हेल्थटेक स्टार्टअप SuperLiving को मिली 7 मिलियन डॉलर की सीरीज A फंडिंग
कंपनी इस ताजा फंडिंग का इस्तेमाल अपनी AI टेक्नोलॉजी को मजबूत करने, अलग-अलग भारतीय भाषाओं में कंटेंट बढ़ाने, नए प्रोडक्ट तैयार करने और खासतौर पर टियर 2 और टियर 3 शहरों में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए करेगी.
AI-समर्थित वेलनेस और प्रिवेंटिव हेल्थटेक स्टार्टअप SuperLiving ने 7 मिलियन डॉलर की सीरीज A फंडिंग हासिल की है. इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व Lightspeed India ने किया है. मौजूदा निवेशक Kae Capital और All In Capital ने भी इस राउंड में हिस्सा लिया.
कंपनी इस ताजा फंडिंग का इस्तेमाल अपनी AI टेक्नोलॉजी को मजबूत करने, अलग-अलग भारतीय भाषाओं में कंटेंट बढ़ाने, नए प्रोडक्ट तैयार करने और खासतौर पर टियर 2 और टियर 3 शहरों में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए करेगी.
इसके अलावा SuperLiving आने वाले समय में केवल वेलनेस कंटेंट और कोचिंग तक सीमित नहीं रहेगा. कंपनी डायग्नोस्टिक्स, हेल्थ कॉमर्स और पर्सनलाइज्ड हेल्थकेयर जैसी नई सेवाओं में भी विस्तार करेगी.
SuperLiving की शुरुआत मानवदीप सिंह ग्रोवर और गुरजोत कौर ने की थी. दोनों का मानना है कि भारत में करोड़ों लोग सही हेल्थ गाइडेंस से वंचित हैं क्योंकि एक्सपर्ट्स तक पहुंच आसान नहीं है. अच्छे न्यूट्रिशनिस्ट और हेल्थ कोच महंगे होते हैं और उनकी सेवाएं ज्यादातर बड़े शहरों तक सीमित रहती हैं.
इसी समस्या को हल करने के लिए SuperLiving ने AI-समर्थित हेल्थटेक प्लेटफॉर्म तैयार किया है. इसमें एक AI Companion है जो हर समय उपलब्ध रहता है. यह यूजर की आदतों, लक्ष्यों और प्रगति को समझता है और समय के साथ बेहतर सलाह देता रहता है.
कंपनी के मुताबिक इसका AI सिस्टम यूजर की बातचीत को याद रखता है. इससे हर बार नई शुरुआत करने की जरूरत नहीं पड़ती. जितना अधिक कोई व्यक्ति ऐप का इस्तेमाल करता है, उतनी ही सटीक और व्यक्तिगत सलाह उसे मिलती है.
यह प्लेटफॉर्म न्यूट्रिशन, फिटनेस, स्किन केयर और लाइफस्टाइल जैसी कई जरूरतों को एक ही जगह पूरा करने की कोशिश करता है. कंपनी का कहना है कि कई यूजर AI से ऐसी बातें भी साझा करते हैं जिन्हें वे किसी दूसरे व्यक्ति से कहने में सहज महसूस नहीं करते. इससे प्लेटफॉर्म को बेहतर सुझाव देने में मदद मिलती है.
SuperLiving के को-फाउंडर और CEO मानवदीप सिंह ग्रोवर ने कहा, “दशकों से पर्सनलाइज्ड वेलनेस केवल उन लोगों तक सीमित रही है जो एक्सपर्ट, कोच और सलाहकारों का खर्च उठा सकते थे. AI इस स्थिति को पूरी तरह बदल सकता है. 15 लाख से ज्यादा यूजर के साथ हमारे अनुभव ने दिखाया है कि व्यक्तिगत और भरोसेमंद हेल्थ गाइडेंस की जरूरत केवल महानगरों तक सीमित नहीं है. लोगों को सिर्फ जानकारी नहीं बल्कि ऐसा सहयोग चाहिए जो उनकी जिंदगी के साथ खुद को ढाल सके और उन्हें लगातार बेहतर आदतें अपनाने में मदद करे. हमें विश्वास है कि AI, वेलनेस और प्रिवेंटिव हेल्थ के मेल से भारत में एक बहुत बड़ा अवसर पैदा हो रहा है. इस फंडिंग के साथ हम ऐसे इंटेलिजेंट कंपेनियन और कंटेंट इंजन को और मजबूत करेंगे जो हर दिन लाखों भारतीयों की मदद कर सके.”
Lightspeed India की पार्टनर हर्षा कुमार ने कहा, “ज्यादातर वेलनेस प्लेटफॉर्म केवल चुनिंदा लोगों के लिए बनाए गए हैं. SuperLiving भारत के बाकी लोगों के लिए किफायती, स्थानीय भाषाओं वाला और भारतीय जरूरतों के अनुसार तैयार प्लेटफॉर्म बना रहा है. टियर 2 और टियर 3 शहरों से मिली शुरुआती सफलता बताती है कि असली मांग कहां है. हमें खुशी है कि हम इस यात्रा में मानवदीप और गुरजोत के साथ हैं.”
Kae Capital की पार्टनर सुनीता विश्वनाथन ने कहा, “हमने शुरुआती दौर में SuperLiving में इसलिए निवेश किया क्योंकि हमें विश्वास था कि भारत के लिए प्रिवेंटिव हेल्थ का समाधान पश्चिमी देशों के मॉडल की नकल करके नहीं बनाया जा सकता. इसे भारतीय लोगों की जीवनशैली और जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार करना होगा. एक लाख से अधिक पेड यूजर और उनमें से 73 प्रतिशत का छोटे शहरों से होना इस बात का मजबूत संकेत है कि कंपनी एक वास्तविक समस्या का समाधान कर रही है.”
आने वाले समय में SuperLiving खुद को केवल एक वेलनेस ऐप नहीं बल्कि भारत के लिए पर्सनलाइज्ड प्रिवेंटिव हेल्थ प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित करना चाहता है. कंपनी का लक्ष्य है कि लोग बीमारी होने के बाद इलाज कराने की बजाय पहले से ही बेहतर खानपान, नींद, व्यायाम और तनाव प्रबंधन के जरिए स्वस्थ जीवन जी सकें.



