शॉर्ट-वीडियो प्लेटफॉर्म ReelSaga को मिली 17.5 करोड़ रुपये की फंडिंग
ReelSaga भारत का पहला माइक्रोड्रामा प्लेटफॉर्म है, जो खासतौर पर मोबाइल-फर्स्ट जनरेशन के लिए बनाया गया है. यह ऐप पहले से ही लाइव है और इस पर 1–2 मिनट के वर्टिकल शॉर्ट-फॉर्म ड्रामा देखने को मिलते हैं.
नए जमाने के एंटरटेनमेंट स्टार्टअप ReelSaga ने हाल ही में $2.1 मिलियन (लगभग ₹17.5 करोड़) की फंडिंग जुटाई है. यह फंडिंग राउंड Picus Capital की अगुवाई में हुआ, जिसमें ITI Growth Opportunities Fund, 8i Ventures, Nazara Technologies, Waveform Ventures, Warmup Ventures, Bombay54, Bharat Founders Fund और अन्य प्रमुख निवेशकों ने हिस्सा लिया.
ReelSaga भारत का पहला माइक्रोड्रामा प्लेटफॉर्म है, जो खासतौर पर मोबाइल-फर्स्ट जनरेशन के लिए बनाया गया है. यह ऐप पहले से ही लाइव है और इस पर 1–2 मिनट के वर्टिकल शॉर्ट-फॉर्म ड्रामा देखने को मिलते हैं — तेज, इमोशन से भरपूर और बिंज-वर्दी कंटेंट जो आज के यूजर्स की पसंद बनता जा रहा है.
2024 में ReelSaga की स्थापना शुभ बंसल, शानू विवेक, और रितेश पांडे ने की है. इसका हेडक्वार्टर मुंबई में है. इससे पहले तीनों को-फाउंडर्स ने Truebil की स्थापना की थी, जोकि एक यूज़्ड कार मार्केटप्लेस है, जिसे Spinny ने अधिग्रहीत किया था. अब ये टीम अपने अनुभव का उपयोग मोबाइल फिक्शन के बिलियन-डॉलर कैटेगरी में कर रही है.
कंपनी इस फंडिंग का उपयोग ऐप डेवलपमेंट को और बेहतर करने, तथा हाई-क्वालिटी, लोकलाइज़्ड कंटेंट प्रोडक्शन में करेगा. कंपनी का फोकस भारत के अलावा साउथईस्ट एशिया और मिडिल ईस्ट जैसे उभरते बाजारों पर भी है — जो 2025 तक $10 बिलियन से अधिक के डिजिटल एंटरटेनमेंट मार्केट बनने की ओर अग्रसर हैं.
शुभ बंसल, को-फाउंडर और सीईओ, ReelSaga, ने कहा, “वर्टिकल शॉर्ट ड्रामा एक सांस्कृतिक क्रांति है. अब लोग तेज़ और असरदार एंटरटेनमेंट चाहते हैं, और माइक्रोड्रामा उन्हें वही देता है.”
शानू विवेक, को-फाउंडर और हेड ऑफ प्रोडक्ट एंड डेटा, ने कहा, “हम डेटा साइंस और प्रोडक्ट इनोवेशन की मदद से दर्शकों को पर्सनलाइज़्ड और इमोशनली कनेक्टेड कहानियाँ दे रहे हैं.”
Picus Capital के सीनियर वाइस-प्रेसीडेंट अभिजय ठक्कर ने कहा, “ReelSaga एक नई स्टोरीटेलिंग कैटेगरी बना रहा है. टीम में गज़ब की स्पष्टता और क्रिएटिव जोश है. हमें विश्वास है कि वे इस बदलाव की अगुवाई करेंगे.”
ITI Growth के मैनेजिंग पार्टनर मोहित गुलाटी ने कहा, “ReelSaga लोगों की जरुरत के मुताबिक एक खास कैटेगरी बना रहा है — मोबाइल-फर्स्ट, स्टोरी-रिच और कल्चरली रूटेड. यह फॉर्मेट अगली पीढ़ी के लिए डिफॉल्ट बन सकता है.”
बता दें कि चीन में हर साल 5,000 से अधिक माइक्रोड्रामा सीरीज़ बनाई जाती हैं, जो अब वहां की फिल्म इंडस्ट्री से भी ज़्यादा कमाई कर रही हैं. ReelSaga इसी मॉडल को भारत में 50–100 एपिसोड्स की हाइपर-लोकल सीरीज़ के रूप में ला रहा है — यानी हर यूज़र को उसकी पसंद और क्षेत्रीय भाषा में दमदार कहानियाँ देखने को मिलेगी. हर मिनट एक नई कहानी का वादा करते हुए, यह ऐप भारतीय दर्शकों को शॉर्ट, पावरफुल और इमोशनली रिच स्टोरीज़ के ज़रिए जोड़ रहा है. जैसे-जैसे दुनिया शॉर्ट-फॉर्म कंटेंट की ओर बढ़ रही है, ReelSaga भारत की ओर से उस दौड़ में सबसे आगे नज़र आ रहा है.



