PM मोदी का AI विजन: भारत में बने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, भारत के लिए हो उपयोगी
पीएम मोदी ने AI, क्वांटम कंप्यूटिंग और सिंथेटिक बायोलॉजी में भारत की बढ़ती भूमिका का ज़िक्र करते हुए 'भारत-AI मिशन' व AI एक्सीलेंस सेंटर्स की जानकारी दी. उन्होंने 'Make AI in India' और 'Make AI work for India' विज़न को दोहराया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में युग्म इनोवेशन कॉन्क्लेव का उद्घाटन करते हुए साइंस, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में भारत की प्रगति को रेखांकित किया. प्रधानमंत्री ने कहा कि "युग्म" के रूप में यह सम्मेलन सरकार, शिक्षा जगत और उद्योग से जुड़े हितधारकों के संगम का प्रतीक है, जिसका उद्देश्य विकसित भारत के लिए भविष्य की तकनीकों को आगे बढ़ाना है.
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर IIT कानपुर और IIT बॉम्बे में एआई, इंटेलिजेंट सिस्टम्स, जैव विज्ञान और स्वास्थ्य पर केंद्रित सुपरहब के उद्घाटन की घोषणा की. उन्होंने वाधवानी इनोवेशन नेटवर्क (WIN) और नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (NRF) के साथ साझेदारी को भारत की नवाचार क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया.
पीएम मोदी ने कहा कि भारत की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है और यह छात्रों को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षित कर रही है. उन्होंने 'वन नेशन, वन डिजिटल एजुकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर' के तहत 30 से अधिक भारतीय भाषाओं और सात विदेशी भाषाओं में डिजिटल पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता का उल्लेख किया.
अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि देश में अनुसंधान एवं विकास का बजट ₹60,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹1.25 लाख करोड़ किया गया है, 6,000 से अधिक उच्च शिक्षा संस्थानों में R&D सेल स्थापित किए गए हैं और 50,000 करोड़ रुपये के नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना की गई है.
उन्होंने विज्ञान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया, जिनमें IIT मद्रास द्वारा विकसित दुनिया का सबसे लंबा हाइपरलूप टेस्ट ट्रैक, IISC बेंगलुरु की ब्रेन ऑन ए चिप टेक्नोलॉजी और भारत की पहली स्वदेशी MRI मशीन प्रमुख हैं.
प्रधानमंत्री ने उच्च शिक्षा की वैश्विक रैंकिंग में भारत की प्रगति पर प्रसन्नता व्यक्त की. उन्होंने बताया कि 2014 में भारत के केवल 9 संस्थान QS वर्ल्ड रैंकिंग में थे, जो अब बढ़कर 46 हो गए हैं, और IIM-अहमदाबाद, IIT-मद्रास जैसे संस्थान अब विदेशों में भी अपने कैंपस स्थापित कर रहे हैं.
प्रधानमंत्री ने अटल टिंकरिंग लैब्स और पीएम विद्या लक्ष्मी योजना जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के युवाओं में प्रतिभा, प्रकृति और टेक्नोलॉजी का संगम भारत के भविष्य को आकार देगा.
उन्होंने प्रयोगशाला से बाजार तक की दूरी को कम करने, अनुसंधान को प्रोत्साहन देने और उद्योग, शिक्षा संस्थानों और सरकार के सहयोग से नवाचार को गति देने पर बल दिया. उन्होंने कहा, “आज युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए हमें उनके विचारों को प्रोटोटाइप और उत्पाद में बदलने की प्रक्रिया को तेज करना होगा.”
प्रधानमंत्री ने AI, क्वांटम कंप्यूटिंग, सिंथेटिक बायोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारत की बढ़ती भूमिका का उल्लेख करते हुए 'भारत-एआई मिशन' और AI एक्सीलेंस सेंटर्स के निर्माण की जानकारी दी. उन्होंने 'Make AI in India' और 'Make AI work for India' के विज़न को दोहराते हुए भारत को भविष्य की तकनीकों में सर्वश्रेष्ठ बनाने का आह्वान किया.
उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय और वाधवानी फाउंडेशन के बीच सहयोग से शुरू हुआ युग्म इनोवेशन प्लेटफॉर्म भारत के नवाचार तंत्र को नया स्वरूप देगा और विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में अहम भूमिका निभाएगा.



