‘विकसित भारत’ के लिए बैंकिंग सेक्टर की भूमिका तय करेगी हाई पावर कमेटी — वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह बात PSBConfluence2026 में कही. उन्होंने कहा कि भारत के पास अपनी अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए अगले दो दशकों से भी कम समय है. ऐसे में बैंकिंग सेक्टर में जरूरी सुधारों पर अभी से तेजी से काम करने की जरूरत है.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने सोमवार को कहा कि सरकार जल्द ही बैंकिंग सेक्टर पर एक हाई पावर कमेटी बनाएगी. यह कमेटी ‘विकसित भारत’ (Viksit Bharat) के निर्माण में बैंकों की भूमिका पर विचार करेगी.
वित्त मंत्री ने यह बात PSBConfluence2026 में कही. उन्होंने कहा कि भारत के पास अपनी अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए अगले दो दशकों से भी कम समय है. ऐसे में बैंकिंग सेक्टर में जरूरी सुधारों पर अभी से तेजी से काम करने की जरूरत है.
उन्होंने कहा कि कमेटी दो दिनों तक चलने वाली चर्चा से मिले सुझावों और विचारों को भी ध्यान में रखेगी. इन चर्चाओं में बैंकिंग सेक्टर से जुड़े लोग हिस्सा ले रहे हैं. उनका अनुभव और जमीनी स्तर की जानकारी कमेटी के लिए महत्वपूर्ण होगी.
बैंकों की मौजूदा स्थिति को बताया मजबूत
निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारतीय बैंकिंग सेक्टर इस समय मजबूत स्थिति में है. बैंकों का नॉन परफॉर्मिंग एसेट (NPA) अपने सबसे निचले स्तर पर है. ऐसे में बैंकिंग सेक्टर के पास आगे के सुधारों को लागू करने के लिए बेहतर आधार मौजूद है.
उन्होंने कहा कि जब बैंकों की वित्तीय स्थिति मजबूत है और NPA सबसे कम स्तर पर है, तो यह सुधारों को आगे बढ़ाने का सही समय है.
वित्त मंत्री ने कहा कि PSBConfluence2026 में होने वाली चर्चा का मकसद केवल नीतियों पर बात करना नहीं है. इसमें उन लोगों के विचार लिए जा रहे हैं जो बैंकिंग नीतियों को जमीन पर लागू करते हैं.
उन्होंने कहा कि इन चर्चाओं से मिलने वाले विचार और सुझाव प्रस्तावित हाई पावर कमेटी के लिए उपयोगी होंगे. कमेटी को पहले से तैयार किए गए रिसर्च डॉक्यूमेंट और अन्य जरूरी सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी.
इन सभी इनपुट के आधार पर कमेटी बैंकिंग सेक्टर के भविष्य और ‘विकसित भारत’ के निर्माण में उसकी भूमिका को लेकर अपनी सिफारिशें देगी.
आर्थिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार
निर्मला सीतारमण ने कहा कि कमेटी की सिफारिशें मिलने के बाद सरकार बैंकिंग सेक्टर में जरूरी सुधारों को तेजी से आगे बढ़ा सकेगी. इसका मकसद भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर को और तेज करना है.
उन्होंने कहा कि भारत के पास ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सीमित समय है. इसलिए बैंकिंग सेक्टर को भी इस बड़े लक्ष्य में अपनी भूमिका के लिए तैयार करना जरूरी है.
वित्त मंत्री के मुताबिक, कमेटी की रिपोर्ट और सुझावों के बाद सरकार आर्थिक विकास को रफ्तार देने के लिए जरूरी कदम उठाने की स्थिति में होगी. उन्होंने भरोसा जताया कि मजबूत बैंकिंग सिस्टम भारत की आर्थिक प्रगति में बड़ी भूमिका निभा सकता है.



