HooLiv को मिली 24 करोड़ रु की फंडिंग, जानिए क्या है कंपनी की योजना
यह फंडिंग HooLiv को ग़ैर-मेट्रो शहरों में विस्तार करने, ब्रांड बिल्डिंग, और अपने प्रॉपर्टी मैनेजमेंट प्लेटफ़ॉर्म को मज़बूत बनाने में मदद करेगी. कंपनी का लक्ष्य भविष्य में अपने मॉडल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दोहराना है.
स्टूडेंट को-लिविंग और हॉस्टल प्लेटफ़ॉर्म HooLiv ने अपने Pre-Series A राउंड में 24 करोड़ रुपये की फंडिंग हासिल की है. इस राउंड की अगुवाई Negen Capital ने की है. इसके अलावा कई संस्थागत निवेशकों, एंजेल निवेशकों और फैमिली ऑफिसों ने भी इसमें हिस्सा लिया है.
यह फंडिंग HooLiv को ग़ैर-मेट्रो शहरों में विस्तार करने, ब्रांड बिल्डिंग, और अपने प्रॉपर्टी मैनेजमेंट प्लेटफ़ॉर्म को मज़बूत बनाने में मदद करेगी. कंपनी का लक्ष्य भविष्य में अपने मॉडल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दोहराना है.
HooLiv की स्थापना चिन्मय मिश्रा, डॉ. रश्मि मिश्रा, गौरव विज और अभिषेक वर्मा ने की थी. इसका उद्देश्य छात्रों के लिए सुरक्षित, आधुनिक और सामुदायिक आवास उपलब्ध कराना है.
कंपनी कॉलेज और कोचिंग छात्रों के लिए पर्पस-बिल्ट स्टूडेंट हाउसिंग यानी विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए हॉस्टल्स चलाती है. HooLiv का कहना है कि वह भारत में ऑर्गनाइज़्ड स्टूडेंट हाउसिंग की कमी को पूरा कर रही है.
HooLiv के फाउंडर और सीईओ चिन्मय मिश्रा ने कहा, “भारत में स्टूडेंट हाउसिंग इंडस्ट्री अब एक नए मोड़ पर है. आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में तेज़ी से बदलाव और बड़े अवसर देखने को मिलेंगे. Negen Capital के निवेश और अनुभव से हमें अपने विज़न को और मज़बूती देने में मदद मिलेगी.”
Negen Capital के फाउंडर नील बहाल ने कहा, “हम हमेशा उभरते हुए सेक्टर्स में निवेश करना पसंद करते हैं. भारत में यूनिवर्सिटीज़ और कोचिंग संस्थानों के विस्तार से स्टूडेंट हॉस्टल सेक्टर में लंबे समय तक विकास के अवसर बने रहेंगे.”
सरकार की उच्च शिक्षा नामांकन बढ़ाने, विदेशी यूनिवर्सिटीज़ को भारत में प्रवेश देने, और कर नीति सरल बनाने की पहल से स्टूडेंट हाउसिंग सेक्टर को नई रफ़्तार मिल रही है.
इस निवेश के साथ HooLiv अब देशभर में अपने नेटवर्क को तेजी से विस्तार देने की योजना बना रहा है. कंपनी का ध्यान खास तौर पर डिज़ाइन और टेक्नोलॉजी अनुभव को बेहतर बनाने, ऑपरेशनल एफिशिएंसी, और आधुनिक स्टूडेंट कम्युनिटीज़ तैयार करने पर रहेगा. HooLiv का उद्देश्य छात्रों को सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि एक ऐसा वातावरण देना है जहां वे सुरक्षित, आरामदायक और जुड़ा हुआ महसूस करें.



