Smart Garage को मिली 2.4 करोड़ रुपये की प्री-सीरीज A फंडिंग
Smart Garage आने वाले 12 से 18 महीनों में कुल 15 करोड़ जुटाने की तैयारी में है. कंपनी इस ताजा फंडिंग का इस्तेमाल अपनी AI और डीप लर्निंग क्षमताओं को मजबूत करने में करेगी. कंपनी का मकसद भारत के ऑटोमोबाइल आफ्टरमार्केट को डिजिटल बनाना है.
ऑटो-सर्विस मार्केटप्लेस Smart Garage ने प्री-सीरीज A फंडिंग राउंड में ₹2.4 करोड़ जुटाए हैं. कंपनी आने वाले 12 से 18 महीनों में कुल ₹15 करोड़ जुटाने की तैयारी में है.
Smart Garage का मकसद भारत के ऑटोमोबाइल आफ्टरमार्केट को डिजिटल बनाना है. आज यह सेक्टर काफी बड़ा है लेकिन अभी भी पूरी तरह संगठित नहीं है. कंपनी इसी गैप को टेक्नोलॉजी और AI के जरिए भरना चाहती है.
कंपनी के फाउंडर और सीईओ पवन सिंह रघुवंशी बताते हैं कि यह फंडिंग उनकी लंबी यात्रा की शुरुआत है. उनका मानना है कि असली बदलाव सिर्फ मशीनों या हार्डवेयर से नहीं आता. असली बदलाव तब आता है जब ऑपरेशन और सिस्टम को बेहतर बनाया जाए. इसी सोच के साथ Smart Garage एक ऐसा प्लेटफॉर्म बना रहा है जो पारदर्शी हो और ग्राहकों को भरोसेमंद सेवा दे सके.
Smart Garage पहले ही 500 से ज्यादा पार्टनर गैराज का नेटवर्क बना चुका है. ये गैराज टियर 1 और टियर 2 शहरों में फैले हुए हैं. कंपनी B2B2C मॉडल पर काम करती है. इसका मतलब है कि यह वर्कशॉप, फ्लीट ऑपरेटर, इंश्योरेंस कंपनियों और वाहन मालिकों को एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़ती है. इससे सर्विस आसान होती है और समय भी बचता है.
भारत का ऑटोमोबाइल आफ्टरमार्केट अभी करीब 11 से 14 अरब डॉलर का है. आने वाले समय में यह 20 से 25 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है. इसकी वजह है बढ़ती गाड़ियों की संख्या, सेकेंड हैंड कार बाजार का विस्तार और बेहतर सर्विस की मांग. Smart Garage इस मौके का फायदा उठाने के लिए तैयार है.
कंपनी इस फंडिंग का इस्तेमाल अपनी AI और डीप लर्निंग क्षमताओं को मजबूत करने में करेगी. खासतौर पर व्हीकल डायग्नोस्टिक्स, डैमेज असेसमेंट और प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस जैसे क्षेत्रों पर काम होगा. इसके साथ ही कंपनी अपने गैराज नेटवर्क को मजबूत करेगी और उन्हें ट्रेनिंग देगी ताकि सर्विस की क्वालिटी बेहतर हो सके.
Smart Garage रेवेन्यू के लिए अलग-अलग मॉडल पर काम कर रही है. इसमें फ्रेंचाइजी ऑपरेशन और स्पेयर पार्ट्स सप्लाई शामिल है, जिसे Pikpart के जरिए चलाया जाता है. आगे चलकर कंपनी कमीशन और SaaS (Software as a Service) सब्सक्रिप्शन मॉडल भी लाने की योजना बना रही है. इससे कंपनी को नियमित और स्थिर आय मिलने में मदद मिलेगी.
कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 27 तक ₹50 करोड़ का रेवेन्यू हासिल करना है. वहीं लंबी अवधि में 10,000 से ज्यादा गैराज का नेटवर्क बनाने की योजना है. Smart Garage भारत के ऑटो सर्विस सेक्टर को संगठित और डिजिटल बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है.



