हेल्थकेयर स्टार्टअप Luma fertility को मिली 33 करोड़ रुपये की फंडिंग
फंडिंग के जरिए Luma मुंबई में अपनी मौजूदगी मजबूत करेगी और आने वाले दो सालों में अन्य शहरों में विस्तार करेगी. स्टार्टअप का लक्ष्य देशभर के मेट्रो शहरों में 50 क्लीनिक खोलना है.
टेक और इनोवेशन से लैस हेल्थकेयर स्टार्टअप Luma fertility ने 4 मिलियन डॉलर (करीब ₹33 करोड़) की सीड फंडिंग जुटाई है. इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व के स्टार्टअप स्केल प्रोग्राम ने किया है. इसके अलावा Metropolis Healthcare की अमीरा शाह और B2V Ventures के विजय तापड़िया ने भी इसमें हिस्सा लिया.
Luma fertility की शुरुआत नेहा के. मोटवानी ने की है, जो पहले (भारत के सबसे बड़े फिटनेस मार्केटप्लेस में से एक) की फाउंडर रह चुकी हैं. Fitternity को बाद में ने अधिग्रहित किया था. Luma की शुरुआत नेहा ने अपनी निजी फर्टिलिटी यात्रा से प्रेरित होकर की. उन्हें पारंपरिक क्लीनिकों में सहानुभूति, स्पष्टता और सपोर्ट की कमी महसूस हुई.
नेहा कहती हैं, “फर्टिलिटी केयर आज भी सिस्टम के हिसाब से डिज़ाइन है, न कि मरीजों के हिसाब से. हमने इसे पूरी तरह मरीजों के अनुभव को ध्यान में रखते हुए फिर से डिज़ाइन किया है.”
फंडिंग के जरिए Luma मुंबई में अपनी मौजूदगी मजबूत करेगी और आने वाले दो सालों में अन्य शहरों में विस्तार करेगी. स्टार्टअप का लक्ष्य देशभर के मेट्रो शहरों में 50 क्लीनिक खोलना है.
मुंबई के बांद्रा वेस्ट में लिंकिंग रोड पर Luma fertility का पहला 6,000 स्क्वायर फीट का क्लिनिक खोला गया है. यह भारत के सबसे आधुनिक और टेक्नोलॉजी-सक्षम फर्टिलिटी क्लीनिकों में से एक है. यहां IVF, एग और एम्ब्रियो फ्रीजिंग, फर्टिलिटी असेसमेंट, और प्री-कंसेप्शन कंसल्टेशन जैसी सेवाएं दी जाती हैं.
स्टार्टअप का दावा है कि यह भारत का पहला फर्टिलिटी क्लिनिक है, जिसने एक इंटीग्रेटेड मोबाइल ऐप लॉन्च किया है. इस ऐप की मदद से मरीज अपनी रिपोर्ट देख सकते हैं, फर्टिलिटी जर्नी ट्रैक कर सकते हैं और जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. LumaAI नामक AI टूल 24/7 सपोर्ट देता है, वो भी आसान भाषा में.
Luma की खास बात यह है कि यहां ट्रांसपेरेंसी और इमोशनल सपोर्ट को प्राथमिकता दी जाती है. क्लिनिक में see-through लैब है जिसे मरीज वेटिंग एरिया से देख सकते हैं. हर मरीज के लिए एक डेडिकेटेड केयर स्पेशलिस्ट होता है जो उन्हें पूरी प्रक्रिया में गाइड करता है.
Luma fertility की टीम में मेडिकल डायरेक्टर डॉ. राधिका शेट्ठ, चीफ एम्ब्रायोलॉजिस्ट चिराग शाह (10,000+ ICSI अनुभव), डॉ. विशाल यादव, डॉ. पारज़ान मिस्त्री और अपूर्वा जोशी (प्रेसिडेंट - स्ट्रैटेजी एंड केयर मैनेजमेंट) जैसे अनुभवी विशेषज्ञ शामिल हैं.
Metropolis Healthcare की प्रमोटर और एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन अमीरा शाह ने कहा, “भारत में फर्टिलिटी केयर तेजी से बढ़ रही है लेकिन सिस्टम आज भी बिखरा हुआ है. Luma का फुल-स्टैक, ग्राहक-फर्स्ट अप्रोच वाकई में बदलाव ला सकता है.”
B2V Ventures के चेयरमैन विजय तापड़िया ने कहा, “नेहा एक विज़नरी लीडर हैं. उन्होंने पहले भी भरोसे के साथ स्केलिंग की है. उनका यह प्रयास बहुत मायने रखता है क्योंकि यह उनके अपने अनुभव से निकला है.”
भारत में 33 मिलियन से अधिक कपल्स फर्टिलिटी समस्याओं से जूझ रहे हैं. देश में पहली बार टोटल फर्टिलिटी रेट 2.1 से गिरकर 1.9 पर पहुंच गई है. 2028 तक IVF साइकिल्स की संख्या 320K से बढ़कर 550K तक पहुंचने की उम्मीद है. ऐसे में टेक-इनेबल्ड और पेशेंट-सेंट्रिक फर्टिलिटी केयर की मांग तेजी से बढ़ रही है.


