Definedge Securities को मिली 22 करोड़ रुपये की Pre Series A फंडिंग
Definedge Securities इस ताजा फंडिंग का इस्तेमाल मार्जिन फंडिंग, मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन मजबूत करने के साथ AI व ऑटोमेशन प्रोडक्ट डेवलपमेंट में करेगी. टेक्नोलॉजी, कस्टमर सर्विस और ऑपरेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत किए जाएंगे. कंपनी अपने प्रमुख ट्रेडिंग प्रोडक्ट्स Zone और Opstra को भी आगे बढ़ाएगी.
पुणे स्थित फिनटेक और ब्रोकरेज कंपनी Definedge Securities ने Pre Series A राउंड में ₹22 करोड़ की फंडिंग हासिल की है. इस राउंड में कंपनी के मौजूदा निवेशक नितिन अग्रवाल और डी. प्रसाद ने फिर से निवेश किया है. वहीं अनंत जैन और सचिन कसेरा नए निवेशकों के तौर पर जुड़े हैं.
यह पूरी फंडिंग इक्विटी के रूप में हुई है. इसके साथ ही Definedge की अब तक की कुल फंडिंग ₹30 करोड़ हो गई है. कंपनी का पिछला इंस्टीट्यूशनल और एंजेल फंडिंग राउंड नवंबर 2025 में हुआ था.
Definedge की स्थापना प्रशांत शाह और राजेश बडिये ने की थी. प्रशांत शाह कंपनी के को-फाउंडर और CEO हैं, जबकि राजेश बडिये को-फाउंडर और CIO हैं.
कंपनी की शुरुआत प्रोडक्ट-बेस्ड इन्वेस्टर एजुकेशन प्लेटफॉर्म के तौर पर हुई थी. बाद में इसने फुल सर्विस ब्रोकिंग में विस्तार किया. Definedge ट्रेडिंग और इन्वेस्टमेंट से जुड़े टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म डेवलप करती है. कंपनी का मकसद आम निवेशकों को बेहतर रिसर्च, एनालिसिस और ट्रेडिंग टूल्स उपलब्ध कराना है. अब कंपनी अपने प्लेटफॉर्म और कारोबार को बड़े स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रही है. पिछली फंडिंग के बाद से कंपनी ने Momentify के जरिए करीब 15 महीनों में ₹1,000 करोड़ से ज्यादा का AUM हासिल किया है.
कंपनी के मुताबिक, पिछले 14 महीनों में उसका कुल यूजर बेस 125% बढ़ा है. वहीं पिछले 36 महीनों में यूजर बेस 10 गुना बढ़ा है. कंपनी का कहना है कि यह ग्रोथ मुख्य रूप से वर्ड ऑफ माउथ के जरिए आई है.
कंपनी की योजना अगले 24 महीनों में Momentify के जरिए ₹5,000 करोड़ का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) हासिल करने की है. Momentify पहले ही ₹1,000 करोड़ से ज्यादा का AUM पार कर चुका है.
कंपनी ताजा फंडिंग का इस्तेमाल मार्जिन फंडिंग क्षमता बढ़ाने, मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन को मजबूत करने और AI तथा ऑटोमेशन से जुड़े प्रोडक्ट डेवलपमेंट को तेज करने में भी करेगी. इसके अलावा टेक्नोलॉजी, कस्टमर सर्विस और ऑपरेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा, ताकि बढ़ते कस्टमर बेस को बेहतर तरीके से संभाला जा सके. कंपनी अपने प्रमुख ट्रेडिंग प्रोडक्ट्स Zone और Opstra को भी आगे बढ़ाएगी.
Definedge Algostra को भी बड़े स्तर पर ले जाना चाहती है. कंपनी इसे भारत के प्रमुख नो कोड रिटेल एल्गो ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म में शामिल करना चाहती है. इसका मकसद आम यूजर्स के लिए अपनी ट्रेडिंग स्ट्रैटेजी तैयार करना और उसे लागू करना आसान बनाना है.
Momentify भी कंपनी की ग्रोथ रणनीति का अहम हिस्सा है. Definedge इसे सिर्फ सिस्टमैटिक इन्वेस्टिंग टूल तक सीमित नहीं रखना चाहती. कंपनी इसे एक बड़े वेल्थ क्रिएशन प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करने पर काम कर रही है.
Definedge के को-फाउंडर और CEO प्रशांत शाह ने कहा कि कंपनी ने शुरुआत ब्रोकरेज लाइसेंस से नहीं, बल्कि भरोसा, जानकारी और कम्युनिटी बनाने से की थी. कंपनी का मकसद भारतीय ट्रेडर्स और निवेशकों को प्रोफेशनल स्तर के ट्रेडिंग टूल्स और एजुकेशन तक आसान पहुंच देना है.
उन्होंने कहा कि अगले दो से तीन वर्षों में कंपनी रिसर्च, एनालिसिस, इन्वेस्टिंग, ट्रेडिंग, एजुकेशन और ऑटोमेशन को एक साथ जोड़ने वाले अनुभव पर काम करेगी. इसमें AI और ऑटोमेशन की अहम भूमिका होगी. इससे यूजर्स निवेश के आइडिया पर रिसर्च कर सकेंगे, अपनी स्ट्रैटेजी का बैकटेस्ट कर सकेंगे और तय नियमों के अनुसार ज्यादा अनुशासन के साथ ट्रेडिंग और निवेश कर सकेंगे.
नए निवेशक अनंत जैन ने Definedge के प्रोडक्ट फर्स्ट अप्रोच की तारीफ की. उन्होंने कहा कि प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी मोमेंटम स्ट्रैटेजी तैयार करना, उसका बैकटेस्ट करना और फिर उसे लागू करना संभव हुआ है. उनके मुताबिक, जिस काम में पहले कई महीने या साल लग सकते थे, उसे टेक्नोलॉजी ने काफी आसान बना दिया है.
मौजूदा निवेशक डी. प्रसाद ने कहा कि बाजार की परिस्थितियां हमेशा एक जैसी नहीं रहतीं. उनके मुताबिक, Definedge ने बदलते बाजार के बीच भी AUM और यूजर बेस में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की है.
निवेशक सचिन कसेरा ने कहा कि Definedge ने ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग कम्युनिटी के बीच पिछले कुछ वर्षों में अपनी विश्वसनीयता बनाई है. उन्होंने कहा कि वह कंपनी की अगली ग्रोथ जर्नी का हिस्सा बनने को लेकर उत्साहित हैं.
नितिन अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने अब तक 125 से ज्यादा स्टार्टअप में निवेश किया है. उनके मुताबिक, Definedge में भारत के तेजी से बढ़ते रिटेल ट्रेडर्स और निवेशकों तक इंस्टीट्यूशनल क्वालिटी के टूल्स पहुंचाने की क्षमता है. उन्होंने प्रशांत शाह और राजेश बडिये की काम करने की क्षमता में भरोसा जताया.



