छोटे बच्चे कर रहे इनोवेशन, किसी ने सेंसर बनाया तो किसी ने गेम, ये फाउंडेशन करता है मदद

कुछ बच्चों ने ऐसा सेंसर बना दिया है, जिससे गैस सिलेंडर खत्म होने से पहले ही आपको अलर्ट मिल जाएगा. वहीं किसी ने ऐसा गेम बनाया है, जो लोगों को समुद्र और नदियों के प्रदूषण को कम करने के लिए प्रेरित करता है.

छोटे बच्चे कर रहे इनोवेशन, किसी ने सेंसर बनाया तो किसी ने गेम, ये फाउंडेशन करता है मदद

Friday January 13, 2023,

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तेजी से फैलते स्टार्टअप कल्चर में अब स्कूलों से ही इनोवेशन को बढ़ावा दिया जाने लगा है. छोटे-छोटे बच्चे ऐसे-ऐसे इनोवेशन कर रहे हैं, जिन्हें देखकर बड़े-बड़े लोग हैरान रह जाएं. कुछ बच्चों ने ऐसा सेंसर बना दिया है, जिससे गैस सिलेंडर खत्म होने से पहले ही आपको अलर्ट मिल जाएगा. वहीं कुछ बच्चों ने अच्छे और खराब स्पर्श यानी गुड और बैड टच के बारे में जागरूक करने के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म बना दिया है. वहीं किसी ने ऐसा गेम बनाया है, जो लोगों को समुद्र और नदियों के प्रदूषण को कम करने के लिए प्रेरित करता है. दिलचस्प है कि ये केवल 5वीं से 8वीं कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों की तरफ से बनाए गए क्रिएटिव और विचारशील प्रोटोटाइप हैं.

इस साल तिलक नगर बीएमसी स्कूल में आयोजित Maker's Factory में इन चीजों को प्रदर्शित किया गया. इस दौरान First Mission के डायरेक्टर और Atal Innovation Mission मिशन के डायरेक्टर Ramanan Ramanathan भी मौजूद रहे. इनके अलावा Capgemini कंपनी के सीएसआर प्रमुख अनुराग प्रताप, Samagra Shiksha के स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर Kailash Pagare और आईआईटी बॉम्बे के एजुकेशन टेक्नोलॉजी विभाग के प्रमुख Ramkumar Rajendran भी मौजूद थे.

Maker's Factory का आयोजन Pi Jam Foundation ने किया था. इस फाउंडेशन ने तमाम सरकारी स्कूलों में हस्तक्षेप करते हुए कंप्यूटर साइंस के लिए लगाव को बढ़ावा दिया है और इसी सफलता के लिए जश्न के रूप में ये आयोजन किया गया था. अपने इस कदम के जरिए फाउंडेशन 21वीं शताब्दी की स्किल्स डेवलप करने में मदद कर रहा है. इसके तहत कम्प्यूटेशनल थिंकिंग, डिजाइन थिंकिंग और समस्याओं का समाधान करने की स्किल्स को डेवलप किया जा रहा है. बच्चों को अपने आस-पास की दुनिया से तकनीक का फायदा उठाते हुए समस्याओं का समाधान निकालने के तरीके सिखाए जा रहे हैं.

लोग हैरान भी हुए और संतुष्ट भी

कार्यक्रम में आए लोगों ने छोटे बच्चों को अपने आस-पास की वास्तविक समस्याओं को हल करने के बारे में कुछ नया करते और सोचते हुए देख हैरानी भी जताई और संतुष्टि भी. First Mission के डायरेक्टर Ramanan Ramanathan कहा, "स्कूलों के छोटे बच्चों को उनके द्वारा परिकल्पित विचारों के बारे में इतने उत्साह के बात करते हुए देखना रोमांचक भी है और उत्साहजनक भी. बच्चे अपने इनोवेशन का उत्साह के साथ प्रदर्शन करते दिखे. इस दौरान उन्होंने 3डी प्रिंटिंग, आईओटी, क्लाउड और वेब सर्विस, Raspberry Pi और Arduino boards के बारे में बात की. आपकी खुशी अचानक से तब दोगुनी हो जाती है, जब आपको पता चलता है कि ये बच्चे सरकारी स्कूलों के हैं. खासकर तब जब उनमें बड़ी मात्रा में लड़कियां भी शामिल हों. यह न्यू इंडिया के माध्यम से अपार क्षमता और परिवर्तनकारी युवा ऊर्जा को दिखाता है."

यह इवेंट छात्रों के लिए एक उत्सव होने के साथ-साथ एक मंच भी है, जहां पर वह अपने कौशल का प्रदर्शन कर सकते हैं. साथ ही उन्होंने जो भी सीखा है, जो भी इनोवेशन किया है, जिन समस्याओं का समाधान किया है और उनकी जो क्रिएटिव थिंकिंग है, उसके बारे में भी बच्चे यहां बता सकते हैं. छात्र वास्तविक दुनिया की समस्याओं के समाधान के प्रोटोटाइप और डिजिटल क्रिएशन को दिखाते हैं. Pi Jam Foundation सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई को सुलभ, सबकी पहुंच वाला, इनोवेटिव और मजेदार बनाने की दिशा में काम करता है.

आत्मनिर्भर बन सकता है भारत?

Capgemini कंपनी के सीएसआर प्रमुख अनुराग प्रताप कहते हैं, "जब मैं लोगों से, खासकर छात्रों से बात करता हूं तो कुछ चीजों पर विशेष रूप से ध्यान देता हूं. पहली ये कि क्या हम समस्याओं का समधान करने वाला देश बन सकते हैं, बजाय इसके कि हम हमेशा अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दूसरों पर निर्भर रहें? दूसरा ये कि क्या हम देश के युवाओं में इनोवेशन की आग पैदा कर सकते हैं? ये लाखों युवा जो आने वाले वक्त में कहीं काम करना शुरू करेंगे, सभी में कुछ खास बात है, जो यहां देखने को मिला."

छात्रों के साथ अपनी बातचीत के बारे में उन्होंने कहा, "मैं छात्रों के एक समूह के साथ बात कर रहा था, जिन्होंने एक बड़ी समस्या की पहचान की थी जो वे उस छोटी उम्र में देखते हैं. यह समस्या है फोन की लत और उन्होंने इसका मुकाबला करने के लिए एक तकनीक-आधारित समाधान और अन्य विचार पेश किए. यही वो ऊर्जा है, जिसकी मैं बात कर रहा हूं, जो अक्सर रूपांतरित नहीं होती है."

सरकारी अधिकारी भी जुड़े इस कार्यक्रम से

इस आयोजन में ग्रामीण विकास मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी नवीन शाह और नीति आयोग के एडवाइजर एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स Rama Kamaraju ने वर्चुअल तरीके से हिस्सा लिया. उन्होंने कहा कि टैलेंट और स्किल्स का ऐसा प्रदर्शन और युवा भारतीयों के इनोवेशन को देखकर डिजिटल रेडी भारत का भविष्य काफी उज्ज्वल रहने की उम्मीद है. नवीन शाह ने कहा, "8वीं कक्षा के बच्चों को अपने आसपास की वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करने के बारे में सोचते हुए देखकर मुझे हैरानी हुई. पानी की बर्बादी को कम करने जैसे कुछ प्रोजेक्ट बहुत ही शानदार थे. हमारे पास लगभग 3000 गांव हैं और मुझे इन सभी गांवों में इस प्रोजेक्ट को लागू करने में खुशी होगी."

बीएमसी और पीसीएमसी (पिंपरी चिंचवाड़ महानगर निगम) स्कूलों के छात्रों और शिक्षकों को कंप्यूटर साइंस शिक्षा मुहैया कराने के Pi Jam Foundation के विजन को कैपजेमिनी के सहयोग और समर्थन से पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं. Rama Kamaraju ने अपने वर्चुअल संबोधन में कहा, "मैं यह जानने के लिए उत्सुक था कि उन्होंने इन दिलचस्प प्रोजेक्ट का आविष्कार, विचार और समस्या-समाधान कैसे किया और इन्हें कैसे इन्हें लागू किया. मैं यह भी जानना चाहता था कि वह अपना भविष्य कहां देखते हैं."

समग्र शिक्षा (Samagra Shiksha ) के राज्य परियोजना निदेशक कैलाश पगारे ने अपने भाषण में फाउंडेशन के काम की प्रशंसा करते हुए कहा, "मैं Pi Jam Foundation की तरफ से किए जा रहे काम की तहे दिल से सराहना करता हूं और मैं आने वाले सालों में प्रोजेक्ट्स के लिए उनके साथ मिलकर काम करने की उम्मीद करता हूं. Maker's Factory जैसे इवेंट युवाओं की क्षमता के साथ-साथ दिखाते हैं कि जब छात्रों को 21वीं शताब्दी के कौशल निर्माण के लिए टूल्स दे दिए जाएं तो वह क्या-क्या कर सकते हैं. भले ही बात छात्रों, टीचर, माता-पिता की हो या सरकारी अधिकारियों, एनजीओ पार्टनर और कंपनियों की हो, ये एक ऐसी जगह है जहां सभी हितधारकों को साथ आने की जरूरत है और बच्चों के लिए साथ मिलकर काम करने की जरूरत है.

क्या करता है ये फाउंडेशन?

Pi Jam Foundation एक एनजीओ है, जो अपने काम से एक असर पैदा करता है. इसे कई अवॉर्ड भी मिल चुके हैं. यह कंप्यूटर साइंस की मदद से छात्रों में समस्याओं का समाधान करने की स्किल्स पैदा करता है. साथ ही उनमें डिजिटल और कम्प्यूटेशनल स्किल्स भी डेवलप करता है और छात्रों तक सस्ती तकनीक पहुंचाने का काम करता है. इसका उद्देश्य शिक्षा को अधिक न्यायसंगत बनाना, छात्रों को प्रौद्योगिकी के साथ जुड़ने के लिए प्रेरित करना और उन्हें भविष्य के अधिक आकर्षक करियर विकल्पों के लिए कौशल से लैस करना है. यह फाउंडेशन चाहता है कि युवा तकनीक को आकार दें, क्योंकि इसी से उनके करियर और भविष्य को आकार मिलता है.


Edited by Anuj Maurya