IREDA ने जुटाए 2005.90 करोड़ रुपये, ग्रीन एनर्जी को मिलेगा बढ़ावा
यह रकम 12.15 करोड़ इक्विटी शेयर 165.14 रुपये प्रति शेयर की दर से जारी करके जुटाई गई, जिसमें 10 रुपये फेस वैल्यू और 155.14 रुपये प्रीमियम शामिल था.
भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी लिमिटेड (IREDA) ने हाल ही में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है. कंपनी ने Qualified Institutions Placement (QIP) के जरिए ₹2,005.90 करोड़ की फंडिंग जुटाई है. यह रकम 12.15 करोड़ इक्विटी शेयर ₹165.14 प्रति शेयर की दर से जारी करके जुटाई गई, जिसमें ₹10 फेस वैल्यू और ₹155.14 प्रीमियम शामिल था.
क्या होता है QIP? सरल भाषा में समझें
QIP यानी Qualified Institutional Placement एक तरीका है जिसके जरिए कोई कंपनी बिना आम लोगों को शेयर बेचने के, केवल बड़े निवेशकों (जैसे बैंक, बीमा कंपनियां, विदेशी निवेशक आदि) को शेयर बेचकर पैसा जुटा सकती है. इसका उद्देश्य है जल्दी और आसान तरीके से पूंजी जुटाना, ताकि कंपनी अपने कारोबार को बढ़ा सके.
कैसे हुआ ये फंडरेजिंग?
IREDA ने यह QIP इश्यू 5 जून 2025 को लॉन्च किया था और 10 जून 2025 को बंद हुआ. ₹1,500 करोड़ के बेस इश्यू के मुकाबले इसको ₹2,005.90 करोड़ की बिड मिली, यानी यह 1.34 गुना ओवरसब्सक्राइब हुआ. शेयर ₹173.83 के फ्लोर प्राइस के मुकाबले 5% की छूट पर बेचे गए.
क्यों अहम है यह फंडिंग?
भारत ने 2030 तक 500 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है. ऐसे में IREDA की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है. यह फंडिंग कंपनी की Capital Adequacy Ratio (CAR) बढ़ाएगी, अधिक प्रोजेक्ट्स को टियर-I पूंजी से फाइनेंस कर सकेगी, स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से निवेश सुनिश्चित करेगी और भारत के ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को मजबूती देगी
IREDA प्रमुख ने क्या कहा?
IREDA के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर प्रदीप कुमार दास ने कहा, “हमारे IPO (Initial Public Offering) के कुछ ही महीनों में QIP का सफल समापन, निवेशकों और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के विश्वास का प्रमाण है. यह पूंजी हमारे वित्तीय आधार को मजबूत करेगी और देश को हरित ऊर्जा की ओर तेजी से आगे बढ़ने में मदद करेगी.”



