Econovus Packaging को Rainmatter की अगुवाई में मिली 40 करोड़ रुपये की फंडिंग
पुणे की Econovus Packaging ने प्री-सीरीज A फंडिंग राउंड में Rainmatter की अगुवाई में 40 करोड़ रुपये जुटाए हैं. कंपनी इस निवेश से नई मैन्युफैक्चरिंग युनिट और डिजाइन केंद्र स्थापित करेगी. इसका लक्ष्य टिकाऊ पैकेजिंग समाधान के साथ ऑटोमोबाइल, लिथियम आयन बैटरी और औद्योगिक क्षेत्रों में विस्तार करना है.
पैकेजिंग स्टार्टअप Econovus Packaging ने अपने प्री-सीरीज A फंडिंग राउंड में 40 करोड़ रुपये जुटाए हैं. इस राउंड की अगुवाई Zerodha के Rainmatter ने की और इसमें Rockstud Capital ने भी निवेश किया है.
यह कंपनी की पहली संस्थागत फंडिंग है. खास बात यह है कि जनवरी 2019 में शुरू हुई Econovus Packaging अब तक बिना बाहरी निवेश के चल रही थी और शुरुआत से ही मुनाफे में काम कर रही है.
कंपनी इस नई फंडिंग का इस्तेमाल पुणे में एक नई इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए करेगी. इसके साथ ही एक समर्पित डिजाइन केंद्र भी बनाया जाएगा. इसका उद्देश्य भारतीय औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला और वैश्विक निर्यात बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत करना है.
पुणे स्थित Econovus Packaging उद्योगों के लिए जरूरत के अनुसार पैकेजिंग डिजाइन और पैकेजिंग समाधान तैयार करती है. इससे ग्राहकों के लिए पैकेजिंग की लागत कम होती है. साथ ही कार्बन उत्सर्जन भी घटता है.
Econovus Packaging के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर रमेश प्रसाद ने कहा कि भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का भविष्य ऐसी पैकेजिंग पर निर्भर करेगा जो मजबूत होने के साथ पर्यावरण के अनुकूल भी हो. उन्होंने कहा कि पिछले सात वर्षों में कंपनी ने डिजाइन, इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मजबूत आधार तैयार किया है. यह फंडिंग कंपनी को तेजी से विस्तार करने और शून्य अपशिष्ट पैकेजिंग को बढ़ावा देने में मदद करेगी.
कंपनी अब ऑटोमोबाइल, लिथियम आयन बैटरी, सौर अवसंरचना, इस्पात, रक्षा और अन्य औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखलाओं जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में अपनी पहुंच मजबूत करना चाहती है.
Rainmatter में क्लाइमेट और डीप टेक के हेड अभिनव सिंह नेगी ने कहा कि भारत में पारंपरिक औद्योगिक पैकेजिंग अभी भी काफी लागत, सामग्री की बर्बादी और कार्बन उत्सर्जन का कारण बनती है. उन्होंने कहा कि Econovus Packaging ऐसे समाधान तैयार कर रही है जो हल्के हैं, पुनर्चक्रण योग्य हैं और कम लागत वाले भी हैं. इससे कंपनियों की लॉजिस्टिक्स लागत घटती है और आपूर्ति श्रृंखला अधिक टिकाऊ बनती है.
यह निवेश ऐसे समय में आया है जब भारत का इंजीनियरिंग निर्यात रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है. भारत सरकार के अनुसार देश का इंजीनियरिंग निर्यात बढ़कर 122.43 अरब डॉलर हो गया है. यह भारत के कुल वस्तु निर्यात का लगभग 28 प्रतिशत हिस्सा है.
जैसे-जैसे भारत की औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला वैश्विक बाजार से जुड़ रही है, वैसे-वैसे अंतरराष्ट्रीय मानकों वाली टिकाऊ पैकेजिंग की मांग भी तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में Econovus Packaging इस अवसर का लाभ उठाते हुए भारत और दुनिया के बाजारों में अपनी मजबूत पहचान बनाने की तैयारी कर रही है.



