National CSR Summit 2026: कॉर्पोरेट और सरकार साथ आए, विकास पर फोकस
National CSR Summit 2026 ने एक बार फिर यह दिखाया कि जब सरकार, कॉर्पोरेट और सामाजिक संगठन मिलकर काम करते हैं, तो विकास को नई दिशा मिलती है. यह कार्यक्रम इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में CSR भारत के विकास में और बड़ी भूमिका निभाएगा.
नई दिल्ली में आरोह फाउंडेशन (AROH Foundation) ने National CSR Summit 2026 का आयोजन किया. इस समिट में पॉलिसी मेकर्स, कॉर्पोरेट लीडर समेत अन्य विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. इस साल का थीम था “Aligning for Last-Mile Impact: Community, Collaboration, Convergence”. इस विषय के तहत इस बात पर चर्चा हुई कि CSR के माध्यम से देश के अंतिम व्यक्ति तक विकास कैसे पहुंचाया जा सकता है. साथ ही यह भी देखा गया कि CSR पहलें भारत के विकसित भारत (Viksit Bharat) के लक्ष्य में कैसे योगदान दे सकती हैं. कार्यक्रम का उद्घाटन सांसद लुम्बा राम चौधरी ने किया. उन्होंने कहा कि देश के विकास में कॉर्पोरेट सेक्टर की भागीदारी बहुत जरूरी है. खासकर आकांक्षी जिलों और आदिवासी क्षेत्रों में CSR की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है.
इस मौके पर कई प्रमुख वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए. इनमें डॉ. भास्कर चटर्जी, अर्जन डी वैग्ट, डॉ. जीवन कुमार जेठानी और डॉ. नीलम गुप्ता शामिल रहे. आरोह फाउंडेशन की फाउंडर और सीईओ डॉ. नीलम गुप्ता ने कहा कि यह मंच संवाद और साझेदारी को मजबूत करने का एक प्रयास है. उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से देश में प्रभावी CSR मॉडल को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी.
कार्यक्रम की शुरुआत एक पैनल चर्चा से हुई, जिसका संचालन सीएसआर विशेषज्ञ गायत्री सुब्रमण्यम ने किया. इस चर्चा में भारत सरकार के पूर्व अतिरिक्त सचिव डॉ. मधुकर गुप्ता, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के वरिष्ठ निदेशक डॉ. जीवन कुमार जेठानी, शिक्षा मंत्रालय की आर्थिक सलाहकार ए. सृजा और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के कार्यकारी निदेशक बिभूति रंजन प्रधान ने भाग लिया. सभी ने CSR की भूमिका और नीति से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार रखे.
समिट में कई प्रमुख संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए. इसमें हैबिटेट फॉर ह्यूमैनिटी इंडिया, पीसीआई इंडिया, एंजेंडरहेल्थ, यूनिसेफ इंडिया, गेट्स फाउंडेशन, वेल्थहंगरहिल्फे और एविडेंस एक्शन जैसे संगठनों के विशेषज्ञ शामिल रहे. इन सभी ने अपने काम के उदाहरण देकर बताया कि CSR के जरिए जमीनी स्तर पर किस तरह बदलाव लाया जा सकता है.
इसके अलावा श्री सत्य साई अन्नपूर्णा ट्रस्ट, स्माइल फाउंडेशन, पिरामल फाउंडेशन, स्वदेश फाउंडेशन और एचडीएफसी परिवर्तन जैसे संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी भागीदारी दर्ज कराई. उन्होंने अपने प्रोजेक्ट्स और अनुभवों के जरिए CSR के प्रभाव को समझाया.
कार्यक्रम में भारती एयरटेल फाउंडेशन, देशपांडे एजुकेशनल ट्रस्ट, सीआईएफएफ, एनएचपीसी, लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन, यूएनडीपी इंडिया, जीआईज़ेड इंडिया, डिजिटल ग्रीन इंडिया, द नेचर कंज़र्वेंसी और वर्ल्ड फूड प्रोग्राम जैसे संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए. इन सभी ने नीति, नवाचार और जमीनी काम के उदाहरणों पर चर्चा की.
इस समिट में स्टेम लर्निंग, हैबिटेट फॉर ह्यूमैनिटी इंडिया, पीसीआई इंडिया, बीवोकल और पावरग्रिड जैसे सहयोगी संगठनों ने भी अहम भूमिका निभाई. उनके सहयोग से यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित हो सका.
National CSR Summit 2026 ने एक बार फिर यह दिखाया कि जब सरकार, कॉर्पोरेट और सामाजिक संगठन मिलकर काम करते हैं, तो विकास को नई दिशा मिलती है. यह कार्यक्रम इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में CSR भारत के विकास में और बड़ी भूमिका निभाएगा.
Edited by Ravi Pareek



