स्पेस से लेकर AI तक: भारत बना टेक्नोलॉजी का गेम चेंजर — IISF में बोले डॉ. जितेंद्र सिंह
लगभग 400 स्पेस स्टार्टअप्स, बढ़ते डीप-टेक टैलेंट, और दुनिया भर में अपनाए जा रहे नए पब्लिक गवर्नेंस मॉडल के साथ भारत अब नवाचार समर्थित आर्थिक विकास के एक निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुका है. डॉ. जितेंद्र सिंह ने युवाओं से जोखिम लेने और सस्टेनेबल वेंचर खड़े करने का आह्वान किया.
भारत अब सिर्फ तकनीक का अनुसरण करने वाला देश नहीं रहा. अब भारत दुनिया की टेक्नोलॉजी दिशा तय कर रहा है. यह बात केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह (Dr Jitendra Singh) ने India International Science Festival (IISF) के मंच पर कही. यह चार दिन का विज्ञान उत्सव पंचकूला में आयोजित हो रहा है.
फायरसाइड चैट के दौरान उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में भारत की वैज्ञानिक सोच पूरी तरह बदल गई है. नीति निर्माण और शासन प्रणाली में भी बड़ा बदलाव आया है. उन्होंने कहा कि आज भारत की आर्थिक तरक्की विज्ञान, तकनीक, रिसर्च और इनोवेशन से चल रही है. दुनिया अब भारत को केवल अपनाने वाला नहीं बल्कि नई सोच और नए मॉडल बनाने वाला देश मान रही है.
डॉ. सिंह ने बताया कि सरकार एक नया राष्ट्रीय अनुसंधान और विकास फंड शुरू करने जा रही है. यह फंड हाई रिस्क और हाई इंपैक्ट इनोवेशन को बढ़ावा देगा. इससे अंतरिक्ष और परमाणु जैसे क्षेत्रों को लंबी अवधि के लिए कम ब्याज पर फंड मिलेगा. इससे कंपनियां बड़े स्तर पर काम कर सकेंगी और देश का डीप टेक इकोसिस्टम मजबूत होगा.
उन्होंने कहा कि आज भारत में लगभग 400 स्पेस स्टार्टअप काम कर रहे हैं. ये स्टार्टअप अब केवल रॉकेट तक सीमित नहीं हैं. ये खेती, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और पानी की व्यवस्था में भी काम कर रहे हैं. परमाणु विज्ञान में भी बदलाव साफ दिख रहा है. कैंसर उपचार, पानी शुद्ध करने की तकनीक और लोगों से जुड़े कई क्षेत्रों में इसका उपयोग हो रहा है.
डॉ. सिंह ने कहा कि आज भारतीय युवाओं की पहचान दुनिया में पहले से ज्यादा मजबूत हुई है. कई देश भारत की डिजिटल सेवाओं, शिकायत निवारण प्रणाली और सरकारी सेवाओं को समझने यहां आ रहे हैं. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना और उज्ज्वला योजना जैसी योजनाओं से आम लोगों का सरकार पर भरोसा बढ़ा है.
डिजिटल कनेक्टिविटी से अब छोटे शहरों और गांवों के युवा भी बड़े शहरों के युवाओं के बराबर आगे बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा कि आज पूंछ जैसे इलाकों और पंजाब हरियाणा के जिलों से भी यूपीएससी टॉपर निकल रहे हैं. यह भारत की सबसे बड़ी ताकत बन रही है.
डॉ. सिंह ने कहा कि इनोवेशन का मतलब केवल नए विचार नहीं होना चाहिए. इनोवेशन टिकाऊ भी होना चाहिए. इससे लोगों को सम्मान, रोजगार और आर्थिक सुरक्षा मिलनी चाहिए. उन्होंने लैवेंडर की खेती और उससे जुड़े स्टार्टअप का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट नौकरी छोड़ने वाले लोग अब खेती को सफल बिजनेस बना रहे हैं.
भविष्य को लेकर उन्होंने कहा कि आने वाले पंद्रह से बीस सालों में भारत का कोई व्यक्ति चांद पर कदम रख सकता है. उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से लोगों की जिंदगी बदलेगा लेकिन इसका उपयोग जिम्मेदारी से होना चाहिए.
युवाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि जोखिम लेने से डरना नहीं चाहिए. उद्योगों के साथ साझेदारी करनी चाहिए. सरकार का पूरा समर्थन मिल रहा है. उन्होंने कहा कि आईआईएसएफ जैसे कार्यक्रम युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और भारत की वैश्विक वैज्ञानिक ताकत को दिखाते हैं.
उन्होंने कहा कि आज भारत अपने सबसे मजबूत दौर में खड़ा है. आने वाला समय उन्हीं लोगों का होगा जो कल्पना के साथ राष्ट्र निर्माण की सोच रखते हैं.
Edited by Ravi Pareek



