AI की वजह से Oracle ने एक साल में निकाले 21,000 कर्मचारी
Oracle ने पिछले एक साल में करीब 21,000 कर्मचारियों की छंटनी की है. यह कंपनी के कुल कर्मचारियों का लगभग 13 प्रतिशत हिस्सा है. Oracle ने अपनी सालाना नियामकीय फाइलिंग में बताया कि कंपनी के कामकाज में AI टेक्नोलॉजी को अपनाने और उसका इस्तेमाल बढ़ाने की वजह से कर्मचारियों की संख्या कम करनी पड़ी है.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब सिर्फ काम करने का तरीका नहीं बदल रहा है, बल्कि नौकरियों पर भी इसका असर साफ दिखाई देने लगा है. दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां तेजी से AI में निवेश कर रही हैं. इसके साथ ही कर्मचारियों की संख्या भी घटाई जा रही है. अब इस लिस्ट में टेक जगत की दिग्गज कंपनी Oracle का नाम भी प्रमुखता से सामने आया है.
सीएनबीसी की रिपोर्ट के अनुसार Oracle ने पिछले एक साल में करीब 21,000 कर्मचारियों की छंटनी की है. यह कंपनी के कुल कर्मचारियों का लगभग 13 प्रतिशत हिस्सा है.
कंपनी की सालाना नियामकीय फाइलिंग के मुताबिक मई 2026 तक Oracle में 1 लाख 41 हजार फुल टाइम कर्मचारी काम कर रहे थे. एक साल पहले यह संख्या 1 लाख 62 हजार थी. यानी सिर्फ एक साल में कर्मचारियों की संख्या में करीब 21 हजार की कमी आई है.
Oracle ने अपनी फाइलिंग में साफ कहा है कि कंपनी के कामकाज में AI टेक्नोलॉजी को अपनाने और उसका इस्तेमाल बढ़ाने की वजह से कर्मचारियों की संख्या कम करनी पड़ी है. कंपनी ने यह भी माना कि आगे भी AI के बढ़ते इस्तेमाल के कारण ऐसी स्थिति बन सकती है.
Oracle ने कहा कि जैसे-जैसे उसका क्लाउड और AI कारोबार बढ़ेगा, वैसे-वैसे वह अपने संसाधनों और डेवलपमेंट टीम का पुनर्गठन करती रहेगी ताकि ग्राहकों को बेहतर क्लाउड और AI प्रोडक्ट दिए जा सकें.
कर्मचारियों की छंटनी केवल नौकरियां कम करने तक सीमित नहीं रही. कंपनी को इसके लिए भारी खर्च भी करना पड़ा.
Oracle ने पिछले वित्त वर्ष में पुनर्गठन पर 1.8 अरब डॉलर खर्च किए. इसमें कर्मचारियों को दिए गए सेवेरेंस पैकेज और अन्य एग्जिट खर्च शामिल हैं. इससे एक साल पहले कंपनी ने केवल 374 मिलियन डॉलर खर्च किए थे.
Oracle ने यह भी स्वीकार किया कि इस तरह के बड़े पुनर्गठन से कई तरह की समस्याएं पैदा हो सकती हैं.
कंपनी के मुताबिक इससे कुछ खास पदों पर योग्य कर्मचारियों की कमी हो सकती है. लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों का अनुभव और संस्थागत ज्ञान भी खो सकता है. साथ ही बाकी कर्मचारियों का मनोबल और उन्हें लंबे समय तक कंपनी में बनाए रखना भी चुनौती बन सकता है.
रिपोर्ट के मुताबिक Oracle ने मार्च में कर्मचारियों को हजारों नौकरियां खत्म करने की जानकारी दी थी. उस समय कंपनी पर AI इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए भारी कर्ज जुटाने का दबाव था.
जनवरी में Oracle ने 50 अरब डॉलर कर्ज और इक्विटी के जरिए जुटाने की योजना का ऐलान किया था. वहीं पिछले वित्त वर्ष में कंपनी का फ्री कैश फ्लो माइनस 23.7 अरब डॉलर रहा. दूसरी ओर पूंजीगत खर्च यानी कैपेक्स 162 प्रतिशत बढ़कर 55.7 अरब डॉलर पहुंच गया.
Oracle अकेली कंपनी नहीं है जिसने AI के दौर में कर्मचारियों की संख्या घटाई है.
Meta, Google, Microsoft और Amazon जैसी बड़ी टेक कंपनियां भी इस साल AI डेटा सेंटर बनाने के लिए मिलकर लगभग 700 अरब डॉलर तक का पूंजीगत निवेश करने की योजना पर काम कर रही हैं.
मई में Meta ने करीब 8,000 कर्मचारियों की छंटनी की थी, जो उसके कुल कर्मचारियों का लगभग 10 प्रतिशत था. कंपनी के CEO मार्क जुकरबर्ग ने कर्मचारियों से कहा था कि AI के दौर में सफलता तय नहीं मानी जा सकती.
वहीं अप्रैल में Microsoft ने अमेरिका में अपने करीब 7 प्रतिशत कर्मचारियों को स्वैच्छिक बायआउट का प्रस्ताव दिया था.
रिपोर्ट के अनुसार 2025 के दौरान अमेरिका में AI की वजह से 50 हजार से ज्यादा नौकरियां खत्म हुईं. Salesforce और IBM जैसी कंपनियों ने भी हजारों कर्मचारियों की छंटनी की है.
AI टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए नई संभावनाएं लेकर आई है. लेकिन इसके साथ यह भी साफ हो रहा है कि बदलती टेक्नोलॉजी के इस दौर में कर्मचारियों को लगातार नई स्किल सीखनी होंगी. आने वाले वर्षों में वही लोग सबसे ज्यादा सुरक्षित होंगे जो खुद को नई टेक्नोलॉजी के साथ तेजी से ढाल पाएंगे.



