व्यापक सहायता सुनिश्चित करेगा. इसके तहत स्टार्टअप्स को विशेषज्ञ मेंटरशिप, क्षमता निर्माण कार्यक्रम, बाजार तक पहुंच, नीतिगत जानकारी और तकनीकी एकीकरण में मदद मिलेगी.
DPIIT के संयुक्त सचिव श्री संजिव ने कहा, “यह साझेदारी भारत के इनोवेशन-आधारित विकास मॉडल को और सशक्त बनाएगी. हम नीति, उद्योग और नवाचार के बीच तालमेल बढ़ाकर स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं.”
Primus Partners के को-फाउंडर और चेयरमैन श्री दविंदर संधू ने कहा कि इस सहयोग से स्टार्टअप समुदाय को अनुभव, विशेषज्ञता और उद्योग संपर्कों का लाभ मिलेगा.
उन्होंने आगे कहा, “हमारा उद्देश्य एक ऐसा मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार करना है जो उद्यमियों को उनके विचारों को व्यवहार में बदलने में मदद करे.”
Kotak Mahindra Bank के साथ साझेदारी
DPIIT ने Kotak Mahindra Bank Ltd. के साथ भी एक महत्वपूर्ण MoU पर हस्ताक्षर किए हैं. इस साझेदारी के ज़रिए भारत के स्टार्टअप्स को वित्तीय और गैर-वित्तीय दोनों तरह की सहायता मिलेगी.
इस सहयोग के तहत बैंक DPIIT-पंजीकृत स्टार्टअप्स को ज़ीरो बैलेंस करेंट अकाउंट, वर्किंग कैपिटल लोन, टर्म लोन, API-आधारित बैंकिंग प्लेटफॉर्म, डिजिटल पेमेंट सॉल्यूशंस, और स्टार्टअप कार्ड्स जैसी सुविधाएं देगा. इसके अलावा बैंक मेंटरशिप, निवेश परामर्श, इन्क्यूबेशन सहायता और नेटवर्किंग अवसर भी प्रदान करेगा, ताकि स्टार्टअप्स विचार से लेकर विस्तार तक अपने सफर में मजबूत बने रहें.
DPIIT के संयुक्त सचिव श्री संजिव ने कहा, “यह साझेदारी हमारे नवाचार तंत्र को और समावेशी बनाएगी. नीति, उद्योग और वित्त को जोड़कर हम ऐसा वातावरण बनाना चाहते हैं, जिसमें हर उद्यमी को अपने विचार को साकार करने के लिए सही संसाधन मिलें.”
Kotak Mahindra Bank के अध्यक्ष श्री राघवेंद्र सिंह ने कहा कि यह पहल स्टार्टअप्स को उनके बिजनेस मॉडल को स्केल करने में मदद करेगी.
उन्होंने कहा, “Kotak की फाइनेंशियल विशेषज्ञता और DPIIT की नीति-निर्देशन क्षमता मिलकर भारत में उद्यमिता की नई लहर को गति देंगी.”
भारत के स्टार्टअप्स के लिए नई ऊर्जा
DPIIT की ये दोनों साझेदारियां भारत की स्टार्टअप नीति को और गतिशील बनाती हैं. सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है—भारत को ‘ग्लोबल स्टार्टअप हब’ बनाना, जहां नवाचार, तकनीक और उद्यमिता एक साथ आगे बढ़ें.
पिछले कुछ वर्षों में DPIIT ने Startup India, MAARG Mentorship Platform, National Startup Awards, और State Startup Rankings जैसी कई योजनाएं शुरू की हैं. अब इन नई साझेदारियों से इन पहलों को जमीन पर और मजबूती मिलने की उम्मीद है.
यह कदम न सिर्फ स्टार्टअप्स को पूंजी, मार्गदर्शन और नेटवर्किंग अवसर देगा, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा और रोजगार सृजन के नए अवसर प्रदान करेगा.
DPIIT की Primus Partners और Kotak Mahindra Bank के साथ हुई ये साझेदारियां भारत में इनोवेशन और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नया आकार देगी, एक ऐसा भारत जहां हर विचार को बढ़ने, सीखने और सफल होने का मौका मिलेगा.



