KreditBee को मिली 280 मिलियन डॉलर की फंडिंग, यूनिकॉर्न क्लब में एंट्री
KreditBee ने सीरीज़-E फंडिंग राउंड में 280 मिलियन डॉलर हासिल किए हैं. कंपनी की वैल्यूएशन 1.5 बिलियन डॉलर हो गई है. इसके साथ ही यह FY27 की पहली यूनिकॉर्न बन गई है. KreditBee की शुरुआत साल 2016 में हुई थी. मधुसूदन ई., कार्तिकेयन कृष्णास्वामी और विवेक वेदा इसके को-फाउंडर हैं.
भारत की प्रमुख डिजिटल लेंडिंग कंपनी KreditBee ने अपने सीरीज़-E फंडिंग राउंड में 280 मिलियन डॉलर जुटाए हैं. इस फंडिंग के बाद कंपनी की वैल्यूएशन 1.5 बिलियन डॉलर हो गई है. इसके साथ ही यह वित्त वर्ष 2027 की पहली यूनिकॉर्न बन गई है.
इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व Motilal Oswal Alternates, Hornbill Capital और MUFG समर्थित Dragon Funds ने किया. इसके अलावा WhiteOak Capital और A.P. Moller Holding जैसे निवेशकों ने भी हिस्सा लिया. पुराने निवेशकों में Premji Invest और Advent International ने भी भरोसा दिखाया.
KreditBee की शुरुआत साल 2016 में हुई थी. इसे मधुसूदन ई., कार्तिकेयन कृष्णास्वामी और विवेक वेदा ने मिलकर शुरू किया था. कंपनी अपनी RBI-रजिस्टर्ड NBFC इकाई KrazyBee Services Limited के जरिए लोन देती है. इसके अलावा कंपनी 10 से ज्यादा वित्तीय संस्थानों के साथ मिलकर भी लोन देती है.
यह फंडिंग ऐसे समय में आई है जब कंपनी अपने अगले बड़े ग्रोथ फेज की तैयारी कर रही है. आगे चलकर कंपनी पब्लिक मार्केट यानी IPO की दिशा में भी कदम बढ़ा सकती है. नया पैसा कंपनी अपने लोन पोर्टफोलियो को बढ़ाने और नए बाजारों में पहुंच बनाने के लिए इस्तेमाल करेगी.
कंपनी टेक्नोलॉजी पर भी बड़ा फोकस कर रही है. खासतौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ाया जाएगा. इससे लोन देने की प्रक्रिया और बेहतर होगी. जोखिम को समझना आसान होगा. ग्राहकों को ज्यादा पर्सनलाइज्ड सेवाएं मिलेंगी.
कंपनी के को-फाउंडर और सीईओ माधुसूदन ई. का कहना है कि यह फंडिंग उनके लिए एक बड़ा माइलस्टोन है. निवेशकों का भरोसा उनके बिजनेस मॉडल को मजबूत बनाता है. उनका लक्ष्य है कि देश के लाखों लोगों तक आसान क्रेडिट पहुंचाया जाए. कंपनी अब अपने लेंडिंग सिस्टम में AI को और गहराई से जोड़ रही है ताकि ग्राहकों को तेज और बेहतर अनुभव मिल सके.
KreditBee की ग्रोथ भी काफी तेजी से हुई है. कंपनी का ऐप 23 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है. इसके पास 1.8 करोड़ से ज्यादा यूनिक लोन ग्राहक हैं. अब तक कंपनी 6 करोड़ से ज्यादा लोन दे चुकी है. मार्च 2026 तक कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट 1.5 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है.
कंपनी कई तरह के लोन देती है. इसमें पर्सनल लोन, बिजनेस लोन, प्रॉपर्टी के खिलाफ लोन और टू व्हीलर लोन शामिल हैं. इसके साथ ही कंपनी क्रेडिट रिपोर्ट और UPI जैसी सेवाएं भी देती है.
सबसे खास बात यह है कि KreditBee सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है. कंपनी ने छोटे शहरों (टियर 2 और टियर 3) में भी मजबूत पकड़ बनाई है. यह दिखाता है कि अब छोटे शहरों में भी डिजिटल लोन की मांग तेजी से बढ़ रही है.
KreditBee की यह सफलता इस बात का संकेत है कि भारत में फिनटेक सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है. आने वाले समय में यह क्षेत्र और भी बड़े बदलाव ला सकता है.



