लॉकडाउन में शुरू हुआ मेरठ का ‘गोयल पोशाक’ ब्रांड, CM Yuva Yojana से मिली रफ्तार
मेरठ के रहने वाले अनुज गोयल ने अपने हुनर से मूर्तियों के लिए पोशाक और मुकुट बनाने का बिज़नेस शुरू किया. उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार की ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना’ का लाभ मिला और आज ऑनलाइन मार्केटप्लेस के जरिए रोजाना लगभग 20 ऑर्डर पूरे करते हैं.
मेरठ के रहने वाले अनुज गोयल ने लॉकडाउन के दौरान उपजे छोटे से आइडिया को बिज़नेस का रूप दे दिया. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार की ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना’ (CM YUVA Yojana) के तहत कॉमर्स ग्रेजुएट अनुज ने सरकारी लोन लेकर देवी-देवताओं के मुकुट और पोशाक बनाने का बिजनेस शुरू किया. उन्होंने इसका नाम रखा ‘गोयल पोशाक’.
अनुज बताते हैं कि ₹3,000 की छोटी शुरुआत से शुरू हुआ यह काम आज ऑनलाइन मार्केटप्लेस के जरिए रोज़ाना करीब 20 ऑर्डर तक पहुंच चुका है.
यूपी सरकार की ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना’ का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को रोजगार पाने वाले से रोजगार देने वाला बनाना है. योजना के तहत 5 लाख रुपये तक के उद्योगों/सेवा परियोजनाओं पर 100% ब्याज मुक्त एवं बिना गारंटी के लोन दिया जाता है. साथ ही परियोजना लागत पर 10% मार्जिन मनी अनुदान भी मिलता है.
यह योजना न केवल युवाओं को रोजगार देने का माध्यम है, बल्कि उन्हें उद्यमिता की राह पर चलने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता, मेंटरशिप, बाजार तक पहुंच और संसाधन भी प्रदान करती है.
लॉकडाउन में घर से शुरू किया बिजनेस
इस बिज़नेस की नींव घर से ही पड़ी. अनुज की मां सिलाई में माहिर हैं. लॉकडाउन के दौरान उन्होंने परिवार और रिश्तेदारों के लिए भगवान कृष्ण की पोशाकें सिलनी शुरू कीं. लोगों को ये पोशाकें पसंद आईं और धीरे-धीरे मांग बढ़ने लगी.
अनुज ने गंगा घाट के पास अपने चाचा की दुकान पर कुछ पोशाकें रखीं. वहां से अच्छे रिस्पॉन्स मिलने पर उन्होंने डिजाइन और वैरायटी बढ़ाई. समय के साथ यह शौक एक नियमित काम में बदल गया, जिसमें मां के साथ भाई-बहन भी जुड़ गए.
अनुज ने 2025 में एनएस कॉलेज, मेरठ से एम.कॉम किया है. इससे पहले उन्होंने डीएन कॉलेज से बी.कॉम किया था. कॉलेज के दौरान ही उन्हें राज्य सरकार की ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना’ के बारे में पता चला.
उन्होंने जिला उद्योग केंद्र, मेरठ के जरिए आवेदन किया और लोन मिलने के बाद मशीनें और कच्चा माल खरीदा. जैसे-जैसे ऑर्डर बढ़े, उन्होंने जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराया, एक छोटी दुकान किराए पर ली और काम को व्यवस्थित तरीके से शुरू किया.
ऑनलाइन भी बिकते हैं प्रोडक्ट
गोयल पोशाक में भगवान कृष्ण के मुकुट और पोशाकें साइज 0 से 6 तक बनाई जाती हैं. इसके अलावा अन्य देवी-देवताओं और मंदिरों के लिए बड़े साइज के वस्त्र भी तैयार किए जाते हैं.
अनुज बताते हैं कि ज्यादातर ऑर्डर मीशो और फ्लिपकार्ट से आते हैं, जबकि कई ग्राहक जस्टडायल के जरिए संपर्क करते हैं. आगे चलकर 2026 में वे B2B (बिजनेस-टू-बिजनेस) ग्राहकों तक पहुंचने के लिए इंडिया मार्ट पर भी जुड़ने की योजना बना रहे हैं.
छोटे कदम, बड़ा रास्ता
अनुज ने शुरुआत में एक-एक पीस बनाकर बाजार की मांग को समझा. जो कमाई हुई, उसे दोबारा बिज़नेस में लगाया और नए डिजाइन व साइज जोड़े. जैसे ही बार-बार ऑर्डर आने लगे, उन्होंने बाहर स्टॉक रखने के बजाय खुद निर्माण शुरू किया और फिर ऑनलाइन बिक्री के लिए जरूरी कागज़ी काम पूरे किए.
अनुज का मानना है, “कोई भी काम छोटा नहीं होता. सही सोच और मेहनत से कम पूंजी में भी बिज़नेस खड़ा किया जा सकता है.”
नए उद्यमियों को सलाह देते हुए, अनुज कहते हैं, “छोटे स्तर से शुरुआत करें, खर्च और कमाई का हिसाब रखें और जैसे-जैसे काम बढ़े, उसे औपचारिक रूप दें. हालात परफेक्ट होने का इंतजार करने के बजाय शुरुआत करना ज़्यादा जरूरी है.”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में, उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना (CM YUVA Yojana) देश के अन्य राज्यों के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बन सकती है.
Edited by रविकांत पारीक


