मुज़फ्फरनगर के सचिन कुमार ने कैसे खड़ा किया अपना कंप्यूटर कोचिंग सेंटर
मुज़फ्फरनगर के सचिन कुमार ने यूपी सरकार की CM YUVA Yojana के तहत ब्याज मुक्त लोन लेकर कंप्यूटर कोचिंग सेंटर शुरू किया. एक लैपटॉप से शुरुआत कर आज 30-40 छात्रों को डिजिटल शिक्षा दे रहे हैं और स्थानीय युवाओं के लिए कौशल व रोजगार के अवसर बना रहे हैं.
मुज़फ्फरनगर जिले के सरवट क्षेत्र में एक छोटा सा कंप्यूटर कोचिंग सेंटर अब बच्चों और युवाओं के लिए सीखने की जगह बन चुका है. एक साल पहले तक यहां आसपास कोई ऐसी सुविधा नहीं थी, जहां व्यवस्थित तरीके से कंप्यूटर सिखाया जाए. छात्रों को बुनियादी डिजिटल शिक्षा के लिए दूसरे इलाकों में जाना पड़ता था. इसी कमी को सचिन कुमार ने एक अवसर के रूप में देखा.
सचिन ने तय किया कि वह अपने इलाके में ही कंप्यूटर प्रशिक्षण शुरू करेंगे. आज उनके सेंटर में 30 से 40 छात्र नियमित रूप से आते हैं. शुरुआत में केवल तीन या चार छात्र थे. लेकिन धीरे धीरे संख्या बढ़ी.
सचिन ने ग्रेजुएशन के बाद कंप्यूटर से जुड़ी पढ़ाई की. डेढ़ साल का सॉफ्टवेयर कोर्स किया. ट्रिपल सी प्रमाणपत्र भी हासिल किया. उन्होंने कभी नौकरी नहीं की. उनका मन शुरू से अपना काम करने का था.
जनवरी 2025 में उन्होंने सेंटर की शुरुआत की. उस समय उनके पास सिर्फ एक लैपटॉप था. उसी से कक्षाएं चलती थीं. संसाधन कम थे. लेकिन इरादा साफ था.
इसी दौरान उन्हें अखबार और सोशल मीडिया के माध्यम से यूपी सरकार की ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ योजना (CM YUVA Yojana) के बारे में जानकारी मिली. उन्होंने आवेदन किया. कागजी प्रक्रिया पूरी की. बाद में मेरठ में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्हें चेक सौंपा गया.
वित्तीय सहायता मिलने के बाद सचिन ने अतिरिक्त कंप्यूटर खरीदे. इंटरनेट कनेक्शन लगवाया. कैमरे और अन्य जरूरी उपकरण लगाए. इससे कक्षाएं व्यवस्थित तरीके से चलने लगीं. छात्रों की संख्या बढ़ाने में मदद मिली.
सचिन बताते हैं कि उन्होंने इस योजना को इसलिए चुना क्योंकि इसमें न तो गारंटर की जरूरत थी और न ही ब्याज देना था. इससे शुरुआती आर्थिक बोझ कम हुआ. उनका मानना है कि कई युवाओं के पास हुनर होता है, लेकिन पूंजी की कमी उन्हें रोक देती है.
वह कहते हैं, “युवाओं के पास कौशल है, पर पूंजी नहीं होती.” यही सोच उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है.
सेंटर में बेसिक कंप्यूटर शिक्षा, हिंदी और अंग्रेजी टाइपिंग, इंटरनेट का उपयोग और साइबर सुरक्षा की शुरुआती जानकारी दी जाती है. टैली और अन्य सामान्य सॉफ्टवेयर भी सिखाए जाते हैं. सचिन धीरे धीरे नए कोर्स जोड़ने की योजना बना रहे हैं.
जैसे जैसे छात्रों की संख्या बढ़ी, उन्होंने कुछ छात्रों को छोटे काम भी दिए. इससे उन्हें अनुभव मिलता है और थोड़ी आमदनी भी. सचिन के लिए यह सिर्फ एक कोचिंग सेंटर नहीं है. यह स्थानीय रोजगार का एक छोटा प्रयास है.
एक लैपटॉप से शुरू हुई यह पहल अब एक व्यवस्थित प्रशिक्षण केंद्र में बदल चुकी है. विकास तेज नहीं रहा. लेकिन सोच समझकर हुआ. सचिन का ध्यान तेजी से फैलाव पर नहीं, बल्कि स्थिरता पर है.
मुज़फ्फरनगर के इस इलाके में अब बच्चों को डिजिटल शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ता. सचिन का सफर यह दिखाता है कि अगर इरादा हो और थोड़ी मदद मिल जाए, तो छोटे स्तर से भी बड़ा बदलाव शुरू हो सकता है.
क्या है CM YUVA योजना?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है.
इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग की कार्यकारी संस्था उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय द्वारा ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ (CM YUVA) योजना संचालित की जा रही है.
इस योजना के तहत युवाओं को अपना उद्योग या सेवा आधारित व्यवसाय शुरू करने के लिए 5 लाख रुपये तक का 100% ब्याज मुक्त और बिना गारंटी का ऋण (लोन) उपलब्ध कराया जाता है. साथ ही परियोजना लागत पर 10% मार्जिन मनी अनुदान भी दिया जाता है.
CM YUVA योजना युवाओं को केवल वित्तीय सहायता ही नहीं देती, बल्कि उन्हें उद्यमिता के लिए आवश्यक मार्गदर्शन, मेंटरशिप, बाजार तक पहुंच और संसाधन भी उपलब्ध कराती है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें.
CM YUVA योजना की अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें.
Edited by Ravi Pareek



