TechSparks 2025: श्रद्धा शर्मा बोलीं — AI से आगे है आपकी ‘Authentic Intelligence’
YourStory की फाउंडर और CEO श्रद्धा शर्मा ने YourStory के प्रमुख इवेंट TechSparks के 16वें संस्करण का आग़ाज़ करते हुए कहा कि बढ़ती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में भी फाउंडर्स को अपनी ‘असली बुद्धिमत्ता’ (Authentic Intelligence) पर भरोसा रखना चाहिए.
बेंगलुरु में आयोजित हो रहे TechSparks 2025, भारत के सबसे बड़े स्टार्टअप और टेक समिट में YourStory की फाउंडर और CEO श्रद्धा शर्मा ने बेहद प्रेरणादायक संदेश दिया. उन्होंने कहा, “तेजी से बढ़ती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में, हमें अपनी ‘ऑथेंटिक इंटेलिजेंस’ यानी असली बुद्धिमत्ता पर भरोसा रखना चाहिए.”
श्रद्धा ने कहा कि हर एक फाउंडर के अंदर एक खास ताकत होती है — उनका अंतर्ज्ञान, भावनात्मक गहराई, और अनुभवों से मिली समझ. यह वो चीजें हैं जिन्हें कोई मशीन कभी नहीं दोहरा सकती.
‘India 2030: Powered by AI’ थीम के साथ शुरू हुआ 16वां TechSparks
TechSparks 2025 का आयोजन 6 से 8 नवंबर तक हो रहा है. इस साल का थीम है — “India 2030: Powered by AI”.
श्रद्धा ने कहा, “अगले तीन दिनों तक दिल से महसूस करें, सीखें और काम करें. अपनी असली बुद्धिमत्ता को कभी कम मत आंकिए. हमें अपनी पहचान, अपनी प्रामाणिकता को बचाकर रखना चाहिए.”
‘TechSparks’ नाम कैसे पड़ा
श्रद्धा ने याद किया कि जब वे करीब 16–17 साल पहले मुंबई से बेंगलुरु आईं, तब ‘स्टार्टअप’ शब्द शायद ही किसी ने सुना था. उन्होंने कहा, “सब लोग कहते थे कि तुम टेक सिटी जा रही हो. मैं यहां कुछ ‘स्पार्क’ यानी चमक देखने आई थी, लेकिन शुरुआत में कुछ खास नहीं दिखा.”
इसी खोज से ‘TechSparks’ नाम का जन्म हुआ — उस ‘स्पार्क’ को जगाने की चाह से.
श्रद्धा ने मुस्कुराते हुए कहा, “अगर आप इंदिरानगर, एचएसआर या कोरमंगला में कोई पेड़ हिलाएं, तो या तो कोई फाउंडर गिरेगा या कोई ऑन्त्रप्रेन्योर.”
उन्होंने बताया कि स्टार्टअप कल्चर अब बेंगलुरु की जड़ों में बस चुका है.
‘भारत’ और ‘इंडिया’ में फर्क
पिछले कुछ महीनों में श्रद्धा ने बिहार, उत्तर प्रदेश, असम, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की यात्रा की. उन्होंने कहा कि बेंगलुरु में रहना हमें असली भारत से दूर कर देता है.
उन्होंने कहा, “भारत 1.4 अरब लोगों का देश हैं, लेकिन ‘भारत’ और ‘इंडिया’ के बीच फर्क अब भी बहुत बड़ा है.”
श्रद्धा ने कहा कि लोग फाउंडर्स को उनकी सफलता, नवाचार (इनोवेशन) और निवेश के लिए जानते हैं. लेकिन बहुत कम लोग समझते हैं कि एक उद्यमी अपनी यात्रा में दार्शनिक (philosopher) भी बन जाता है.
उन्होंने कहा, “जब आप सालों तक अनिश्चितता और मुश्किलों में कुछ बनाते हैं, तो आप भीतर से बदल जाते हैं. आप सिर्फ एक उद्यमी नहीं रहते, बल्कि जीवन का गहरा अर्थ समझने वाले व्यक्ति बन जाते हैं.”
गीता से मिली सीख
श्रद्धा ने कहा कि काश उन्हें ये बात पहले समझ आती, जो उन्होंने बाद में सीखी — श्रीमद्भगवद्गीता के अध्याय 6 से.
उन्होंने कहा, “मैं अपनी सबसे अच्छी दोस्त हूँ, और अपनी सबसे बड़ी दुश्मन भी. सिर्फ मैं ही अपनी जिंदगी को ऊपर उठा सकती हूँ, और सिर्फ मैं ही उसे नीचे गिरा सकती हूँ.”
उन्होंने उद्यमियों को याद दिलाया कि दूसरों — जैसे निवेशकों या प्रतिस्पर्धियों — पर ध्यान देने के बजाय उन्हें अपनी शांति और दिशा पर फोकस करना चाहिए.
TechSparks का सफर और 2025 का फोकस
पिछले 15 सालों से TechSparks भारत में नवाचार और नए विचारों का केंद्र रहा है. इस मंच ने कई उद्योगों के बीच साझेदारी और बड़े विचारों की शुरुआत की है.
इस साल TechSparks का ध्यान AI और डीप टेक्नोलॉजी के अवसरों पर है. इसका लक्ष्य है कि भारत सिर्फ एक प्रतिभागी नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर अग्रणी देश बने.
AI, फिनटेक, साइबर सिक्योरिटी पर होगी गहन चर्चा
TechSparks 2025 में 1,000 से ज्यादा सेशन और 2,300 से अधिक स्पीकर शामिल होंगे. इनमें बड़ी टेक कंपनियों के CEO, थॉट लीडर्स और पॉलिसी-मेकर्स शामिल हैं.
तीन दिनों तक चलने वाली इस कॉन्फ्रेंस AI गवर्नेंस, एजेंटिक AI, साइबरसिक्योरिटी, फिनटेक जैसे विषयों पर गहराई से चर्चा होगी.
इस इवेंट का उद्देश्य है — 20 लाख (2 मिलियन) से अधिक कनेक्शन बनाना और भारत में टेक्नोलॉजी के भविष्य को नई दिशा देना.
क्या आप तैयार हैं अपनी ‘ऑथेंटिक इंटेलिजेंस’ पर भरोसा करने के लिए?
TechSparks 2025 महज एक शुरुआत है — एक ऐसे भारत की, जो AI के साथ, लेकिन इंसानियत की आत्मा के साथ आगे बढ़ेगा.



