Skyroot Aerospace को मिली $60 मिलियन की फंडिंग, भारत का पहला स्पेसटेक यूनिकॉर्न
Skyroot Aerospace की शुरुआत साल 2018 में पवन कुमार चंदाना और नागा भरत डाका ने की थी. दोनों का सपना भारत को प्राइवेट स्पेस सेक्टर में मजबूत बनाना था. आज उनकी मेहनत ने कंपनी को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है. कंपनी इस ताजा फंडिंग का इस्तेमाल अपने Vikram 1 रॉकेट के कमर्शियल लॉन्च ऑपरेशंस के लिए करेगी.
हैदराबाद के स्पेसटेक स्टार्टअप Skyroot Aerospace ने 60 मिलियन डॉलर यानी करीब 500 करोड़ रुपये की फंडिंग जुटाई है. इस निवेश के बाद कंपनी की वैल्यूएशन 1.1 अरब (बिलियन) डॉलर पहुंच गई है. इसी के साथ Skyroot Aerospace भारत का पहला स्पेसटेक यूनिकॉर्न बन गया है.
इस फंडिंग राउंड को Sherpalo Ventures और GIC ने मिलकर लीड किया. कंपनी के मौजूदा निवेशकों Greenko Group और Arkam Ventures ने भी इसमें हिस्सा लिया. इसके अलावा BlackRock के मैनेज किए गए फंड्स, Playbook Partners और Shanghvi Family Office ने भी निवेश किया है.
Skyroot Aerospace की शुरुआत साल 2018 में पवन कुमार चंदाना और नागा भरत डाका ने की थी. दोनों का सपना भारत को प्राइवेट स्पेस सेक्टर में मजबूत बनाना था. आज उनकी मेहनत ने कंपनी को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है.
कंपनी इस ताजा फंडिंग का इस्तेमाल अपने Vikram 1 रॉकेट के कमर्शियल लॉन्च ऑपरेशंस के लिए करेगी. यह रॉकेट छोटे सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में भेजने के लिए तैयार किया गया है. कंपनी का दावा है कि यह लॉन्च व्हीकल छोटे सैटेलाइट ऑपरेटर्स को ऑन डिमांड स्पेस एक्सेस देगा.
Skyroot Aerospace पहले भी इतिहास रच चुकी है. साल 2022 में कंपनी ने Vikram S लॉन्च किया था. यह अंतरिक्ष तक पहुंचने वाला भारत का पहला प्राइवेट रॉकेट बना था. अब कंपनी Vikram 1 की तैयारी कर रही है. यह एक ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल है, जिसे लो अर्थ ऑर्बिट में 350 किलोग्राम तक के छोटे सैटेलाइट्स भेजने के लिए डिजाइन किया गया है.
इस फंडिंग राउंड के बाद Sherpalo Ventures के फाउंडर राम श्रीराम कंपनी के बोर्ड में शामिल होंगे. राम श्रीराम को Google के शुरुआती निवेशकों में गिना जाता है. उनका Skyroot से जुड़ना कंपनी के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है.
Skyroot Aerospace के को-फाउंडर और CEO पवन कुमार चंदाना ने कहा कि कंपनी Vikram 1 लॉन्च को लेकर बेहद उत्साहित है. उन्होंने कहा कि यह भारत का पहला निजी ऑर्बिटल रॉकेट होगा और यह सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि वैश्विक स्पेस सेक्टर के लिए भी बड़ी उपलब्धि साबित होगा. उनके मुताबिक दुनिया के बड़े निवेशकों का भरोसा कंपनी के विजन को मजबूत करता है.
वहीं Sherpalo Ventures के फाउंडर और मैनेजिंग पार्टनर राम श्रीराम ने कहा कि अंतरिक्ष तक पहुंच आज दुनिया की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है. उनके मुताबिक Skyroot भविष्य के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है. उन्होंने कहा कि कंपनी ने कम लागत और बेहतर प्रदर्शन के साथ जो काम किया है, वह बेहद शानदार है.
कंपनी का Vikram 1 रॉकेट पूरी तरह कार्बन कॉम्पोजिट स्ट्रक्चर से बनाया गया है. इसमें कंपनी के खुद के विकसित किए गए सॉलिड और लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम लगाए गए हैं. Skyroot का कहना है कि इसे तेजी से मैन्युफैक्चरिंग और लगातार लॉन्चिंग के हिसाब से डिजाइन किया गया है.
Skyroot के यूनिकॉर्न बनने पर Indian Space Association (ISpA) के डायरेक्टर जनरल लेफ्टिनेंट जनरल ए के भट्ट (रिटायर्ड) ने कहा कि यह भारत के प्राइवेट स्पेस इकोसिस्टम के लिए ऐतिहासिक पल है. उनके मुताबिक यह सिर्फ वित्तीय उपलब्धि नहीं है बल्कि भारतीय स्पेस स्टार्टअप्स की तकनीकी क्षमता और वैश्विक महत्वाकांक्षा का बड़ा प्रमाण है.
भारत में पिछले कुछ वर्षों में स्पेस सेक्टर तेजी से बदल रहा है. सरकार की नई नीतियों और निजी कंपनियों को मिले अवसरों के कारण कई स्टार्टअप इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं. ऐसे समय में Skyroot Aerospace का यूनिकॉर्न बनना पूरे भारतीय स्पेस इकोसिस्टम के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है.
(Translated by: Ravi Pareek)


