मीरा मौर्य ने कैसे खड़ा किया अपना ब्यूटी बिजनेस? गाजीपुर की महिलाओं को बना रही है आत्मनिर्भर
गाजीपुर की मीरा मौर्य ने घर से शुरू किया ब्यूटी बिजनेस और यूपी सरकार की CM YUVA Yojana की मदद से अपना सैलून खड़ा किया. यह कहानी हुनर, धैर्य और आत्मनिर्भरता की है, जो दिखाती है कि सरकारी योजना कैसे महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका देती है.
यूपी के गाजीपुर जिले की रहने वाली मीरा मौर्य के लिए अपना काम शुरू करने का फैसला किसी एक दिन में नहीं हुआ. यह फैसला धीरे धीरे हालात, जिम्मेदारियों और मन के भीतर उठती एक छोटी सी चाह से बना.
मीरा ने शादी से पहले इंटरमीडिएट तक पढ़ाई की थी. पढ़ाई के दौरान ही उन्हें ब्यूटी से जुड़े काम में दिलचस्पी थी. वह आसपास देखकर, छोटी छोटी चीजें सीखकर खुद को तैयार करती रहती थीं. शादी के बाद जब वह संयुक्त परिवार में रहने लगीं और फिर बच्चा हुआ, तब घर के बाहर नौकरी करना आसान नहीं था. लेकिन मन में कुछ अपना करने की इच्छा बनी रही.
साल 2015 में उन्होंने घर के एक छोटे से हिस्से से काम शुरू किया. कोई बड़ा निवेश नहीं था. बस जरूरी सामान और सीखी हुई कला. शुरुआत में वह सीमित सेवाएं देती थीं. धीरे धीरे आसपास की महिलाएं और लड़कियां आने लगीं. काम मुँह जबानी प्रचार से बढ़ा. मीरा ने जल्दबाजी नहीं की. वह हर ग्राहक के साथ अपने काम को बेहतर करने की कोशिश करती रहीं.
काम के साथ साथ उन्होंने आसपास की लड़कियों को भी सिखाना शुरू किया. जो कुछ उन्होंने खुद सीखा था, वही दूसरों को देना चाहती थीं. इसी दौरान उन्हें लगा कि अगर आगे बढ़ना है तो खुद को और मजबूत करना होगा. समय और पैसे की सुविधा के अनुसार उन्होंने ब्यूटी से जुड़े औपचारिक कोर्स किए. हर नया कोर्स उनके आत्मविश्वास को बढ़ाता गया.
आज मीरा मौर्य का काम केवल एक ब्यूटी पार्लर तक सीमित नहीं है. वह अपने इलाके में एक ऐसा सैलून चला रही हैं, जहां सौंदर्य सेवाओं के साथ साथ प्रशिक्षण भी दिया जाता है. यहां थ्रेडिंग, फेशियल, त्वचा के अनुसार ट्रीटमेंट, मेनीक्योर, पेडीक्योर, बॉडी स्पा, मेकअप और हेयर स्टाइलिंग की सुविधाएं हैं. शादी के मौसम में ब्राइडल मेकअप और हेयर स्टाइलिंग का काम भी खूब रहता है. कई लड़कियां यहां आकर काम सीख रही हैं ताकि आगे चलकर वे भी अपने पैरों पर खड़ी हो सकें.
करीब दस साल तक घर से काम करने के बाद मीरा ने एक बड़ा कदम उठाया. उन्होंने किराए पर सैलून की जगह ली. इस फैसले में यूपी सरकार की ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ योजना (CM YUVA Yojana) की अहम भूमिका रही. उन्हें इस योजना के बारे में खबरों और लोगों से बातचीत के जरिए जानकारी मिली. इसके बाद वह जिला उद्योग कार्यालय पहुंचीं और पूरी प्रक्रिया समझी.
दस्तावेज तैयार करना, ट्रेनिंग सर्टिफिकेट जमा करना और बैंक से जुड़े काम आसान नहीं थे. इसमें समय लगा. लेकिन मीरा कहती हैं कि इसी योजना ने उन्हें वह हिम्मत दी, जो वह लंबे समय से जुटा रही थीं. इस सहायता से वह बेहतर जगह और जरूरी उपकरण खरीद सकीं, बिना घर की आर्थिक स्थिति पर बोझ डाले.
इस साल नए सैलून में शिफ्ट होने के बाद काम में स्थिरता आई है. शादी के सीजन में अच्छी संख्या में ग्राहक आते हैं. अब लोग सिर्फ रोजमर्रा की सेवाओं के लिए नहीं, बल्कि खास मौकों के लिए भी उनसे संपर्क करते हैं. जो लड़कियां यहां ट्रेनिंग ले रही हैं, उनके लिए यह सैलून एक वास्तविक सीखने की जगह बन गया है.
मीरा मानती हैं कि यह सफर आसान नहीं था. कई बार मन में शक आया. कई बार थकान और जिम्मेदारियों ने रोका. लेकिन हर छोटे कदम ने उन्हें आगे बढ़ाया. वह कहती हैं कि उनका सपना सिर्फ अपना काम खड़ा करना नहीं था. वह चाहती थीं कि लड़कियों के पास ऐसा हुनर हो, जिससे मुश्किल वक्त में भी वे खुद का सहारा बन सकें.
पीछे मुड़कर देखने पर मीरा को लगता है कि घर से काम करने के शुरुआती साल बहुत जरूरी थे. उन्हीं दिनों ने उन्हें धैर्य सिखाया और खुद पर भरोसा करना सिखाया. आज उनका व्यवसाय बहुत बड़ा नहीं है, लेकिन स्थिर है. यह उन हुनरों पर खड़ा है, जो समय के साथ सीखे गए और उस सहयोग पर, जो सही समय पर मिला.
Edited by रविकांत पारीक



