अयोध्या के मनीष ने बचपन के स्वाद को बनाया बिजनेस! Royal Cafe की कहानी
अयोध्या के मनीष ने CM YUVA Yojana के तहत मिले लोन से Royal Cafe Restaurant & Bakery शुरू किया. बचपन के खाने के शौक को उन्होंने रोज़गार में बदला और आज उनका रेस्टोरेंट स्थानीय युवाओं को काम दे रहा है.
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में रहने वाले मनीष ने अपने बचपन के खाने के शौक को रोज़गार में बदल दिया है. आज वह Royal Cafe Restaurant & Bakery के मालिक हैं. मनीष कहते हैं कि राज्य सरकार की योजना से मिले सहयोग ने उनके आइडिया को बिज़नेस बना दिया. इस रेस्टोरेंट में अब स्थानीय युवाओं को काम भी मिल रहा है.
मनीष अपने रेस्टोरेंट के नाम की कहानी लखनऊ के छात्र जीवन से जोड़ते हैं. पढ़ाई के दिनों में वह हजरतगंज के मशहूर रॉयल कैफे जाया करते थे. वहां का माहौल और स्वाद उन्हें बहुत पसंद था. वही यादें उनके मन में बस गईं. कई साल बाद जब अयोध्या में उन्होंने अपना आउटलेट शुरू किया, तो उसी नाम से जुड़ा सम्मान दिखाने के लिए उन्होंने Royal Cafe Restaurant & Bakery नाम चुना.
शुरुआत उन्होंने बहुत साधारण सोच के साथ की. मकसद साफ था. पास पड़ोस के लोगों को साफ और एक जैसा अच्छा खाना देना. किचन शुरू करने के लिए उन्होंने अपनी बचत से करीब पांच से छह लाख रुपये लगाए. धीरे धीरे ऑर्डर बढ़ने लगे. रोज़मर्रा के खर्च और सप्लाई संभालने के लिए उन्हें अतिरिक्त पूंजी की जरूरत महसूस हुई.
यहीं से सरकारी योजना ने उनकी मदद की. मनीष ने उत्तर प्रदेश सरकार की ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ योजना (CM YUVA Yojana) के तहत लोन के लिए आवेदन किया. उन्हें इस योजना की जानकारी विज्ञापनों के जरिए मिली. विज्ञापनों में करीब पांच लाख रुपये तक का बिना ब्याज लोन और पचास हजार रुपये की सब्सिडी का जिक्र था. मनीष कहते हैं कि बैंक लोन और सब्सिडी के मेल ने शुरुआती महीनों का दबाव काफी कम कर दिया.
बैंक ने पहले सरकारी पोर्टल पर आवेदन करने को कहा. शुरुआती जांच में करीब दस से पंद्रह दिन लगे. इसके बाद फाइल बैंक के पास पहुंची. सभी दस्तावेज पूरे होने पर करीब बीस से पच्चीस दिनों में पैसा मिल गया. मनीष बताते हैं कि यह प्रक्रिया तुरंत नहीं थी, लेकिन साफ और तय कदमों वाली थी. हर स्टेप समझ में आता था.
Royal Cafe Restaurant & Bakery में आज क्विक सर्व फूड पर फोकस है. बर्गर और पिज्जा यहां सबसे ज्यादा बिकते हैं. सब कुछ इन हाउस तैयार किया जाता है. मनीष ब्रांडेड सामग्री और तय तरीकों का इस्तेमाल करते हैं. उनका मानना है कि बार बार आने वाले ग्राहक तभी बनते हैं, जब स्वाद और गुणवत्ता हर बार एक जैसी हो.
कुछ ही महीनों में उन्होंने करीब चार लोगों को काम पर रखा. मनीष कहते हैं कि जब किसी छोटे बिजनेस से कई घरों की आमदनी जुड़ती है, तब काम की अहमियत और बढ़ जाती है. उन्हें यह एहसास अच्छा लगता है कि उनका रेस्टोरेंट दूसरों के लिए भी सहारा बन रहा है.
वह नए उद्यमियों को सलाह देते हैं कि वही काम चुनें, जिसे वे समझते हों. दस्तावेज पहले से तैयार रखें. बैंक से खुलकर बात करें. वह अपने दोस्तों को भी सीएम युवा योजना के बारे में बताते हैं. हाल ही में उन्होंने एक दोस्त को आवेदन की शुरुआती प्रक्रिया समझाई.
अब मनीष का फोकस स्थिरता पर है. वह सेवा बेहतर करना चाहते हैं. खर्च पर नियंत्रण रखना चाहते हैं. उनका कहना है कि फिलहाल लक्ष्य बहुत बड़ा नहीं है. बस हर महीने रेस्टोरेंट को अच्छे से चलाना है. धीरे धीरे भरोसेमंद ग्राहकों की संख्या बढ़ानी है.
अयोध्या के मनीष की यह कहानी दिखाती है कि सही योजना, धैर्य और सरकारी सहयोग से एक साधारण सपना भी मजबूत बिजनेस बन सकता है.
क्या है CM YUVA योजना?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है.
इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग की कार्यकारी संस्था उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय द्वारा ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ (CM YUVA) योजना संचालित की जा रही है.
इस योजना के तहत युवाओं को अपना उद्योग या सेवा आधारित व्यवसाय शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का 100% ब्याज मुक्त और बिना गारंटी का ऋण (लोन) उपलब्ध कराया जाता है. साथ ही परियोजना लागत पर 10% मार्जिन मनी अनुदान भी दिया जाता है.
CM YUVA योजना युवाओं को केवल वित्तीय सहायता ही नहीं देती, बल्कि उन्हें उद्यमिता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, मेंटरशिप, बाजार तक पहुंच और संसाधन भी उपलब्ध कराती है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें.
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Edited by Ravi Pareek



