Infosys और Adani Enterprises के शेयरों ने लगाई रॉकेट जैसी छलांग; निवेशकों की बल्ले-बल्ले!
12 मई को BSE सेंसेक्स 2,975 अंकों की बढ़त के साथ 82,429.90 पर बंद हुआ, जो 3.74% की वृद्धि है. जबकि, NSE निफ्टी 916.70 अंकों की छलांग लगाकर 24,924.70 पर बंद हुआ, जो 3.82% की बढ़त है. इस तेजी के कारण निवेशकों की संपत्ति में ₹16 लाख करोड़ की वृद्धि हुई, जो बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है.
इस सप्ताह के पहले दिन, यानि आज, 12 मई 2025 को भारतीय शेयर बाजार (Share Market) ने एक ऐतिहासिक दिन दर्ज किया, जब बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) और एनएसई निफ्टी 50 (NSE Nifty50) ने अपने अब तक के सबसे बड़े एकदिवसीय लाभ को प्राप्त किया. इस तेजी के पीछे भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम (India-Pakistan Ceasefire), अमेरिका-चीन व्यापार समझौता (US-China Trade Agreement) और विदेशी निवेशकों की मजबूत भागीदारी जैसे कई सकारात्मक वैश्विक और घरेलू कारक थे. सीजफायर के बाद स्थिरता लौटने की उम्मीद से ट्रैवल बुकिंग, होटल और एयरलाइन कंपनियों के शेयरों में तगड़ी वृद्धि देखी गई. बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने भी 4 फीसदी तक की छलांग लगाई.
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 2,975 अंकों की बढ़त के साथ 82,429.90 पर बंद हुआ, जो 3.74% की वृद्धि है. जबकि, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty) 916.70 अंकों की छलांग लगाकर 24,924.70 पर बंद हुआ, जो 3.82% की बढ़त है. यह फरवरी 2021 के बाद शेयर बाजार में आई सबसे बड़ी इंट्राडे उछाल है.
बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 12 मई को बढ़कर 432.57 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो इसके पिछले कारोबारी दिन यानी शुक्रवार 9 मई को 416.40 लाख करोड़ रुपये रहा था. इस तरह BSE में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप आज करीब 16.17 लाख करोड़ रुपये बढ़ा है.
इस तेजी के कारण निवेशकों की संपत्ति में ₹16 लाख करोड़ की वृद्धि हुई, जो बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है.
अदानी एंटरप्राइजेज के शेयरों में 7.73% की वृद्धि देखी गई. आईटी सेक्टर में मजबूती के चलते इन्फोसिस के शेयरों में 7.69% की तेजी रही. और फायनेंस सेक्टर में सकारात्मक रुझानों के कारण श्रीराम फाइनेंस के शेयरों में 7.16% का उछाल आया. इन कंपनियों के अलावा, एचसीएल टेक, टाटा स्टील, इटर्नल और टेक महिंद्रा के शेयर 6.35 फीसदी से लेकर 5.36 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुए.
वहीं, बैंकिंग सेक्टर में दबाव के चलते इंडसइंड बैंक के शेयरों में 3.57% की गिरावट दर्ज की गई. और अमेरिका में दवाओं की कीमतों में कटौती की घोषणा के बाद सन फार्मास्युटिकल के शेयरों में 3.56% की गिरावट आई.
सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए, जिसमें मेटल, रियल्टी, पावर, आईटी और एनर्जी सेक्टर्स में 4-6% की वृद्धि देखी गई.
भारतीय रुपये की USD/INR जोड़ी सोमवार को 0.9% गिरकर 84.621 रुपये पर आ गई, जो अप्रैल 2025 के मध्य के बाद से इसका सबसे निचला स्तर है.
रिपोर्ट्स के अनुसार, शेयर बाज़ार के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक और घरेलू कारक सकारात्मक बने रहते हैं, तो बाजार में यह तेजी जारी रह सकती है. हालांकि, निवेशकों को सतर्क रहकर निवेश करने की सलाह दी जाती है.



