सरकार ने अनुराग जैन को बनाया NITI Aayog का नया CEO
अनुराग जैन मध्य प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी हैं. उन्हें अक्टूबर 2024 में मध्य प्रदेश का मुख्य सचिव बनाया गया था. उनका कार्यकाल 31 अगस्त 2026 तक था. अब वह NITI Aayog के CEO की जिम्मेदारी संभालेंगे.
केंद्र सरकार ने बुधवार को वरिष्ठ IAS अधिकारी अनुराग जैन (Anurag Jain) को नीति आयोग (NITI Aayog) का नया CEO नियुक्त किया है. अनुराग जैन 1989 बैच के IAS अधिकारी हैं और फिलहाल मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव (Madhya Pradesh Chief Secretary) के पद पर कार्यरत हैं.
कैबिनेट की नियुक्ति समिति की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अनुराग जैन की नियुक्ति कार्यभार संभालने की तारीख से प्रभावी होगी. उनका कार्यकाल दो साल का रहेगा.
अनुराग जैन मध्य प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी हैं. उन्हें अक्टूबर 2024 में मध्य प्रदेश का मुख्य सचिव बनाया गया था. उनका कार्यकाल 31 अगस्त 2026 तक था. अब वह NITI Aayog के CEO की जिम्मेदारी संभालेंगे.
इससे पहले अनुराग जैन केंद्र सरकार में कई अहम पदों पर काम कर चुके हैं. वह Road Transport & Highways मंत्रालय में सचिव रह चुके हैं. इसके अलावा Department for Promotion of Industry and Internal Trade (DPIIT) के सचिव की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं.
पढ़ाई की बात करें तो अनुराग जैन ने वर्ष 1986 में IIT Kharagpur से Electrical Engineering में B.Tech ऑनर्स किया था. इसके बाद उन्होंने अमेरिका के Maxwell School से Public Administration में MA की डिग्री हासिल की.
उनका प्रशासनिक अनुभव भी काफी लंबा रहा है. वर्ष 2011 से 2015 के बीच उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में संयुक्त सचिव के रूप में काम किया. इससे पहले वर्ष 2005 में वह मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सचिव भी रहे थे.
अपने शुरुआती प्रशासनिक करियर में अनुराग जैन मंडला, मंदसौर और भोपाल के कलेक्टर भी रह चुके हैं.
इससे पहले NITI Aayog के CEO का अतिरिक्त प्रभार वरिष्ठ IAS अधिकारी निधि छिब्बर के पास था. वह 1994 बैच की छत्तीसगढ़ कैडर की अधिकारी हैं और NITI Aayog के Development Monitoring and Evaluation Office की महानिदेशक हैं. उन्हें बी वी आर सुब्रह्मण्यम का कार्यकाल पूरा होने के बाद अंतरिम CEO बनाया गया था.
बी वी आर सुब्रह्मण्यम 1987 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के IAS अधिकारी हैं. उन्हें फरवरी 2023 में NITI Aayog का CEO नियुक्त किया गया था. उनका शुरुआती कार्यकाल दो साल का था. बाद में केंद्र सरकार ने उनके कार्यकाल को एक साल के लिए बढ़ा दिया था. उनका विस्तारित कार्यकाल 24 फरवरी 2026 को समाप्त हो गया.



