बिजनौर की वुडक्राफ्ट कला: नगीऩा के कारीगरों के हाथों से आकार लेते लकड़ी के हस्तशिल्प
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में वुडक्राफ्ट ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) के अंतर्गत प्रमुख हस्तशिल्प है। नगीऩा के कारीगर लकड़ी से ज्वेलरी बॉक्स, सजावटी वस्तुएँ और गेम सेट जैसे उत्पाद तैयार करते हैं, जो घरेलू उपयोग के साथ-साथ देश और विदेश के बाजारों तक पहुँचते हैं।
लकड़ी से बने हस्तशिल्प उत्पाद जैसे ज्वेलरी बॉक्स, सजावटी वस्तुएँ, स्टोरेज बॉक्स और गेम सेट अक्सर घरों में उपयोग और सजावट दोनों के लिए रखे जाते हैं। इन वस्तुओं का निर्माण कई चरणों में होता है, जहाँ साधारण लकड़ी को कारीगरों की कुशलता से एक सुंदर और उपयोगी उत्पाद में बदला जाता है।
उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर में वुडक्राफ्ट ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) कार्यक्रम के अंतर्गत अधिसूचित उत्पाद है। जनपद के नगीऩा क्षेत्र में लकड़ी के हस्तशिल्प का एक प्रमुख क्लस्टर विकसित हुआ है, जहाँ कारीगर ज्वेलरी बॉक्स, अर्न बॉक्स, सजावटी वस्तुएँ और गेम सेट जैसे उत्पाद तैयार करते हैं।
यहाँ अधिकांश इकाइयाँ ऑर्डर आधारित प्रणाली पर काम करती हैं। खरीदारों की पसंद और डिज़ाइन के अनुसार उत्पाद बनाए जाते हैं, जिससे हर वस्तु में एक विशिष्ट रूप दिखाई देता है।
ऐसी ही एक इकाई अमानवुड हैंडीक्राफ्ट्स है, जिसे कारीगर मुस्तफा संचालित करते हैं। उनकी कार्यशाला में लकड़ी के उत्पाद कई चरणों से गुजरकर तैयार होते हैं, जिनमें लकड़ी को आकार देना, संरचना तैयार करना और फिनिशिंग करना शामिल है।
निर्माण प्रक्रिया की शुरुआत लकड़ी के तख्तों के चयन से होती है। इन्हें आवश्यक आकार में तैयार किया जाता है ताकि अलग-अलग हिस्सों को मिलाकर उत्पाद की मूल संरचना बनाई जा सके। बॉक्स जैसे उत्पादों में ढक्कन और आधार को अलग-अलग तैयार किया जाता है, ताकि दोनों हिस्से ठीक से बंद हो सकें।
संरचना तैयार होने के बाद डिज़ाइन के अनुसार सजावटी कार्य किया जाता है। कई उत्पादों पर नक्काशी, पैटर्न या पीतल की फिटिंग्स लगाई जाती हैं, जिससे उनका स्वरूप और आकर्षक बनता है।
इसके बाद उत्पाद फिनिशिंग चरण में जाता है। इस दौरान कारीगर लकड़ी की सतह को सावधानीपूर्वक चिकना करते हैं, किनारों को समतल बनाते हैं और रंग व फिनिश की परत लगाते हैं ताकि उत्पाद का रूप एकसमान और आकर्षक दिखाई दे।
यदि कहीं हल्की असमानता या खाली स्थान दिखाई देता है, तो उसे ठीक किया जाता है और दोबारा सतह को चिकना किया जाता है। उत्पाद के अंदरूनी हिस्से को भी इस तरह तैयार किया जाता है कि उसका उपयोग सहज लगे।
अंत में तैयार उत्पादों की जाँच कर उन्हें पैक किया जाता है और घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक भेजा जाता है। नगीऩा के कारीगरों द्वारा बनाए गए ये लकड़ी के हस्तशिल्प उत्पाद उपहार और सजावटी वस्तुओं के रूप में विभिन्न देशों तक पहुँचते हैं।
जनपद बिजनौर का वुडक्राफ्ट उद्योग कारीगरों की पारंपरिक कौशल और बारीक फिनिशिंग का उदाहरण है। लकड़ी के साधारण टुकड़े को सुंदर हस्तशिल्प में बदलने की यह कला नगीऩा के कारीगरों की पहचान बन चुकी है।
Edited by Ravi Pareek


