The Hosteller को मिली 150 करोड़ रुपये की सीरीज-B फंडिंग
मुंबई स्थित The Hosteller इस ताजा फंडिंग का इस्तेमाल अपने नेटवर्क को तेजी से बढ़ाने में करेगा. कंपनी देश के प्रमुख ट्रैवल डेस्टिनेशन पर अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती है. इसके साथ ही ऑपरेशनल सिस्टम को बेहतर बनाया जाएगा और ब्रांड को और मजबूत किया जाएगा.
भारत में ट्रैवल का तरीका तेजी से बदल रहा है. अब लोग सिर्फ होटल में ठहरना नहीं चाहते, बल्कि बेहतर अनुभव चाहते हैं. इसी बदलाव के बीच ब्रांडेड हॉस्टल चेन ने 150 करोड़ रुपये की बड़ी फंडिंग हासिल की है.
यह सीरीज-B राउंड PROMAFT Partners और V3 Ventures की अगुवाई में पूरा हुआ है. इस राउंड में ITI Growth Opportunities Fund, Merisis Wealth Trust और कुछ फैमिली ऑफिसेस ने भी निवेश किया है. कंपनी का कहना है कि यह भारत में किसी बैकपैकर हॉस्टल कंपनी का सबसे बड़ा संस्थागत निवेश है.
मुंबई स्थित The Hosteller इस ताजा फंडिंग का इस्तेमाल अपने नेटवर्क को तेजी से बढ़ाने में करेगा. कंपनी देश के प्रमुख ट्रैवल डेस्टिनेशन पर अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती है. इसके साथ ही ऑपरेशनल सिस्टम को बेहतर बनाया जाएगा और ब्रांड को और मजबूत किया जाएगा.
The Hosteller की शुरुआत साल 2014 में हुई थी. आज कंपनी 13 राज्यों में 75 से ज्यादा प्रॉपर्टी चला रही है. अब तक 20 लाख से अधिक ट्रैवलर्स इसकी सेवाओं का उपयोग कर चुके हैं.
पिछले एक साल में कंपनी ने तेजी से विस्तार किया है. 12 महीनों में 30 से ज्यादा नई प्रॉपर्टी जोड़ी गई हैं. ट्रैवलर कैपेसिटी में लगभग 70 प्रतिशत की बढ़त हुई है.
अब कंपनी का लक्ष्य और बड़ा है. अगले 36 महीनों में 25,000 बेड्स तक पहुंचने की योजना बनाई गई है.
The Hosteller सिर्फ हॉस्टल बिजनेस तक सीमित नहीं रहना चाहता. कंपनी एक ट्रैवल सुपर ऐप लॉन्च करने की तैयारी में है. इस ऐप में स्टे, फूड, ट्रांसपोर्ट और ट्रैवल एक्सपीरियंस एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेंगे.
इससे यूजर्स को पूरा ट्रैवल प्लान एक ही जगह पर मिलेगा. कंपनी का मानना है कि इससे यूजर एक्सपीरियंस बेहतर होगा और ब्रांड की पकड़ मजबूत होगी.
कंपनी के फाउंडर और सीईओ प्रणव डांगी कहते हैं कि उन्होंने The Hosteller इसलिए शुरू किया क्योंकि भारतीय यात्रियों के पास अच्छे और भरोसेमंद बजट स्टे का विकल्प नहीं था. या तो महंगे होटल थे या फिर अस्थिर और खराब क्वालिटी के बजट विकल्प.
आज 11 साल बाद कंपनी ने अपने मॉडल को साबित कर दिया है. बड़ी संख्या में यूजर्स और लगातार बढ़ती डिमांड इसका उदाहरण है.
PROMAFT Partners के सोहम अवलानी का मानना है कि भारत में नई पीढ़ी स्टार रेटिंग से ज्यादा एक्सपीरियंस को महत्व देती है. The Hosteller इस बदलाव का फायदा उठाने की सही स्थिति में है. उनका कहना है कि कंपनी की यूनिट इकॉनॉमिक्स मजबूत है और इसकी परफॉर्मेंस कई बजट होटल चेन से बेहतर है.
V3 Ventures के अर्जुन वैद्य के अनुसार, कंपनी ने पिछले एक साल में शानदार काम किया है. तेज विस्तार के साथ हर प्रॉपर्टी में एक जैसा अनुभव देना इसकी सबसे बड़ी ताकत है.
The Hosteller अब तेजी से अपने नेटवर्क को बढ़ाने की तैयारी में है. नई फंडिंग के साथ कंपनी भारत के ट्रैवल मार्केट में बड़ा नाम बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है.
अगर कंपनी अपने प्लान के अनुसार आगे बढ़ती है, तो आने वाले समय में यह भारत के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में बड़ा बदलाव ला सकती है.
(Translated by: Ravi Pareek)



