GyanDhan को मिली 50 करोड़ रु की फंडिंग, छोटे शहरों के छात्रों को भी मिलेगा एजुकेशन लोन!
इस ताजा फंडिंग से कंपनी अपनी मौजूदगी को 50 से अधिक छोटे शहरों (टियर 2 और टियर 3 शहरों) में बढ़ाएगी, कंसल्टेंट नेटवर्क को मजबूत करेगी और तकनीकी नवाचारों में निवेश करेगी ताकि छात्रों की लोन यात्रा को और भी सुगम बनाया जा सके.
एजुकेशन लोन देने वाले स्टार्टअप ने अपने सीरीज़ A फंडिंग राउंड में ₹50 करोड़ जुटाए हैं. इस राउंड का नेतृत्व एडटेक लीडर और वेंचर कैपिटल फर्म ने किया.
GyanDhan की स्थापना IIT के पूर्व छात्र अंकित मेहरा और जैनेश सिन्हा ने की थी, जिनका मिशन है भारत और विदेशों में हायर एजुकेशन को छात्रों के लिए सुलभ बनाना.
इससे पहले कंपनी ने Education Catalyst Fund, Sundaram Finance, Stanford Angels, Harvard Angels और प्रवीन गांधी और सत्येन कोठारी जैसे एंजेल निवेशकों से फंडिंग हासिल की थी.
GyanDhan टेक्नोलॉजी के माध्यम से एजुकेशन लोन की प्रक्रिया को सरल और स्केलेबल बना रहा है, जिससे देश के लाखों छात्रों को उनकी शिक्षा का सपना साकार करने में मदद मिल रही है. इस ताजा फंडिंग से कंपनी अपनी मौजूदगी को 50 से अधिक छोटे शहरों (टियर 2 और टियर 3 शहरों) में बढ़ाएगी, कंसल्टेंट नेटवर्क को मजबूत करेगी और तकनीकी नवाचारों में निवेश करेगी ताकि छात्रों की लोन यात्रा को और भी सुगम बनाया जा सके.
कंपनी का लक्ष्य अपने नेटवर्क में मौजूदा 15 बैंकों और NBFCs (Non-Banking Financial Companies) की संख्या को 30 तक पहुंचाना है. इसके साथ ही कंपनी टेक, क्रेडिट और सेल्स टीम को भी मजबूत करेगी ताकि क्षेत्रीय स्तर पर संचालन को विस्तार दिया जा सके. इसके अलावा, GyanDhan सेमिनार, वर्कशॉप और वित्तीय साक्षरता सत्रों के माध्यम से एक मजबूत कम्युनिटी तैयार करने की योजना भी बना रही है.
GyanDhan का उद्देश्य अगले तीन वर्षों में ₹18,000 करोड़ (~USD 2.1 बिलियन) के लोन बांटने के आंकड़े को पार करना है, जो वर्तमान में ₹7,000 करोड़ (~USD 840 मिलियन) है. कंपनी स्किलिंग और एग्जीक्यूटिव एजुकेशन जैसे नए सेगमेंट में भी संभावनाएं तलाश रही है.
GyanDhan के को-फाउंडर और सीईओ अंकित मेहरा ने कहा, “यह सिर्फ फंडिंग नहीं है, बल्कि हमारे मिशन में गहरी आस्था का प्रतीक है. हमने देखा है कि सही वित्तीय सहायता कैसे किसी छात्र के जीवन की दिशा बदल सकती है. अब हम उस टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करेंगे, जो लाखों परिवारों को शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराए.”
Classplus के सीईओ और को-फाउंडर मुकुल रुस्तगी ने कहा, “हमें ऐसे फाउंडर्स को पसंद करते हैं जो मुश्किलों में भी टिके रहते हैं. एजुकेशन लोन भारत के विकास की रीढ़ बनने जा रहा है और हम इस सफर में GyanDhan के साथ हैं.”
Pravega Ventures की ओर से कहा गया, “भारत में एजुकेशन लोन एक ऐसा सेक्टर है, जो फिनटेक इनोवेशन और सामाजिक प्रभाव के चौराहे पर खड़ा है. GyanDhan का मार्केटप्लेस और NBFC मॉडल, साथ ही SaaS (Software as a Service) प्लेटफॉर्म, इस सेक्टर में कंपनी की गहरी समझ को दर्शाता है.”
भले ही वैश्विक स्तर पर वीज़ा नीतियों और आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण स्टडी-अब्रोड सेगमेंट में कुछ मंदी आई हो, लेकिन हायर एजुकेशन की दीर्घकालिक मांग मजबूत बनी हुई है. भारत में शिक्षा की बढ़ती लागत और लोन की कमी के चलते, एक मजबूत वित्तीय प्लेटफॉर्म की जरूरत पहले से कहीं ज़्यादा है.



