त्योहारी सीजन में Flipkart ने बनाया रिकॉर्ड, 4 लाख लोगों को मिला काम
बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए 28 राज्यों में बड़े स्तर पर वर्कफोर्स तैनात किया गया. इन 4 लाख मौसमी कर्मचारियों में करीब 15 प्रतिशत लोग ऐसे थे, जिन्होंने पहली बार इस सेक्टर में काम किया. इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बने.
त्योहारी सीजन में ई-कॉमर्स कंपनियों की तैयारियों की असली परीक्षा होती है. साल 2025 के फेस्टिव सीजन में Flipkart ने फास्ट डिलीवरी के साथ बड़े पैमाने पर रोज़गार के अवसर भी पैदा किए. कंपनी ने इस दौरान 4 लाख से अधिक लोगों को मौसमी रोजगार दिया, जिससे देशभर में कई परिवारों को आय का सहारा मिला.
Flipkart के मुताबिक, इसी मजबूत वर्कफोर्स और टेक्नोलॉजी-समर्थित लॉजिस्टिक्स नेटवर्क की मदद से बिग बिलियन डेज (The Big Billion Days) सेल का सफल आयोजन हुआ. इस दौरान रिकॉर्ड संख्या में ऑर्डर डिलीवर किए गए. सेम डे और नेक्स्ट डे डिलीवरी में पिछले साल की तुलना में 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. कुछ मामलों में तो आधी रात में ऑर्डर किए गए अप्लायंस को सिर्फ 15 मिनट में डिलीवर किया गया. वहीं एक टीवी की डिलीवरी के 36 मिनट के भीतर उसका इंस्टॉलेशन भी पूरा कर दिया गया.
इस साल के त्योहारी सीजन में टियर 2 और टियर 3 शहर Flipkart की ग्रोथ का बड़ा आधार बने. बिग बिलियन डेज सेल के दौरान कुल ऑर्डरों में इन शहरों की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत से ज्यादा रही. यह संकेत देता है कि छोटे शहरों में ऑनलाइन खरीदारी तेजी से बढ़ रही है और डिजिटल भरोसा मजबूत हो रहा है.
व्यस्त दिनों में Flipkart ने हर मिनट 5 हजार से ज्यादा शिपमेंट मूव किए. पूरे नेटवर्क ने एक दिन में 73 लाख से अधिक शिपमेंट संभाले. यानी हर घंटे औसतन 3 लाख से ज्यादा पैकेज डिलीवरी के लिए आगे बढ़े. कंपनी का कहना है कि यह टेक्नोलॉजी-समर्थित डिमांड सेंसिटिव सप्लाई चेन की वजह से संभव हो पाया.
Flipkart के संचालन को AI (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) और ML (मशीन लर्निंग) से ताकत मिली. AI पावर्ड फोरकास्टिंग और प्लानिंग से ज्यादा मांग के समय भी नेटवर्क संतुलित रहा. ऑटोमेटेड इन्वेंटरी प्लेसमेंट और इंटर वेयरहाउस इन्वेंटरी ट्रांसफर से स्टॉक की उपलब्धता बेहतर बनी. फुलफिलमेंट सेंटर्स में रोबोटिक सिस्टम और सेंसर आधारित ट्रैकिंग से काम की रफ्तार बढ़ी और समय की बचत हुई.
कंपनी का नेटवर्क अब 21 हजार पिन कोड तक पहुंच चुका है. इससे दूरदराज के इलाकों तक भी डिलीवरी संभव हो पाई. झज्जर और बहराइच जैसे शहरों में ऑर्डर में तेज बढ़ोतरी देखी गई. खासतौर पर छोटे फर्नीचर और घरेलू सामान की मांग नॉन मेट्रो बाजारों में करीब 90 प्रतिशत तक बढ़ी.
बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए 28 राज्यों में बड़े स्तर पर वर्कफोर्स तैनात किया गया. इन 4 लाख मौसमी कर्मचारियों में करीब 15 प्रतिशत लोग ऐसे थे, जिन्होंने पहली बार इस सेक्टर में काम किया. इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बने.
Flipkart Group के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हेमंत बद्री ने कहा कि त्योहारी सीजन उनके लिए विस्तार और संचालन की सबसे बड़ी परीक्षा होता है. उन्होंने बताया कि लोगों, प्रक्रियाओं और टेक्नोलॉजी को साथ लाकर कंपनी ने तेज डिलीवरी के साथ दूरदराज के इलाकों तक पहुंच बनाई. उनके मुताबिक, यह सीजन सिर्फ बिक्री का नहीं रहा, बल्कि रोजगार, क्षेत्रीय पहुंच और समावेशी विकास का भी उदाहरण बना.
कुल मिलाकर, इस त्योहारी सीजन में Flipkart की सप्लाई चेन ने यह दिखाया कि टेक्नोलॉजी और इंसानों के तालमेल से बड़े पैमाने पर संचालन कैसे संभाला जा सकता है. साथ ही यह भी साफ हुआ कि भारत के छोटे शहर अब देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं.



