2025 में दुनिया देखेगी पहला ‘Made in India’ सेमीकंडक्टर चिप: PM मोदी
79वें स्वतंत्रता दिवस पर PM मोदी ने कानूनों में बड़े सुधार, दिवाली से पहले GST में राहत, स्टार्टअप्स व MSME को समर्थन, 2025 तक स्वदेशी सेमीकंडक्टर, स्पेस स्टेशन, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसे कदमों से 2047 तक विकसित भारत का संकल्प दोहराया.
79वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से राष्ट्र को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत ने “Reform, Perform, Transform” की राह पर कदम बढ़ाए हैं, लेकिन अब और तेज़ी से आगे बढ़ने का समय है. उन्होंने एक ऐसे भारत का विज़न पेश किया जहां कानून, नियम और प्रक्रियाएं आसान हों, उद्यमिता को बढ़ावा मिले और हर नागरिक ‘विकसित भारत’ के निर्माण में योगदान दे सके.
उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि सुधार केवल आर्थिक नीतियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नागरिकों के रोज़मर्रा के जीवन को आसान बनाने और उनके भीतर आत्मविश्वास जगाने का प्रयास है.
PM मोदी ने कहा कि आज का भारत दुनिया में अपनी पहचान “निर्भर उपभोक्ता” के रूप में नहीं, बल्कि “आत्मनिर्भर निर्माता” और “नवाचार केंद्र” के रूप में बना रहा है. उन्होंने युवाओं, किसानों, उद्यमियों और वैज्ञानिकों को इस परिवर्तन यात्रा के अग्रदूत के रूप में देखने की बात कही.
MSMEs और स्टार्टअप्स को पीएम मोदी का तोहफा
PM मोदी ने बताया कि सरकार ने अब तक 40,000 से अधिक अनावश्यक अनुपालनों को समाप्त किया और 1,500 से ज्यादा पुराने कानून रद्द किए. हाल के सत्र में ही 280 से अधिक प्रावधान हटाए गए. आयकर सुधार, फेसलेस असेसमेंट, सालाना 12 लाख रुपये तक की आय पर शून्य कर, और पुराने आपराधिक कानूनों की जगह “भारतीय न्याय संहिता” जैसी पहलें आम लोगों के जीवन को आसान और पारदर्शी बना रही हैं.
PM मोदी ने स्टार्टअप्स, MSMEs और उद्यमियों के अनुपालन खर्च कम करने और पुराने कानूनी प्रावधानों से डर खत्म करने के लिए “नेक्स्ट-जनरेशन रिफॉर्म्स टास्क फोर्स” के गठन की घोषणा की. यह टीम आर्थिक गतिविधियों से जुड़े सभी नियमों की समीक्षा करेगी और कारोबार के लिए माहौल बेहतर बनाएगी.
उन्होंने घोषणा की कि इस दिवाली तक नेक्स्ट-जनरेशन GST सुधार लागू होंगे, जिससे रोज़मर्रा की ज़रूरत के सामान पर कर का बोझ घटेगा. इसे उन्होंने “दिवाली का तोहफा” बताया.
2025 में दुनिया देखेगी भारत का पहला ‘Made in India’ सेमीकंडक्टर चिप
PM मोदी ने कहा कि सेमीकंडक्टर भविष्य की तकनीक और उद्योग का दिल है. उन्होंने घोषणा की कि 2025 के अंत तक भारत का पहला “Made in India” सेमीकंडक्टर चिप बाजार में आएगा. देश में सेमीकंडक्टर मिशन के तहत गुजरात, तमिलनाडु और कर्नाटक में फैब यूनिट्स और असेंबली टेस्ट पैकेजिंग यूनिट्स पर तेज़ी से काम चल रहा है.
उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को हाई-टेक सप्लाई चेन में आत्मनिर्भर बनना है, ताकि मोबाइल, लैपटॉप, इलेक्ट्रिक व्हीकल और रक्षा उपकरणों के लिए विदेशी निर्भरता खत्म हो सके.
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़े कदम
प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत को ‘विकसित भारत’ की आधारशिला बताया. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को रक्षा आत्मनिर्भरता का उदाहरण बताया और स्वदेशी जेट इंजन बनाने का आह्वान किया.
उन्होंने घोषणा की कि भारत अपना खुद का स्पेस स्टेशन बनाएगा. देश में 300 से अधिक स्टार्टअप्स अंतरिक्ष तकनीक पर काम कर रहे हैं. ऊर्जा के क्षेत्र में, भारत ने 2030 के लक्ष्य से पहले ही 2025 में 50% स्वच्छ ऊर्जा हासिल कर ली है. PM मोदी ने बताया कि 10 नए परमाणु रिएक्टर चालू हो चुके हैं और 2047 तक परमाणु ऊर्जा क्षमता 10 गुना बढ़ाई जाएगी.
“राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन” के तहत 1,200 स्थलों की खोज जारी है. “नेशनल डीपवॉटर एक्सप्लोरेशन मिशन” से गहरे समुद्र की ऊर्जा क्षमता का उपयोग होगा.
PM मोदी ने कहा कि उर्वरकों का घरेलू उत्पादन बढ़ाना ज़रूरी है. उन्होंने युवाओं से स्वदेशी सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म बनाने का आह्वान किया.
भारत पहले से “दुनिया की फार्मेसी” है, लेकिन अब देश को अपनी दवाएं, वैक्सीन और चिकित्सा तकनीक विकसित करनी होंगी. उन्होंने स्वदेशी कोविड वैक्सीन और CoWIN प्लेटफ़ॉर्म की सफलता को प्रेरणा बताया.
वोकल फॉर लोकल और मिशन सुदर्शन चक्र
PM मोदी ने दुकानदारों से “स्वदेशी” बोर्ड लगाने और भारत निर्मित सामान को बढ़ावा देने की अपील की. रक्षा क्षेत्र में, “मिशन सुदर्शन चक्र” के तहत दुश्मन की घुसपैठ को खत्म करने और हमलावर क्षमता बढ़ाने की योजना शुरू होगी.
प्रधानमंत्री ने कहा, “दुनिया की सीमाओं को देखने के बजाय हमें अपनी रेखा लंबी करनी है.” उन्होंने 2047 तक विकसित भारत का संकल्प दोहराया और आत्मनिर्भरता को देश की ताकत, सम्मान और उज्ज्वल भविष्य की कुंजी बताया.

