Mem0 को मिली 200 करोड़ रु की फंडिंग, अब AI एजेंट्स को भी मिलेगी ‘मेमोरी’ की ताकत!
AI एजेंट्स के लिए मेमोरी लेयर बनाने वाली कंपनी Mem0 ने $24 मिलियन जुटाए हैं. Basis Set Ventures और Peak XV Partners के नेतृत्व में हुई इस फंडिंग से कंपनी AI को इंसानों जैसी ‘याददाश्त’ देने की दिशा में काम करेगी. यानि अब ChatGPT जैसे एजेंट्स भी आपकी बातें याद रखेंगे.
AI एजेंट्स के लिए मेमोरी इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने वाले प्लेटफ़ॉर्म Mem0 ने $24 मिलियन (लगभग ₹200 करोड़) की सीड और सीरीज़ A फंडिंग हासिल की है. यह राउंड Basis Set Ventures की अगुवाई में हुआ, जिसमें Peak XV Partners, Kindred Ventures, GitHub Fund और Y Combinator जैसे बड़े निवेशकों ने हिस्सा लिया.
इस राउंड में स्कॉट बेल्स्की (Adobe), धर्मेश शाह (HubSpot) और कई टेक कंपनियों के CEO — जैसे ओलिवियर पोमेल (Datadog), पॉल कॉपलस्टोन (Supabase), जेम्स हॉकिन्स (PostHog), थॉमस डोहम्के (ex-GitHub) और लुकास बिएवाल्ड (Weights & Biases) ने भी रणनीतिक निवेश किया है.
ताजा फंडिंग से Mem0 अपनी इंजीनियरिंग टीम का विस्तार करेगा और बड़ी कंपनियों के लिए एडवांस्ड मेमोरी सॉल्यूशंस तैयार करेगा.
कंपनी पहले ही AWS, CrewAI, Flowise और Langflow जैसे फ्रेमवर्क्स में इंटीग्रेट हो चुकी है.
Mem0 की स्थापना 2023 में तरनजीत सिंह और देशराज यादव ने की थी. तरनजीत पहले Cookup AI (पहला GPT App Store) बना चुके हैं, जिसे एक मिलियन से ज़्यादा यूजर्स ने इस्तेमाल किया. जबकि देशराज यादव पहले Tesla Autopilot टीम में AI इन्फ्रास्ट्रक्चर लीड कर चुके हैं.
दोनों ने मिलकर पहले Embedchain और EvalAI जैसे प्रोजेक्ट भी बनाए हैं, जिन्हें दुनियाभर के डेवलपर्स इस्तेमाल करते हैं.
सैन फ्रांसिस्को स्थित Mem0 के लॉन्च के बाद से ही इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है. कंपनी के पास अब तक 41,000 GitHub स्टार्स और 14 मिलियन Python पैकेज डाउनलोड्स हैं. साल 2025 की पहली तिमाही में जहां 35 मिलियन API कॉल्स थीं, वहीं तीसरी तिमाही तक यह संख्या 186 मिलियन तक पहुंच गई.
Mem0 के को-फाउंडर और सीईओ तरनजीत सिंह ने कहा, “हर AI एजेंट को मेमोरी की जरूरत होती है, जैसे हर ऐप को डेटाबेस की होती है. हमारा लक्ष्य है कि Mem0 को AI एजेंट्स के लिए डिफ़ॉल्ट मेमोरी लेयर बनाया जाए.”
Basis Set Ventures की फाउंडिंग पार्टनर Lan Xuezhao ने कहा, “हमने Mem0 में शुरुआती दिनों से निवेश किया क्योंकि मेमोरी ही AI का भविष्य है. यह टीम AI को इंसान की तरह याद रखने में सक्षम बना रही है.”
Peak XV Partners के पार्टनर अर्नव साहू ने कहा, “Mem0 के पास AI दुनिया में अगली बड़ी क्रांति लाने की क्षमता है — जैसे ‘Single Memory Sign-On’ जहां आपकी सभी जानकारी और पसंद एक जगह स्टोर हो सके.”
क्यों ज़रूरी है AI में मेमोरी?
आज के AI एजेंट्स में एक बड़ी कमी है, वे कुछ याद नहीं रख सकते. यूजर्स को बार-बार वही जानकारी देनी पड़ती है. चाहे वो ChatGPT हो, सपोर्ट बॉट्स हों या कोडिंग असिस्टेंट्स, हर बार शुरुआत नई करनी पड़ती है.
इसी समस्या को हल करने के लिए Mem0 काम कर रहा है.
Mem0 डेवलपर्स को सिर्फ तीन लाइनों के कोड से अपने AI सिस्टम्स में मेमोरी जोड़ने की सुविधा देता है. यह प्लेटफ़ॉर्म इंटरैक्शन से जानकारी को समझदारी से निकालता, वर्गीकृत करता और ज़रूरत पड़ने पर उसे फिर से याद करता है, बिल्कुल इंसानों की तरह.



