Budget 2026: स्टार्टअप इकोसिस्टम के दिग्गजों को बजट से क्या उम्मीदें?
Budget 2026 से भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम को बड़ी उम्मीदें हैं. फंडिंग, टैक्स में छूट, डीप टेक, AI और निवेश को लेकर सरकार से क्या अपेक्षाएं हैं, इस लेख में जानिए स्टार्टअप्स की प्रमुख मांगें और बजट से जुड़ी संभावनाएं.
1 फरवरी को भारत का अगला आम बजट 2026-27 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी. यह उनका लगातार 9वां बजट होगा. हर बार की तरह इस बार भी स्टार्टअप इकोसिस्टम इस बजट से बड़ी उम्मीदें लगा रहा है. भारत आज दुनिया के सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम्स में से एक है, जिसमें 2 लाख से अधिक DPIIT-पंजीकृत स्टार्टअप शामिल हैं. पिछले वर्षों में सरकार द्वारा की गई महत्वपूर्ण आर्थिक सुधारों की घोषणा ने आर्थिक विकास को बल दिया है.
पिछले वर्षों के बजट में स्टार्टअप्स के लिए कई प्रोत्साहन दिए गए हैं, जैसे कि Fund of Funds for Startups और कर सम्बन्धी छूट, लेकिन अब उद्यमियों को यह उम्मीद है कि बजट 2026 इन नीतियों को और मजबूत करेगा. खासकर टेक स्टार्टअप्स जैसे AI, Deep Tech, क्लाउड, डेटा इन्फ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सेवाओं के लिए अधिक सपोर्ट, सरल टैक्स फ्रेमवर्क, और फंडिंग तक आसान पहुंच जैसी सुविधाएं मिलें.
स्टार्टअप इकोसिस्टम के दिग्गजों को उम्मीदे है कि इस बजट से टेक्नोलॉजी, नवाचार और उद्यमिता को नई गति मिलेगी. करीब 10 हजार करोड़ के फंड ऑफ फंड्स ने पिछले बजट में प्रोत्साहन दिया था, और अब उम्मीद है कि बजट 2026 इसे और आगे ले जाएगा.
आइए अब जानते हैं कि स्टार्टअप इकोसिस्टम के दिग्गज इस बजट से क्या उम्मीदें रखते हैं...
क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर मनोज ढांडा, Founder & CEO, Utho Cloud का कहना है कि डिजिटल अर्थव्यवस्था के इस दौर में Budget 2026 घरेलू क्लाउड इकोसिस्टम को मजबूत करने का बड़ा मौका है. डेटा सेंटर्स के विस्तार, इंडिजिनस क्लाउड इनोवेशन और सॉवरेन क्लाउड फ्रेमवर्क पर ध्यान देकर भारत को एक मजबूत ग्लोबल क्लाउड हब बनाया जा सकता है.
ग्रीन एनर्जी सेक्टर पर रतन बोकाडिया, Managing Director, Oswal Energies Ltd कहते हैं कि भारत के लो-कार्बन भविष्य के लिए Budget 2026 बेहद अहम होगा. ग्रीन हाइड्रोजन, क्लीन एनर्जी मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रोलाइज़र और रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं को वित्तीय प्रोत्साहन देने से ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी.
एविएशन सेक्टर पर कपिल बर्देजा, Founder & CEO, Vehant Technologies के अनुसार देश में बढ़ते हवाई यात्रियों की संख्या के साथ एडवांस और भरोसेमंद सुरक्षा सिस्टम की जरूरत बढ़ गई है. Budget 2026 में Make in India के तहत घरेलू एविएशन सिक्योरिटी समाधानों को नीति और इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट मिलने से भारत आत्मनिर्भर और एक्सपोर्ट-रेडी बन सकता है.
MSME सेक्टर पर आशुतोष गुप्ता, Director – Sales & Marketing, Summercool Home Appliances का कहना है कि पिछले बजट में MSME को बड़ा समर्थन मिला था. Budget 2026 में क्रेडिट सपोर्ट बढ़ाने, नियमों को आसान करने और टेक्नोलॉजी अपनाने के लिए प्रोत्साहन देने से MSME अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे, रोजगार बढ़ेगा और आर्थिक विकास को गति मिलेगी.
रियल एस्टेट सेक्टर को लेकर अपनी उम्मीदें बताते हुए, Jenika Ventures के Founder & CEO अभिषेक राज ने कहा, 2026 में भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर में तेज़ और संगठित विकास की उम्मीद है. लग्ज़री और सुपर लग्ज़री हाउसिंग की मांग बढ़ेगी और टियर-2 व टियर-3 शहरों की भूमिका मजबूत होगी. ऑफिस स्पेस में 70–75 मिलियन वर्ग फुट लीज़िंग का अनुमान है. Budget 2026 में अफोर्डेबल हाउसिंग, GST सुधार और होम लोन टैक्स राहत से सेक्टर को नई गति मिल सकती है.
वहीं, TRG Group के Managing Director पवन शर्मा ने कहा, रियल एस्टेट सेक्टर में 2026 में स्थिर और टिकाऊ ग्रोथ की संभावना है. प्रीमियम हाउसिंग और ESG-कंप्लायंट प्रोजेक्ट्स पर फोकस बढ़ेगा. लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर्स और वेयरहाउसिंग में निवेश तेज़ रहेगा. Budget में अफोर्डेबल हाउसिंग और GST सुधार इस विकास को और मजबूती देंगे.
कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर के बारे में बोलते हुए तुषार गुप्ता, Director – Operations, Thermocool Home Appliances ने कहा,
Budget 2026 से कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर को बड़ी उम्मीदें हैं. ज़रूरी होम और किचन अप्लायंसेज़ पर GST कम होने से डिमांड बढ़ेगी. PLI स्कीम और कम इंपोर्ट ड्यूटी से घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा. R&D और एनर्जी एफिशिएंट प्रोडक्ट्स को सपोर्ट जरूरी है.
Colors Queen Cosmetics की AGM चेतना कोचर ने कहा, Budget 2026 में कॉस्मेटिक्स पर GST कम होने से प्रोडक्ट्स अधिक किफायती होंगे. MSMEs को आसान क्रेडिट और लोकल मैन्युफैक्चरिंग इंसेंटिव की जरूरत है. ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट से देसी ब्रांड मज़बूत होंगे. इससे घरेलू और ग्लोबल बाजार में ग्रोथ मिलेगी.
Hilary Rhoda के CMO & Co-Founder वत्सल अग्रवाल ने कहा, Budget 2026 से ब्यूटी और पर्सनल केयर सेक्टर को मजबूत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है. GST रेशनलाइजेशन से वॉल्यूम ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा. Make in India इंसेंटिव से लोकल मैन्युफैक्चरिंग मजबूत होगी. आसान क्रेडिट और एक्सपोर्ट सपोर्ट से भारतीय ब्रांड ग्लोबल स्तर पर आगे बढ़ेंगे.
Ashpveda के Founder हरी राम रिणवां ने कहा, ब्यूटी और पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स पर GST 18% से कम होना जरूरी है. हाई GST और कस्टम ड्यूटी इनोवेशन और निवेश को प्रभावित करती हैं. टियर-2 और टियर-3 शहरों में मैन्युफैक्चरिंग को सपोर्ट मिलना चाहिए. आसान एक्सपोर्ट नियमों से देसी ब्रांड वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनेंगे.
Shryoan Cosmetics के Founder & CEO निश्चय मदनानी ने कहा, D2C ब्यूटी ब्रांड्स के लिए GST दरों का एकरूप होना बेहद जरूरी है. हाई GST और इंपोर्ट ड्यूटी लागत बढ़ाकर इनोवेशन को धीमा करती हैं. Budget में D2C डिस्ट्रीब्यूशन और माइक्रो-मैन्युफैक्चरिंग को सपोर्ट मिलना चाहिए. इससे ब्रांड्स तेज़ी से स्केल कर पाएंगे.
Dishis Designer Jewellery की Founder दिशी सोमानी ने कहा, Budget 2026 में हैंडक्राफ्टेड ज्वेलरी पर GST रेशनलाइजेशन की उम्मीद है. MSMEs और महिला उद्यमियों को आसान क्रेडिट मिलना चाहिए. एक्सपोर्ट इंसेंटिव और इंटरनेशनल ट्रेड फेयर सपोर्ट जरूरी है. इससे भारतीय डिजाइनर ज्वेलरी को वैश्विक पहचान मिलेगी.
Gargee Designer’s के Managing Director & CFO रोहन गुप्ता ने कहा कि Budget 2026–27 में फैशन और लग्ज़री मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने वाले कदमों की जरूरत है. हाई-क्वालिटी परिधान और हस्तनिर्मित उत्पादों पर GST रेशनलाइजेशन से लागत दबाव कम होगा. कारीगरों, सस्टेनेबल फैब्रिक और आधुनिक तकनीक में निवेश करने वाले MSMEs को इंसेंटिव मिलना चाहिए. बेहतर वर्किंग कैपिटल और एक्सपोर्ट सपोर्ट से देसी डिजाइनर ब्रांड्स ग्लोबल स्तर पर आगे बढ़ पाएंगे.
Recode Studios के Co-Founder धीरज बंसल ने कहा, D2C ब्यूटी ब्रांड्स के लिए GST सुधार बेहद अहम हैं. हाई GST और इंपोर्ट ड्यूटी इनोवेशन को बाधित करती हैं. Budget में रीजनल मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब्स को सपोर्ट मिलना चाहिए. इससे मेट्रो के बाहर भी ग्रोथ संभव होगी.
Glam21 के Co-Founder प्रदीप गोयल ने कहा, Budget 2026 में सरल और स्थिर GST फ्रेमवर्क की जरूरत है. तेज़ रिफंड और स्पष्ट टैक्स नियम MSMEs का कैश फ्लो बेहतर करेंगे. इससे ब्रांड्स बेहतर प्रोडक्ट्स और विस्तार में निवेश कर पाएंगे. खासकर टियर-2 और टियर-3 शहरों में ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा.
BuyBuyCart के Director & Co-Founder आशीष पांडे ने कहा कि भारत के रिटेल सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां ऑर्गनाइज़्ड रिटेल और प्राइवेट लेबल्स तेजी से बढ़ रहे हैं. टियर-2 और टियर-3 शहरों में फ्रेंचाइज़ मॉडल से रोजगार और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा मिल रहा है. Budget 2026 में आसान संस्थागत क्रेडिट, प्राइवेट लेबल्स पर GST रेशनलाइजेशन और लोकल सोर्सिंग को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है. इससे भारत का रिटेल इकोसिस्टम और मजबूत होगा.
Techugo के CEO अभिनव सिंह ने कहा कि भारत का टेक और डिजिटल सर्विसेज सेक्टर 2026 में मजबूत ग्रोथ के दौर में रहेगा. AI, क्लाउड और डिजिटल प्रोडक्ट इंजीनियरिंग में एक्सपोर्ट लगातार बढ़ रहे हैं. Budget 2026 में AI R&D, स्किल डेवलपमेंट और आसान डेटा पॉलिसी से इस रफ्तार को और तेज़ किया जा सकता है. इससे भारत अपनी ग्लोबल डिजिटल लीडरशिप मजबूत करेगा.
Raj Cooling Systems के Founder & Chairman कल्पेश रामोलिया ने कहा कि कूलिंग और क्लाइमेट सॉल्यूशंस सेक्टर तेज़ विकास के चरण में है. टियर-2 और टियर-3 शहरों में मांग तेजी से बढ़ रही है. Budget 2026 में PLI स्कीम का विस्तार, GST रेशनलाइजेशन और लोकल कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा जरूरी है. इससे उत्पाद किफायती बनेंगे और घरेलू ब्रांड मज़बूत होंगे.
Alligator Automations के Founder & CEO श्रीनिवास चौधरी ने कहा कि भारत का ऑटोमेशन और रोबोटिक्स एक्सपोर्ट सेक्टर आने वाले वर्षों में तेज़ी से बढ़ेगा. AI-समर्थित स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग सॉल्यूशंस की वैश्विक मांग बढ़ रही है. Budget 2026 में R&D टैक्स इंसेंटिव, एक्सपोर्ट-फोकस्ड PLI और Industry 4.0 सपोर्ट जरूरी है. इससे भारत ग्लोबल स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग हब बन सकता है.
Thrive Global की Co-Founder प्रियंका एरोन ने कहा कि भारत के AI स्टार्टअप्स अब प्रयोग से आगे बढ़कर वास्तविक प्रभाव पैदा कर रहे हैं. Budget 2026 में AI स्किल्स, स्टार्टअप सपोर्ट और पब्लिक-प्राइवेट साझेदारी पर स्पष्ट फोकस जरूरी है. आसान कंप्लायंस और जिम्मेदार AI फ्रेमवर्क से इनोवेशन को गति मिलेगी. इससे भारतीय AI स्टार्टअप्स वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनेंगे.
Ezeepay के Co-Founder & CEO शम्स तबरेज ने कहा कि भारत में डिजिटल पेमेंट्स का दायरा तेजी से बढ़ रहा है, खासकर UPI के जरिए. Budget 2026 में ग्रामीण और सेमी-अर्बन इलाकों में वित्तीय समावेशन को प्राथमिकता देनी चाहिए. छोटे फिनटेक्स के लिए आसान कंप्लायंस और सुरक्षित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी है. इससे अगले 50 करोड़ यूज़र्स को डिजिटल सिस्टम से जोड़ा जा सकेगा.
MY LYF CARE के Founder सतीश कुमार सिंह ने कहा कि Budget 2026 भारत के हेल्थटेक सेक्टर के लिए बड़ा अवसर बन सकता है. AI-समर्थित डायग्नोस्टिक्स और डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म पर निवेश बढ़ना चाहिए. R&D और स्टार्टअप इनोवेशन को सपोर्ट मिलने से शहरी-ग्रामीण स्वास्थ्य अंतर कम होगा. इससे भारत वैश्विक हेल्थटेक लीडर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा.
Pee Safe के Senior Vice President – Finance, शोभित गुप्ता ने कहा कि महिला स्वच्छता को केवल सैनिटरी पैड तक सीमित नहीं देखा जाना चाहिए. कई जरूरी हाइजीन प्रोडक्ट्स पर GST लगने से उनकी पहुंच प्रभावित होती है. पूरे फेमिनिन और प्रिवेंटिव हाइजीन कैटेगरी में GST को तर्कसंगत बनाना जरूरी है. Budget 2026 में R&D, सस्टेनेबल मटीरियल और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को सपोर्ट मिलने से महिलाओं के स्वास्थ्य और कार्यबल भागीदारी में सुधार होगा.
Insight Cosmetics के Sales & Marketing Director मिहिर जैन ने कहा कि Budget 2026 में GST सुधार और MSME सपोर्ट बेहद जरूरी हैं. तेज़ GST रिफंड और स्पष्ट टैक्स नियमों से कैश फ्लो बेहतर होगा. कम GST से टियर-2 और टियर-3 शहरों में ब्यूटी प्रोडक्ट्स किफायती बनेंगे. इससे डिमांड बढ़ेगी और देसी ब्यूटी ब्रांड्स मज़बूत होंगे.
Maliao Cosmetics के CEO अरहान खान ने कहा कि सरल GST फ्रेमवर्क और रोज़मर्रा के कॉस्मेटिक्स पर कम टैक्स जरूरी है. इससे नए ब्रांड्स के लिए कंप्लायंस आसान होगा. तेज़ GST रिफंड और साफ ITC नियम MSMEs की मदद करेंगे. Budget 2026 से टियर-2 और टियर-3 बाजारों में ग्रोथ को बढ़ावा मिल सकता है.
MARS Cosmetics के VP Marketing अनमोल सहाई माथुर ने कहा कि Budget 2026 में स्थिर और स्पष्ट GST नियमों की जरूरत है. GST कंप्लायंस आसान होने से कीमतें कम होंगी. तेज़ रिफंड और सरल ITC से MSMEs का कैश फ्लो सुधरेगा. इससे भारतीय ब्यूटी ब्रांड्स जिम्मेदारी से आगे बढ़ पाएंगे.
AI और स्किल डेवलपमेंट को लेकर तरुण आनंद, Founder & Chancellor, Universal AI University का मानना है कि भारत में AI का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन अभी भी कुशल टैलेंट की कमी है. Budget 2026 में AI-समर्थित स्किल ट्रेनिंग के लिए अधिक फंड, इंडस्ट्री–यूनिवर्सिटी सहयोग, हैंड्स-ऑन लैब और इंटर्नशिप को बढ़ावा देने की जरूरत है, ताकि भारत भविष्य में ग्लोबल AI टैलेंट लीडर बन सके.
DPS Indirapuram के Member, Board of Management गिरीश कुमार सचदेव ने कहा कि Budget 2026 स्कूल शिक्षा के लिए एक अहम मोड़ है. पारंपरिक पढ़ाई के साथ तकनीकी शिक्षा को अपनाना अब जरूरी हो गया है. डिजिटल लर्निंग, STEM, AI और रोबोटिक्स लैब्स को बढ़ावा मिलना चाहिए. एडवांस शैक्षणिक उपकरणों पर टैक्स और कस्टम ड्यूटी में राहत से स्कूल अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा दे सकेंगे.
Academy of Internal Audit के CEO & Faculty पुनीत गर्ग ने कहा कि डिजिटल अर्थव्यवस्था के साथ वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर जोखिम भी बढ़े हैं. Budget 2026 में ऑडिट, फ्रॉड रिस्क मैनेजमेंट और साइबर कंप्लायंस से जुड़े स्किल डेवलपमेंट पर फोकस जरूरी है. युवाओं के लिए विशेष शैक्षणिक बजट से कुशल टैलेंट तैयार किया जा सकता है. इससे भारत की वित्तीय प्रणाली अधिक सुरक्षित और मजबूत बनेगी.
CYK Hospitalities के Director पुलकित अरोड़ा ने कहा कि Budget 2026 से फूड एंड बेवरेज इंडस्ट्री को लंबे समय से जरूरी संरचनात्मक सुधारों की उम्मीद है. इनपुट टैक्स क्रेडिट की बहाली, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को उद्योग का दर्जा और लाइसेंस प्रक्रिया को आसान बनाना बेहद अहम है. इससे कंपनियां प्रशासनिक चुनौतियों की बजाय गुणवत्ता और इनोवेशन पर ध्यान दे पाएंगी.
CYK Hospitalities के Director सिमरनजीत सिंह ने कहा कि F&B ब्रांड्स विस्तार के लिए पूरी तरह तैयार हैं और बाजार में उपभोग की क्षमता भी मौजूद है. Budget 2026 में स्पष्ट लीजिंग नियम, सिंगल-विंडो अप्रूवल और समान कमर्शियल नीतियां विस्तार को तेज़ कर सकती हैं. इससे स्थिर और भरोसेमंद ग्रोथ को संभव बनाया जा सकेगा.
Wishes & Blessings NGO की Founder & President डॉ. गीतांजलि चोपड़ा ने कहा कि Budget 2026 में दान और सामाजिक कार्यों के इकोसिस्टम को मजबूत करने वाली नीतियों की जरूरत है. दाताओं के लिए बेहतर टैक्स इंसेंटिव और NGOs के लिए सरल व पारदर्शी नियम जरूरी हैं. CSR साझेदारियों में स्पष्टता और NGOs को GST से छूट मिलने से कामकाज आसान होगा. इससे सामाजिक संगठनों को देश निर्माण में प्रभावी भागीदार के रूप में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी.
KC GlobEd के Founder & CEO डॉ. कमल छाबड़ा ने कहा कि Budget 2026 में शिक्षा और स्किलिंग के लिए वित्तीय राहत जरूरी है. प्रोफेशनल कोर्सेज पर टैक्स छूट, EdTech सेवाओं पर कम GST और आसान एजुकेशन लोन से अपस्किलिंग सुलभ होगी. डिजिटल लर्निंग इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश से छात्र बिना आर्थिक दबाव के ग्लोबल सर्टिफिकेशन हासिल कर सकेंगे.
Tourism and Hospitality Skill Council की Chairperson ज्योति मायल ने कहा कि Budget 2026 में टूरिज्म सेक्टर के लिए स्किलिंग पर मजबूत फोकस जरूरी है. इंडस्ट्री-आधारित पाठ्यक्रम, AI और डिजिटल ट्रेनिंग से रोजगार क्षमता बढ़ेगी. MSMEs, सस्टेनेबल टूरिज्म और इंफ्रास्ट्रक्चर को सपोर्ट नए डेस्टिनेशन विकसित करेगा.
KAFF Appliances के CEO नलिन कुमार ने कहा कि Budget 2026 में GST रेशनलाइजेशन और जरूरी कंपोनेंट्स पर इंपोर्ट ड्यूटी घटनी चाहिए. R&D, सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग और स्किल डेवलपमेंट को सपोर्ट जरूरी है. मजबूत लॉजिस्टिक्स और Make in India से सेक्टर की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी.
VITSKAMATS Group के Chairman & Managing Director डॉ. विक्रम कामत ने कहा कि होटल इंडस्ट्री में ग्रोथ के साथ लागत और स्किल की चुनौतियां भी हैं. Budget 2026 में GST राहत, ग्रीन और टेक-आधारित होटलों को इंसेंटिव जरूरी है. आसान क्रेडिट और इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट से मांग बनी रहेगी.
BOP.in के Co-founder गौरव मावी ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर को संरचनात्मक सुधारों की जरूरत है. इंडस्ट्री स्टेटस से सस्ता फाइनेंस मिलेगा और सप्लाई बढ़ेगी. होमबायर्स के लिए टैक्स लाभ और निर्माणाधीन घरों पर GST सुधार जरूरी हैं. इससे खरीदारों का भरोसा लौटेगा.
OPO Hotels & Resorts के Founder & Managing Director अमित कुमार सिंह ने कहा कि Budget 2026 में टियर-2 और टियर-3 शहरों में होटल इंफ्रास्ट्रक्चर को टैक्स इंसेंटिव मिलना चाहिए. बजट और मिड-स्केल होटलों पर कम GST से घरेलू पर्यटन बढ़ेगा. आसान क्रेडिट और बेहतर कनेक्टिविटी से संगठित ग्रोथ को बल मिलेगा.
Anytime Fitness के Managing Director विकास जैन ने कहा कि फिटनेस को प्रिवेंटिव हेल्थकेयर का अहम हिस्सा माना जाना चाहिए. Budget 2026 में जिम उद्यमियों को सस्ते लोन और क्रेडिट मिलना जरूरी है. फिटनेस मेंबरशिप पर टैक्स छूट और जागरूकता अभियान से स्वस्थ भारत बनेगा.
VYNA Electric के Managing Director संतोष शाह ने कहा कि Budget 2026 में PLI स्कीम के तहत घरेलू इलेक्ट्रिकल मैन्युफैक्चरिंग को और सपोर्ट मिलना चाहिए. लाइटिंग और स्विचगियर कंपोनेंट्स पर कम इंपोर्ट ड्यूटी जरूरी है. इससे उपभोक्ताओं को बेहतर और सुरक्षित उत्पाद मिलेंगे.
REHAU India के EVP India & Subcon. तुषार वर्मा ने कहा कि Budget 2026 में हाउसिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और छोटे व्यवसायों के फाइनेंस को मजबूत करना जरूरी है. इससे इंटीरियर्स और फर्नीचर सेक्टर को सीधा फायदा मिलेगा. बेहतर क्वालिटी और लॉन्ग-टर्म वैल्यू वाले समाधान भारतीय घरों और वर्कस्पेस को आगे बढ़ाएंगे.
SOMANY Ceramics के Managing Director & CEO अभिषेक सोमानी ने कहा कि सेरामिक टाइल मैन्युफैक्चरिंग में नेचुरल गैस एक अहम इनपुट है, लेकिन इसे अब तक GST के दायरे में नहीं लाया गया है. इससे इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं मिल पाता और लागत बढ़ जाती है. नेचुरल गैस को GST में शामिल करने से लागत कम होगी और भारतीय टाइल निर्माता वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे. साथ ही टाइल्स पर 18% GST को घटाकर 5% करना अफोर्डेबल हाउसिंग और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती देगा.
Grip Invest के Founder & Group CEO निखिल अग्रवाल ने कहा कि Budget 2026 बॉन्ड मार्केट को मजबूत बनाने का बड़ा अवसर है. सेकेंडरी मार्केट ट्रेडिंग, लिक्विडिटी और क्रेडिट एन्हांसमेंट को बढ़ावा देकर बॉन्ड्स को इक्विटी के बराबर आकर्षक बनाया जा सकता है. टैक्स से जुड़ी जटिलताओं, जैसे ब्याज पर स्लैब टैक्स और कैपिटल गेन नियमों, को सरल करना जरूरी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म, पारदर्शी डेटा और कम न्यूनतम निवेश से रिटेल निवेशकों की भागीदारी बढ़ेगी और भारत में मार्केट-आधारित फाइनेंसिंग को मजबूती मिलेगी.
Expleo Solutions Limited के MD & CEO फणी तंगीरेला ने कहा कि Budget 2026 में टेक सेक्टर का फोकस अब स्केल से आगे बढ़कर भरोसे और बेहतर निष्पादन पर होना चाहिए. डिजिटल प्लेटफॉर्म, कनेक्टिविटी और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर में सार्वजनिक निवेश जरूरी है. स्पष्ट नियम और स्किल डेवलपमेंट पर ध्यान भारत की ग्लोबल टेक लीडरशिप को मजबूत करेगा. इससे ‘विकसित भारत’ और आत्मनिर्भर क्षमताओं को मजबूती मिलेगी.
RentenPe की Co-founder & CEO सारिका शेट्टी ने कहा कि Budget 2026 भारत की डिजिटल रेंटल इकॉनमी के लिए बड़ा मौका है. किराए को औपचारिक क्रेडिट सिस्टम में शामिल करना जरूरी है. डिजिटल रेंट रिपोर्टिंग और क्रेडिट ब्यूरो से जोड़ने से लाखों लोगों को लोन तक पहुंच मिलेगी. इससे बिना अतिरिक्त बोझ के फाइनेंशियल इन्क्लूजन बढ़ेगा.
Unocoin के Co-founder & CEO सात्विक विश्वनाथ ने कहा कि Budget 2026 में क्रिप्टो सेक्टर को स्पष्ट और संतुलित नीति की जरूरत है. 30% टैक्स और 1% TDS ने घरेलू प्लेटफॉर्म्स को नुकसान पहुंचाया है. TDS में कटौती से लिक्विडिटी और कंप्लायंस सुधरेगा. स्पष्ट रेगुलेशन से भारत ग्लोबल ब्लॉकचेन हब बन सकता है.
Indira Securities के MD नेवी विजय रामावत ने कहा कि Budget 2026 से LTCG और STCG टैक्स में कुछ राहत की उम्मीद है. हाल के समय में बाजार को सहारा घरेलू निवेशकों ने दिया है. टैक्स में सुधार से निवेशकों का मनोबल बढ़ेगा. इससे लॉन्ग-टर्म मार्केट ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा.
Koncept Global Books के Managing Partner अतिशय जैन ने कहा कि किताबों पर GST शून्य है, लेकिन कच्चे माल पर टैक्स लागत बढ़ा रहा है. पेपर और प्रिंटिंग इनपुट पर टैक्स से पब्लिशर्स पर दबाव है. Budget 2026 में इन पर टैक्स राहत जरूरी है. इससे सस्ती और गुणवत्तापूर्ण किताबें उपलब्ध होंगी.
NK Realtors के Managing Director पवन कुमार अग्रवाल ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर को अब दीर्घकालिक संरचनात्मक समर्थन चाहिए. होम लोन ब्याज पर टैक्स छूट सीमा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख की जानी चाहिए. पहली बार घर खरीदने वालों के लिए इंसेंटिव जरूरी हैं. इससे मिडिल क्लास को राहत और हाउसिंग सेक्टर को गति मिलेगी.
Kindlife की Founder & CEO राधिका घई ने कहा कि Budget 2026 ब्यूटी और वेलनेस सेक्टर के लिए बड़ा अवसर है. टियर-2 और टियर-3 शहरों में वेलनेस और डर्मेटोलॉजी प्रोडक्ट्स की मांग तेज़ी से बढ़ रही है. पर्सनल केयर और न्यूट्रास्यूटिकल्स पर GST रेशनलाइजेशन से प्रीमियम ब्यूटी प्रोडक्ट्स अधिक किफायती होंगे. आसान एक्सपोर्ट नियम, R&D इंसेंटिव और महिलाओं के नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को सपोर्ट ‘Make for India, Make for the World’ विज़न को मज़बूती देगा.
Edgistify के Co-founder & CEO उमंग शुक्ला ने कहा कि Budget 2026 में लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए टेक्नोलॉजी अपनाने पर इंसेंटिव, वेयरहाउसिंग के लिए तेज़ अप्रूवल और लास्ट-माइल डिलीवरी इंफ्रास्ट्रक्चर को सपोर्ट मिलना चाहिए. GST में राहत और मल्टी-स्टेट ऑपरेशंस को सरल करने से लागत कम होगी. लॉजिस्टिक्स सर्विस प्रोवाइडर्स पर 2% TDS घटाने से कैश फ्लो सुधरेगा. ये कदम भारत को एक मजबूत ग्लोबल लॉजिस्टिक्स हब बनाने में मदद करेंगे.
Clove Dental के Chief Clinical Officer लेफ्टिनेंट जनरल (रि.) डॉ. विमल अरोड़ा ने कहा कि Budget 2026 में ओरल हेल्थ को एक अलग सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राथमिकता के रूप में मान्यता मिलनी चाहिए. ओरल कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन स्क्रीनिंग और फंडिंग की कमी है. ग्रामीण क्षेत्रों में शुरुआती जांच पर निवेश जरूरी है. इससे कैंसर के इलाज का पूरा इकोसिस्टम मजबूत होगा.
Max Saket के Director & Clinical Lead (Gynaecological Oncology) डॉ. कनिका बत्रा मोदी ने कहा कि Budget 2026–27 में महिला कैंसर की शुरुआती जांच और सस्ते डायग्नोस्टिक्स पर फोकस जरूरी है. जिला स्तर पर इलाज की सुविधाएं बढ़नी चाहिए. लक्षित फंडिंग से लेट-स्टेज मामलों में कमी आएगी. इससे महिलाओं को सुलभ और समान कैंसर केयर मिलेगी.
MYNUSCo के Founder & CEO महादेव चिक्कन्ना ने कहा कि Budget 2026 में बायो-मटीरियल और सर्कुलर इकॉनमी को मजबूत सपोर्ट मिलना चाहिए. R&D टैक्स क्रेडिट और एक्सपोर्ट इंसेंटिव जरूरी हैं. इससे कृषि अपशिष्ट का बेहतर उपयोग होगा. साथ ही ग्रामीण आय और जलवायु नेतृत्व को बल मिलेगा.
SanchiConnect के Co-Founder & CEO डॉ. सुनील शेखावत ने कहा कि Budget 2026 में उभरती तकनीकों के लिए घरेलू मांग बढ़ाने वाली नीतियां जरूरी हैं. ड्रोन सेक्टर जैसे सफल मॉडल अपनाए जा सकते हैं. RDI और ANRF के साथ मार्केट सपोर्ट जरूरी है. इससे वैश्विक अनिश्चितताओं से सुरक्षा मिलेगी.
TrioTree Technologies के Co-Founder & CEO सुरजीत ठाकुर ने कहा कि डिजिटल हेल्थ के साथ साइबर सिक्योरिटी अब जरूरी हो गई है. Budget 2026–27 में हेल्थकेयर IT सुरक्षा के लिए फंडिंग बढ़नी चाहिए. टियर-2 और टियर-3 क्षेत्रों में डिजिटल हेल्थ सपोर्ट जरूरी है. इससे तकनीक सुलभ और सुरक्षित बनेगी.
Better Nutrition के Co-Founder प्रतीक रस्तोगी ने कहा कि Budget 2026 में खेती को सिर्फ उत्पादन नहीं, पोषण से जोड़ना जरूरी है. बायोफोर्टिफाइड बीजों पर निवेश अहम है. इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधरेगा. साथ ही किसानों की आय और खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी.
TechnoStruct Academy के Founder & Chairman रॉय अनिरुद्ध ने कहा कि इंजीनियरिंग शिक्षा में स्किल गैप अब भी बड़ी चुनौती है. Budget 2026 में हैंड्स-ऑन और इंडस्ट्री-आधारित स्किलिंग पर फोकस जरूरी है. केवल डिग्री नहीं, रोजगार योग्य कौशल अहम हैं. इससे शिक्षा खर्च का सही लाभ मिलेगा.
KlugKlug के Co-Founder & CPO वैभव गुप्ता ने कहा कि Budget 2026 क्रिएटर इकॉनमी को संगठित सेक्टर बनाने का अवसर है. स्पष्ट टैक्स नियम और आसान कंप्लायंस जरूरी हैं. इससे बड़े पैमाने पर मोनेटाइजेशन संभव होगा. भारत ग्लोबल क्रिएटर हब बन सकता है.
Mad Influence के Founder & CEO गौतम माधवन ने कहा कि Budget 2026 में क्रिएटर इकॉनमी को औपचारिक दर्जा मिलना चाहिए. GST स्पष्टता और टैक्स इंसेंटिव जरूरी हैं. गिग क्रिएटर्स के लिए सोशल सिक्योरिटी अहम है. इससे स्थायी आजीविका बनेगी.
Scripbox के Managing Partner सचिन जैन ने कहा कि Budget 2026 में निवेशक सुरक्षा और रेगुलेटरी सुधार प्राथमिकता होनी चाहिए. रिटायरमेंट और फिक्स्ड इनकम टैक्स में सुधार जरूरी है. NRI और GIFT City के लिए आसान नियम चाहिए. इससे घरेलू बचत मजबूत होगी.
Nawgati के Co-Founder & CEO वैभव कौशिक ने कहा कि Budget 2026 में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ डिजिटल ऑप्टिमाइजेशन पर ध्यान जरूरी है. रियल-टाइम डेटा से दक्षता बढ़ती है. डिजिटल सिस्टम को ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर का हिस्सा मानना चाहिए. इससे लागत और उत्सर्जन कम होंगे.
Adgcraft Communications के Founder & MD अभिनय कुमार सिंह ने कहा कि Budget 2026 में सर्विस सेक्टर के लिए मजबूत नीति सपोर्ट जरूरी है. AI-समर्थित मीडिया और कंटेंट टेक्नोलॉजी पर निवेश अहम है. स्किलिंग और डेटा इकोसिस्टम को बढ़ावा मिलना चाहिए. इससे एजेंसियों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी.
KP Group के Founder, Chairman & MD डॉ. फारूक जी. पटेल ने कहा कि Budget 2026 में रिन्यूएबल एनर्जी के लिए निरंतर नीति समर्थन जरूरी है. मैन्युफैक्चरिंग इंसेंटिव और टैक्स स्पष्टता अहम हैं. ग्रीन हाइड्रोजन और स्टोरेज को बल मिलना चाहिए. इससे भारत ग्लोबल एनर्जी लीडर बनेगा.
TEXMiN (IIT ISM Dhanbad) के Project Director प्रो. धीरज कुमार ने कहा कि Budget 2026 में डिजिटल और टेक्नोलॉजी आधारित माइनिंग पर फोकस जरूरी है. क्रिटिकल मिनरल्स मिशन से सेक्टर को गति मिली है. टेक्नोलॉजी से दक्षता और सस्टेनेबिलिटी बढ़ेगी. इससे तेज़ प्रोजेक्ट डिलीवरी संभव होगी.
Motiaz के Managing Director & Co-founder मुकुल बंसल ने कहा कि Budget 2026 में अफोर्डेबल हाउसिंग को पुनर्जीवित करने के लिए लक्षित सुधार जरूरी हैं. अफोर्डेबल हाउसिंग की मौजूदा परिभाषा पुरानी हो चुकी है और इसे अपडेट करने की जरूरत है. होम लोन ब्याज पर टैक्स छूट की सीमा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख करने से मिडिल क्लास को राहत मिलेगी. किराये के आवास, ग्रीन कंस्ट्रक्शन और इंटीग्रेटेड टाउनशिप पर इंसेंटिव से टिकाऊ शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा.
Bolt.Earth के CEO & Founder एस. राघव भारद्वाज ने कहा कि Budget 2026 में सरकार को EV चार्जिंग को EV खरीद जितना ही जरूरी मानने का स्पष्ट संकेत देना चाहिए. अभी EV पर 5% GST है, जबकि चार्जिंग सेवाओं पर 18% GST लगता है, जिसे घटाकर 5% किया जाना चाहिए. इससे उपभोक्ताओं की लागत कम होगी और EV अपनाने की रफ्तार बढ़ेगी. साथ ही EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को Priority Sector Lending में शामिल करने से सस्ता फंड मिलेगा और चार्जर नेटवर्क तेज़ी से बढ़ सकेगा.
Flam AI के Head of Product कार्तिक के. रमन ने कहा कि Budget 2026 में भारत को AI अपनाने से आगे बढ़कर AI संप्रभुता की ओर कदम बढ़ाने चाहिए. देश में बड़े डिजिटल यूज़र बेस के बावजूद एडवांस AI इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है. AI को एक अहम सार्वजनिक सुविधा मानते हुए GPU इंफ्रास्ट्रक्चर, डीप-टेक के लिए रेगुलेटरी सैंडबॉक्स और सॉवरेन कंप्यूट क्षमता पर निवेश जरूरी है. इससे AI से बनने वाला मूल्य भारत में ही सृजित होगा और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को बल मिलेगा.
एंजेल इन्वेस्टर और सीरियल ऑन्त्रप्रेन्योर विवेक तिवारी ने हेल्थकेयर व मेडटेक सेक्टर को लेकर अपनी अपेक्षाएं बताते हुए कहा कि Budget 2026–27 में हेल्थकेयर खर्च को GDP के 2.5–5% तक बढ़ाना और मेडटेक के लिए PLI व डीप-टेक फंडिंग को मजबूत करना जरूरी है. जीवनरक्षक उपकरणों पर GST शून्य, हेल्थटेक स्टार्टअप्स के लिए 200% R&D टैक्स क्रेडिट और MSMEs को आसान क्रेडिट से ग्रोथ तेज़ होगी. AI डायग्नोस्टिक्स के लिए पब्लिक–प्राइवेट साझेदारी, ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन और टियर-3 अस्पतालों को सस्ते लोन अहम हैं. SEBI नियमों में ढील और गैप फाइनेंसिंग से भारत का मेडटेक सेक्टर तेज़ी से स्केल कर पाएगा.
Arihant Capital Markets Ltd के Joint MD अर्पित जैन ने कहा कि Budget 2026–27 में खपत के बजाय कैपेक्स आधारित विकास पर स्पष्ट फोकस होना चाहिए. सरकार और निजी क्षेत्र दोनों के निवेश को बढ़ावा देना जरूरी है. भारत में निवेश करने वाले सॉवरेन फंड्स को टैक्स राहत से बड़ा प्रोत्साहन मिल सकता है. वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच मजबूत कैपेक्स ही ग्रोथ को सहारा देगा.
Lakhani Financial Services के Director देवांश लखानी ने कहा कि Budget 2026 में ESOP टैक्सेशन में सुधार बेहद जरूरी है. अभी कर्मचारियों पर दो बार टैक्स लगता है, जिससे कैश फ्लो पर दबाव पड़ता है. टैक्स को शेयर बेचने के समय तक टालना जरूरी है. अनलिस्टेड शेयरों पर कैपिटल गेन टैक्स को लिस्टेड के बराबर करना भी जरूरी है.
Prime Wealth Finserv के Co-Founder & Director चक्रिवर्धन कुप्पाला ने कहा कि Budget 2026 में रिटायरमेंट सेविंग्स को लेकर ठोस कदम जरूरी हैं. NPS पर अतिरिक्त ₹50,000 की छूट बढ़ाकर ₹1 लाख की जानी चाहिए. नए टैक्स सिस्टम को लेकर भ्रम दूर करना भी जरूरी है. बेसिक डिडक्शंस को शामिल किए बिना वित्तीय योजना मुश्किल है.
Universal Legal के Founder अपूर्व अग्रवाल ने कहा कि अफोर्डेबल हाउसिंग की परिभाषा में बदलाव बेहद जरूरी है. ₹45 लाख की सीमा अब वास्तविकता से मेल नहीं खाती. इसे ₹75–90 लाख तक बढ़ाने और होम लोन ब्याज छूट को ₹4–5 लाख करने की जरूरत है. GST और स्टांप ड्यूटी जैसे ऊंचे ट्रांजैक्शन कॉस्ट को कम करना भी जरूरी है.
Oben Electric की Founder & CEO मधुमिता अग्रवाल ने कहा कि Budget 2026–27 भारत की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी यात्रा को मजबूत करने का बड़ा मौका है. EV पर 5% GST और कच्चे माल पर 18% GST से उद्योग की वर्किंग कैपिटल फंस जाती है. सभी EV कंपोनेंट्स पर 5% समान GST जरूरी है. इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल्स के लिए लक्षित सब्सिडी से मास मार्केट अपनाने को गति मिलेगी.
Zelio E Mobility के Co-founder & MD कुनाल आर्या ने कहा कि भारत में EV ट्रांजिशन की रीढ़ टू-व्हीलर सेक्टर है. Budget 2026–27 में बैटरी, कंट्रोलर और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए PLI सपोर्ट जरूरी है. GST रेशनलाइजेशन और सस्ता फाइनेंस मास एडॉप्शन बढ़ाएगा. स्पष्ट चार्जिंग रोडमैप से EV इकोसिस्टम मजबूत होगा.
EVeium Smart Mobility के Founder & CEO समीर मोइदीन ने कहा कि Budget 2026–27 को Make in India इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स पर फोकस करना चाहिए. लोकल डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग से नौकरियां और सप्लाई चेन मजबूत होंगी. बैटरी लोकलाइजेशन और सस्ता फाइनेंस जरूरी है. मजबूत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर से EV आम लोगों तक पहुंचेगा.
Melooha के Founder & CEO विक्रम लभे ने कहा कि Budget 2026–27 AI-समर्थित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए अहम है. एप्लाइड AI, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा इकोसिस्टम पर निवेश जरूरी है. मल्टीलिंगुअल और वर्नाक्युलर AI से मास पर्सनलाइजेशन संभव होगा. सरल नियम और टैक्स सुधार से ग्लोबल विस्तार आसान होगा.
Oakter के Co-founder & CEO शिशिर गुप्ता ने कहा कि Budget 2026–27 में डिजाइन-आधारित मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलना चाहिए. ODM और कंपोनेंट लोकलाइजेशन के लिए PLI सपोर्ट जरूरी है. स्थिर GST और तेज़ ITC से लागत घटेगी. इससे भारत वैल्यू चेन में ऊपर बढ़ेगा.
InfoVision के Global Delivery Head गिरीश हिर्दे ने कहा कि Budget 2026 में डिजिटल और फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर निरंतर निवेश जरूरी है. इससे GCC और IT डिलीवरी को मजबूती मिलेगी. AI अपनाने और वर्कफोर्स स्किलिंग पर स्पष्ट नीति चाहिए. यह भारत की इंजीनियरिंग लीडरशिप को मजबूत करेगा.
BigTrunk Communications के Founder & CEO अखिल नायर ने कहा कि Budget 2026 में मार्केटिंग को ग्रोथ ड्राइवर के रूप में देखा जाना चाहिए. AI और एनालिटिक्स के लिए R&D सपोर्ट जरूरी है. MSMEs को MarTech अपनाने के लिए इंसेंटिव मिलने चाहिए. आसान टैक्स नियमों से ग्लोबल प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी.
SafeCredits के Founder & CEO मन्नूरी वामशी कृष्णा ने कहा कि Budget 2026–27 में MSMEs के लिए डिजिटल क्रेडिट गवर्नेंस मजबूत करनी चाहिए. AI-समर्थित रिस्क मैनेजमेंट और RegTech को प्रोत्साहन जरूरी है. पेपरलेस KYC और रियल-टाइम मॉनिटरिंग से डिफॉल्ट घटेंगे. इससे B2B इकोसिस्टम अधिक पारदर्शी बनेगा.
Matrix Geo Solutions के Managing Director राहुल जैन ने कहा कि Budget 2026–27 में जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी और ड्रोन सर्वे को बढ़ावा मिलना चाहिए. GIS, LiDAR और AI एनालिटिक्स से इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स तेज़ होंगे. देसी टेक्नोलॉजी को इंसेंटिव जरूरी है. इससे भारत ग्लोबल जियोस्पेशियल लीडर बन सकता है.
Cravicious Foods के Co-founder & CEO एकांश गर्ग ने कहा कि Budget 2026 में कोल्ड-चेन और फूड प्रोसेसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस जरूरी है. GST रेशनलाइजेशन और आसान कंप्लायंस से ब्रांड्स को मदद मिलेगी. सस्टेनेबल स्टोरेज से वेस्टेज घटेगा. इससे भारत ग्लोबल फ्रोजन फूड हब बन सकता है.
Judge Group India के CTO डॉ. कनिष्क अग्रवाल ने कहा कि Budget 2026 में भारत को एक मजबूत टेक पावर बनाने पर फोकस होना चाहिए. अगली ग्रोथ AI, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश से आएगी. R&D के लिए टैक्स क्रेडिट, यूनिवर्सिटी–इंडस्ट्री सहयोग और प्रोडक्ट स्टार्टअप्स को पूंजी तक आसान पहुंच जरूरी है. उभरती तकनीकों में टैलेंट डेवलपमेंट से भारत का बौद्धिक पूंजी वैश्विक स्तर पर पहचान बनाएगी.
SUNSTONE के Co-founder & CEO आशीष मुंजाल ने कहा कि Budget 2026 भारत की युवा आबादी को फ्यूचर-रेडी वर्कफोर्स में बदलने का बड़ा मौका है. AI, डेटा साइंस और नई तकनीकों पर प्रोजेक्ट-आधारित शिक्षा, डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म, लैब और फैकल्टी डेवलपमेंट में निवेश जरूरी है. टियर-2 और टियर-3 छात्रों के लिए सस्ते या ब्याज-मुक्त एजुकेशन लोन और स्कॉलरशिप बढ़ानी चाहिए. स्किल सर्टिफिकेशन और एम्प्लॉयर-स्पॉन्सर्ड लर्निंग पर टैक्स इंसेंटिव से रोजगार योग्यता तेज़ी से सुधरेगी.
Centurion University, Odisha की Vice Chancellor प्रो. सुप्रिया पटनायक ने कहा कि Budget 2026 में स्किल-आधारित उच्च शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की नींव बनाया जाना चाहिए. टियर-2 और टियर-3 संस्थानों में AI-आधारित और इंडस्ट्री से जुड़े लैब्स के लिए फंडिंग बढ़ानी जरूरी है. इंडस्ट्री-अकादमिक साझेदारी पर टैक्स इंसेंटिव से अप्रेंटिसशिप और रोजगार क्षमता सुधरेगी. इससे ग्रामीण-शहरी स्किल गैप घटेगा और भारत वैश्विक स्किल हब बन सकेगा.
Justdial के Chief Growth Officer श्वेतांक दीक्षित ने कहा कि भारत की ग्रोथ MSMEs से संचालित हो रही है. छोटे और स्थानीय व्यवसाय रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभा रहे हैं. Budget 2026 में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, आसान कारोबार और माइक्रो एंटरप्राइजेज के लिए टैक्स राहत जरूरी है. IndiaAI मिशन से MSMEs को AI टूल अपनाने में मदद मिल सकती है.
Go-5 Incorporations के Founder & Promoter पुनीत गुलाटी ने कहा कि Budget 2026 में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग, R&D और AI, IoT जैसी नई टेक्नोलॉजी पर फोकस जरूरी है. स्टार्टअप्स के लिए आसान कंप्लायंस और इनोवेशन पर टैक्स राहत अहम है. सप्लाई-चेन लोकलाइजेशन से स्केलेबल ग्रोथ संभव होगी. इससे भारत के टेक ब्रांड वैश्विक बन सकेंगे.
Inka Insurance के Founder & CEO वैभव काथजू ने कहा कि Budget 2026 में इंश्योरेंस को अधिक सुलभ और भरोसेमंद बनाना चाहिए. हेल्थ और टर्म इंश्योरेंस पर टैक्स इंसेंटिव बढ़ाने की जरूरत है. शुद्ध प्रोटेक्शन प्रोडक्ट्स के लिए अलग टैक्स सेक्शन होना चाहिए. डिजिटल डिस्ट्रीब्यूशन और फाइनेंशियल लिटरेसी अहम होगी.
Journie के Founder राकेश पाटिल के ने कहा कि Budget 2026–27 में टैक्स दर घटाने से ज्यादा जरूरी बाजार की बाधाएं कम करना है. LTCG में ऊंची छूट रिटेल निवेशकों को आकर्षित करेगी. बॉन्ड मार्केट के लिए रिपो और DVP-III से लिक्विडिटी बढ़ेगी. इससे संरचित वेल्थ मैनेजमेंट को बढ़ावा मिलेगा.
ThunderPlus के ED & CEO राजीव YSR ने कहा कि Budget 2026 में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर स्पष्ट फोकस जरूरी है. फास्ट और इंटरऑपरेबल चार्जर्स को सपोर्ट मिलना चाहिए. हाईवे और शहरी क्षेत्रों में विश्वसनीय चार्जिंग जरूरी है. इससे EV अपनाने का भरोसा बढ़ेगा.
सीनियर बिजनेस लीडर विजय संपतकुमार ने कहा कि Budget 2026 भारत की AI महत्वाकांक्षा को ज़मीन पर उतारने का मौका है. सस्ता कंप्यूट, भरोसेमंद पावर और GPU-रेडी डेटा सेंटर्स जरूरी हैं. AI-रेडी इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किलिंग पर इंसेंटिव अहम होंगे. इससे भारत AI का ग्लोबल हब बन सकता है.
ProXpense के Founder & CEO हिमांशु सिंह ने कहा कि Budget 2026 में डिजिटल कंप्लायंस को औपचारिक मान्यता मिलनी चाहिए. GST ऑडिट के लिए डिजिटल रसीदों को मान्य करना जरूरी है. AI आधारित फाइनेंस और ऑडिट टूल्स को प्रोत्साहन मिलना चाहिए. इससे SaaS और स्टार्टअप ग्रोथ तेज़ होगी.
Shop Culture की Founder & Global CEO सुबर्णा मुखर्जी ने कहा कि Budget 2026 में ई-कॉमर्स के लिए नीति निरंतरता जरूरी है. एक्सपोर्ट, AI अपनाने और डिजिटल स्किल्स पर फोकस होना चाहिए. क्रॉस-बॉर्डर ई-कॉमर्स के नियम आसान किए जाएं. इससे MSMEs और ब्रांड्स वैश्विक बनेंगे.
Vikalp India के Founder & CEO दिनेश गुप्ता ने कहा कि शिक्षा को खर्च नहीं, राष्ट्रीय निवेश माना जाना चाहिए. Budget 2026 में एक्टिविटी-बेस्ड और रिसर्च-बेस्ड लर्निंग पर जोर जरूरी है. टीचर ट्रेनिंग में निरंतर निवेश अहम है. ऑनलाइन और ब्लेंडेड लर्निंग को मान्यता मिलनी चाहिए.
ARC Electric के CEO & Co-founder अभिनव कालिया ने कहा कि Budget 2026 में कॉर्पोरेट EV अपनाने को बढ़ावा मिलना चाहिए. चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और टैक्स इंसेंटिव जरूरी हैं. बैटरी नियम और GST सरल होने चाहिए. इससे क्लीन और किफायती मोबिलिटी संभव होगी.
Clarissa Group के Director & CEO हर्षल दिलवाली ने कहा कि Budget 2026 में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को दीर्घकालिक सपोर्ट चाहिए. GST रेशनलाइजेशन और सस्ता क्रेडिट जरूरी है. स्किल डेवलपमेंट और पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर पर निवेश अहम है. इससे क्षेत्रीय ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा.
NDIM के Managing Director आयुष कुमार ने कहा कि Budget 2026 में भविष्य-तैयार स्किल्स और अफोर्डेबिलिटी पर फोकस जरूरी है. इंडस्ट्री-अकादमिक सहयोग और डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा मिलना चाहिए. एजुकेशन लोन और टैक्स लाभ अहम हैं. इससे अगली पीढ़ी के लीडर तैयार होंगे.
DCGpac & DTDC के Founder & CEO सुरेश बंसल ने कहा कि Budget 2026 में सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग और MSME सपोर्ट जरूरी है. ईको-फ्रेंडली पैकेजिंग पर इंसेंटिव मिलने चाहिए. तेज़ GST रिफंड और बेहतर क्रेडिट से लिक्विडिटी सुधरेगी. इससे भारत जिम्मेदार सप्लाई-चेन लीडर बनेगा.
Biryani Blues के को-फाउंडर Raymond Andrews ने कहा कि Budget 2026 में संगठित फूड सर्विस ब्रांड्स के लिए खपत बढ़ाने और पूरे इकोसिस्टम को मजबूत करने वाले कदम जरूरी हैं. सप्लाई चेन, कोल्ड स्टोरेज और लॉजिस्टिक्स में निवेश से वेस्टेज कम होगा और गुणवत्ता बनी रहेगी. शहरी खरीद क्षमता बढ़ाने और फूड व हॉस्पिटैलिटी वर्कफोर्स के लिए स्किल डेवलपमेंट पर फोकस अहम है. सस्टेनेबल सोर्सिंग और घरेलू फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने से सेक्टर की दीर्घकालिक मजबूती सुनिश्चित होगी.
BonV Aero के Co-founder & CEO सत्यब्रत सतपथी ने कहा कि Budget 2026 में ड्रोन सेक्टर के लिए लिक्विडिटी, रेगुलेटरी स्पष्टता और वास्तविक क्षमता निर्माण पर फोकस जरूरी है. GST ITC की अग्रिम मोनेटाइजेशन, सस्ता वर्किंग कैपिटल और समयबद्ध GST रिफंड से लागत दबाव कम होगा. R&D टैक्स क्रेडिट और घरेलू मांग-आधारित इंसेंटिव से भारत वैश्विक ड्रोन हब बन सकता है.
CURAPOD के Co-founder & CEO श्रीराम वेल्लियूर ने कहा कि Budget 2026–27 में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं और गैर-संचारी रोगों पर खास ध्यान जरूरी है. क्रॉनिक पेन मैनेजमेंट को पब्लिक हेल्थ का अहम हिस्सा माना जाना चाहिए. रोकथाम, समय पर जांच और टेक्नोलॉजी आधारित उपचार से स्वास्थ्य बोझ कम होगा. इससे भविष्य के लिए स्वास्थ्य तंत्र मजबूत बनेगा.
Aratt Developers & Ayatana Hospitalities के Chairman टोनी विंसेंट ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर GST और टैक्स सुधारों की उम्मीद कर रहा है. निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स में ITC की कमी से लागत बढ़ती है. कैपिटल गेन टैक्स और इंडेक्सेशन में सुधार जरूरी है. इससे निवेश और अंतिम मांग को बल मिलेगा.
White Lotus Group के Founder & CEO पवन कुमार ने कहा कि Budget 2026 में लग्ज़री रियल एस्टेट के लिए टैक्स स्पष्टता और संरचनात्मक सुधार जरूरी हैं. लॉन्ग-टर्म निवेश को प्रोत्साहन और GST में पारदर्शिता से स्थिरता आएगी. REITs को सपोर्ट से सेक्टर मजबूत होगा. इससे रियल एस्टेट दीर्घकालिक वैल्यू क्रिएटर बनेगा.
ALYF के Founder & CEO सौरभ वोहरा ने कहा कि Budget 2026 उभरते आवासीय बाज़ारों को मजबूत करने का अवसर है. होम लोन ब्याज पर ज्यादा टैक्स छूट और आसान फाइनेंस से मिडिल क्लास को राहत मिलेगी. इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी निवेश से टियर-2 और टियर-3 शहरों में मांग बढ़ेगी. इससे एक समावेशी हाउसिंग इकोसिस्टम बनेगा.
आर्टेमिस हॉस्पिटल की MD डॉ. देवलीना चक्रवर्ती ने कहा कि Budget 2026 में हेल्थकेयर आवंटन को और बढ़ाया जा सकता है. आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के जरिए ग्रामीण और वंचित आबादी तक अधिक संसाधन पहुंचने चाहिए. बढ़ती गैर-संक्रामक बीमारियों को देखते हुए प्रिवेंटिव हेल्थकेयर को प्राथमिकता जरूरी है. प्रिवेंटिव हेल्थ चेकअप पर टैक्स छूट और मेडिकल सेवाओं व उपकरणों पर तार्किक GST से इलाज सुलभ होगा.
राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर के CEO डी.एस. नेगी (IAS सेवानिवृत्त) ने कहा कि देश में कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और सिर्फ दवाओं पर फोकस पर्याप्त नहीं है. Budget 2026 में कैंसर दवाओं के साथ-साथ अत्याधुनिक मशीनों और हार्डवेयर पर भी निवेश जरूरी है. इससे इलाज तक समान पहुंच और मजबूत ऑन्कोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर बनेगा. लंबी अवधि में यह कैंसर केयर को अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनाएगा.
Harmony Infra Ventures के Executive Director एच.एस. कंधारी ने कहा कि Budget 2026 रियल एस्टेट ग्रोथ को तेज़ करने का बड़ा मौका है. अफोर्डेबल हाउसिंग की सीमा ₹80–90 लाख तक बढ़ाने और होमबायर्स को बेहतर टैक्स राहत देने की जरूरत है. GST कम करने और स्टांप ड्यूटी को मानकीकृत करने से घर ज्यादा किफायती होंगे. इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश, तेज़ अप्रूवल और टियर-II शहरों को सपोर्ट से टिकाऊ हाउसिंग विकास को बढ़ावा मिलेगा.
Karcher India के CFO संजय गंभीर ने कहा, हवाई अड्डों, रेलवे और सार्वजनिक स्थानों जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारत का लगातार फोकस सिर्फ विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि इन्हें कुशल और भविष्य के लिए तैयार रखने पर भी है. इस सोच की मजबूत नींव स्वच्छ भारत मिशन है, जो यह सुनिश्चित करता है कि बड़े पैमाने पर निर्माण के साथ-साथ रखरखाव भी विश्व-स्तरीय हो. Karcher India जैसी मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के लिए यह Make in India के तहत लोकलाइजेशन के महत्व को और मजबूत करता है, जिससे तेजी से काम पूरा करना और भारतीय परिस्थितियों के अनुसार समाधान देना संभव होता है. जैसे-जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार होगा, उसका नियमित रखरखाव और लंबे समय तक कुशल संचालन ही असली सफलता की पहचान बनेगा.
MrProptek के Co-Founder केएस भाटिया ने माननीय वित्त मंत्री से आग्रह किया है कि स्टार्टअप्स में निवेश करने वाले एंजेल निवेशकों और वेंचर कैपिटल फंड्स पर कैपिटल गेन टैक्स शून्य किया जाए. उनका कहना है कि इससे भारत में निवेश को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा और देशी-विदेशी निवेशक अधिक पूंजी लगाएंगे. इस कदम से इनोवेशन, रोजगार और तेजी से बढ़ने वाले स्टार्टअप्स को मजबूती मिलेगी. साथ ही भारत 2032 तक दुनिया का सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेगा.


