फतेहपुर के नौशाद ने नौकरी छोड़ शुरू किया फास्ट फूड बिजनेस, CM YUVA योजना बनी सहारा
फतेहपुर के मोहम्मद नौशाद ने सेल्स की नौकरी छोड़कर 'हटके कैफे' की फ्रेंचाइजी शुरू की. यूपी सरकार की CM YUVA Yojana के तहत 5 लाख रुपये का ब्याज मुक्त लोन लेकर उन्होंने उपकरण और स्टॉक खरीदा. आज वह अपने शहर में मुंबई स्टाइल स्नैक्स परोसते हुए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.
फतेहपुर जिले के खलील नगर के रहने वाले मोहम्मद नौशाद किसी कारोबारी परिवार से नहीं आते. उन्होंने कई साल सेल्स और मार्केटिंग की नौकरी की. टारगेट, दबाव और रोज की भागदौड़ उनके काम का हिस्सा था. समय के साथ उन्हें लगा कि सैलरी वाली नौकरी में भविष्य पर उनका नियंत्रण सीमित है.
वह कहते हैं, “शुरुआत में डर होता है, लेकिन जब अपना काम शुरू करते हैं तो धीरे धीरे सब नियमित हो जाता है.”
नौशाद के मन में अपना व्यवसाय शुरू करने का विचार धीरे धीरे पनपा. परिवार ने भी हौसला बढ़ाया. वह ऐसे विकल्प खोजने लगे जिसमें वह खुद फैसले ले सकें. इसी दौरान उन्हें महाराष्ट्र के औरंगाबाद की एक फ्रेंचाइजी ब्रांड हटके कैफे के बारे में जानकारी मिली, जो मुंबई स्टाइल स्नैक्स के लिए जानी जाती है.
उन्होंने रायबरेली में चल रहे एक आउटलेट का दौरा किया. वहां का काम देखकर उन्हें भरोसा हुआ कि फतेहपुर में भी यह मॉडल चल सकता है. उनके शहर में इस तरह के स्नैक्स आसानी से उपलब्ध नहीं थे.
19 नवंबर 2025 को उन्होंने तामेश्वर चौराहा के पास अपना आउटलेट शुरू किया.
फतेहपुर का हटके कैफे बर्गर, पिज्जा, वडा पाव और मॉकटेल जैसे फास्ट फूड आइटम परोसता है. इसके साथ कंपनी के चालीस से अधिक प्रोडक्ट भी उपलब्ध हैं. फ्रेंचाइजी होने के कारण उन्हें कंपनी से ट्रेनिंग और संचालन संबंधी मार्गदर्शन मिला. कुछ हफ्तों तक कंपनी के शेफ ने उन्हें किचन प्रक्रिया और प्रोडक्ट तैयार करने का प्रशिक्षण दिया.
नौशाद खुद किचन का काम संभालते हैं. दो से तीन कर्मचारी ऑर्डर, सर्विंग और सफाई का काम देखते हैं.
शुरुआती पूंजी उन्होंने अपनी बचत से लगाई. बाद में उन्होंने यूपी सरकार की ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ योजना (CM YUVA Yojana) के तहत पांच लाख रुपये का ब्याज मुक्त लोन लिया. छह महीने की मोहलत के साथ यह सहायता मिली. इस रकम से उन्होंने उपकरण और शुरुआती स्टॉक खरीदा.
उनका कहना है कि जिला उद्योग केंद्र और बैंक के बीच प्रक्रिया समन्वित थी और आवेदन ज्यादा जटिल नहीं लगा.
कैफे में ग्राहकों की संख्या धीरे धीरे बढ़ रही है. नौशाद मानते हैं कि जागरूकता अभी भी चुनौती है. उन्होंने अपने आउटलेट को फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध किया है. इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब के माध्यम से प्रचार कर रहे हैं. उनका लक्ष्य है कि शहर के लोग जानें कि अब मुंबई स्टाइल स्नैक्स फतेहपुर में भी मिल रहे हैं.
फ्रेंचाइजी मॉडल ने कुछ जोखिम कम किया. कंपनी की नीति के अनुसार ग्यारह किलोमीटर के दायरे में दूसरा आउटलेट नहीं खुलेगा. इससे छोटे शहर में प्रतिस्पर्धा का दबाव कुछ हद तक कम रहता है.
सेल्स एग्जीक्यूटिव की नौकरी से निकलकर उद्यमी बनना आसान नहीं था. पहले जहां मासिक लक्ष्य पूरे करने होते थे, अब रोज की जिम्मेदारियां हैं. किचन की देखरेख, स्टाफ प्रबंधन, खर्च का हिसाब और ग्राहक संतुष्टि सब कुछ खुद संभालना पड़ता है.
फिर भी नौशाद को लगता है कि अब उनका काम उनके अपने शहर से जुड़ा है. धीरे धीरे बढ़ना उन्हें ज्यादा टिकाऊ लगता है, बजाय हर महीने नए टारगेट के पीछे भागने के.
फतेहपुर में उनका कैफे अभी शुरुआती दौर में है. लेकिन यह कदम उनके लिए सिर्फ व्यवसाय नहीं, बल्कि अपने भविष्य पर नियंत्रण की दिशा में एक प्रयास है.
क्या है CM YUVA योजना?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है.
इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग की कार्यकारी संस्था उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय द्वारा ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ (CM YUVA) योजना संचालित की जा रही है.
इस योजना के तहत युवाओं को अपना उद्योग या सेवा आधारित व्यवसाय शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का 100% ब्याज मुक्त और बिना गारंटी का ऋण (लोन) उपलब्ध कराया जाता है. साथ ही परियोजना लागत पर 10% मार्जिन मनी अनुदान भी दिया जाता है.
CM YUVA योजना युवाओं को केवल वित्तीय सहायता ही नहीं देती, बल्कि उन्हें उद्यमिता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, मेंटरशिप, बाजार तक पहुंच और संसाधन भी उपलब्ध कराती है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें.
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Edited by Ravi Pareek



