फिनटेक स्टार्टअप POP को Razorpay से मिली 250 करोड़ रु की फंडिंग
POP ने Razorpay से 30 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई है. यह निवेश भारत में डिजिटल पेमेंट्स, रिवॉर्ड्स और D2C कॉमर्स को नया रूप देगा. POP का मकसद है हर UPI ट्रांजैक्शन को रिवॉर्डिंग बनाना और मर्चेंट्स के लिए CAC कम करना.
तेजी से आगे बढ़ रही कंज्यूमर पेमेंट्स कंपनी ने से 30 मिलियन डॉलर (लगभग 250 करोड़ रुपये) की फंडिंग हासिल की है. Razorpay का यह बड़ा इन्वेस्टमेंट भारत में डिजिटल पेमेंट्स और कॉमर्स को नए आयाम देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. इसका मुख्य उद्देश्य है – मर्चेंट्स के लिए कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट (CAC) को कम करना और उपभोक्ताओं के लिए रिवॉर्ड्स को और बेहतर बनाना.
POP क्या करता है?
POP एक यूनिक UPI (Unified Payments Interface) पेमेंट्स ऐप है जो पेमेंट्स, कॉमर्स और क्रेडिट को एक ही प्लेटफॉर्म पर एकत्र करता है, और हर लेन-देन को रिवॉर्डिंग बनाता है. इसका खास फीचर है – POPcoins, जो एक मल्टी-ब्रांड, ब्रांड-फंडेड रिवॉर्ड्स करेंसी है. यूजर्स जब भी POP से पेमेंट करते हैं, शॉपिंग करते हैं या POP क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो उन्हें POPcoins मिलते हैं जिन्हें वे POP के मर्चेंट नेटवर्क पर डिस्काउंट के रूप में रिडीम कर सकते हैं.
अब तक की ग्रोथ
फिनटेक स्टार्टअप POP ने जून 2024 में अपना UPI प्लेटफॉर्म लॉन्च किया था. कंपनी का दावा है कि इसने सिर्फ एक साल में ही 6 लाख से ज्यादा डेली ट्रांजैक्शन, 10 लाख मंथली एक्टिव यूजर्स, 2 लाख से ज्यादा मंथली शिपमेंट्स और 40,000 से अधिक RuPay क्रेडिट कार्ड्स जारी किए हैं (Yes Bank के साथ को-ब्रांडेड कार्ड्स के रूप में).
POP का विज़न
POP के फाउंडर भार्गव एरंगी का कहना है, “भारत को एक और कैशबैक ऐप की नहीं, बल्कि लॉन्ग-टर्म वैल्यू देने वाली रिवॉर्ड्स इकोनॉमी की जरूरत है. POPcoins का मकसद है यूजर की हैबिट बनाना, मर्चेंट्स के लिए रिटेंशन बढ़ाना और CAC कम करना. Razorpay के साथ मिलकर हम एक लॉयल्टी-फर्स्ट पेमेंट्स ईकोसिस्टम तैयार करना चाहते हैं.”
क्या बोले निवेशक?
Razorpay के को-फाउंडर और सीईओ हर्षिल माथुर ने कहा, “आज D2C (Direct-to-Consumer) ब्रांड्स को सिर्फ पेमेंट सॉल्यूशन नहीं, बल्कि ऐसे टूल्स की जरूरत है जो लॉयल्टी और रीपीट पर्चेज बढ़ा सकें. POP इस गैप को पूरी तरह भरता है.”
यह निवेश Razorpay की पुरानी एक्विजिशन PoshVine के बाद आता है, जो अब Razorpay Engage के नाम से एक इंटेलिजेंट मार्केटिंग ग्रोथ सूट चला रहा है.
तेजी से बढ़ता मार्केट
Upside की एक रिपोर्ट के अनुसार, 90% डिजिटल यूजर्स शॉपिंग करते समय रिवॉर्ड्स और लॉयल्टी को अहम मानते हैं. वहीं, भारत का D2C मार्केट 2026 तक 100 अरब डॉलर से ऊपर जाने की उम्मीद है. ऐसे में POP जैसी कंपनियों का रोल और भी अहम हो जाता है.



