सरकार ने ड्रिप सिंचाई योजना के लिए दी 1600 करोड़ रुपये की मंजूरी
यह योजना वर्ष 2025-26 तक प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के तहत एक उप-योजना के रूप में चलाई जाएगी. सरकार की यह पहल न केवल जल संसाधनों के कुशल प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि छोटे किसानों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव लाने की उम्मीद है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को ‘कमान्ड एरिया डेवलपमेंट एंड वॉटर मैनेजमेंट (M-CADWM)’ योजना को मंजूरी दे दी है. यह योजना वर्ष 2025-26 तक प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के तहत एक उप-योजना के रूप में चलाई जाएगी. इसका उद्देश्य किसानों के बीच जल उपयोग की दक्षता को बढ़ाना है.
सरकार ने इस योजना के लिए प्रारंभिक रूप से 1,600 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है.
इस बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि यह योजना खास तौर पर एक हेक्टेयर तक की भूमि वाले किसानों के लिए सिंचाई जल आपूर्ति अवसंरचना को आधुनिक बनाने पर केंद्रित है. इसके तहत मौजूदा नहरों या जल स्रोतों से खेतों तक पानी की प्रभावी आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी.
सरकार प्रेसराइज्ड अंडरग्राउंड पाइपलाइनों के जरिए माइक्रो इरिगेशन सिस्टम के लिए मजबूत बैकएंड इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगी. साथ ही, SCADA सिस्टम और IoT तकनीकों का उपयोग कर रियल टाइम में जल प्रबंधन और लेखांकन किया जाएगा, जिससे खेत स्तर पर जल उपयोग दक्षता को बढ़ावा मिलेगा.
सरकार का मानना है कि इस योजना से कृषि उत्पादकता में वृद्धि होगी, किसानों की आय में इजाफा होगा और देश का सिंचाई तंत्र दीर्घकालिक रूप से अधिक सतत और प्रभावी बनेगा.
प्रारंभ में यह योजना विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों में पायलट प्रोजेक्ट्स के रूप में लागू की जाएगी. इन प्रोजेक्ट्स के परिणामों और अनुभवों के आधार पर अप्रैल 2026 से एक राष्ट्रीय योजना के रूप में इसे पूरे देश में शुरू किया जाएगा. यह योजना 16वें वित्त आयोग की अवधि के साथ मेल खाते हुए आगे बढ़ेगी.
सरकार की यह पहल न केवल जल संसाधनों के कुशल प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि छोटे किसानों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव लाने की उम्मीद है.


