वेयरहाउसिंग स्टार्टअप Edgistify को मिली 1.4 मिलियन डॉलर की फंडिंग
ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स फुलफिलमेंट प्लेटफॉर्म Edgistify ने 1.4 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई है. कंपनी AI-समर्थित EdgeOS के जरिए भारत में वेयरहाउसिंग और सप्लाई चेन को तेज़, भरोसेमंद और स्केलेबल बनाने पर काम कर रही है.
वेयरहाउसिंग स्टार्टअप Edgistify ने अपने ग्रोथ के अगले चरण के लिए 1.4 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई है. इस फंडिंग राउंड की अगुवाई दुबई स्थित वेंचर कैपिटल फंड NB Ventures और ग्लोबल सप्लाई चेन एक्सपर्ट राजेश रणावत ने की है. इस राउंड में PhysicsWallah के को फाउंडर प्रतीक महेश्वरी, CGO विवेक गौड़, अडानी ग्रुप के पूर्व CHRO विक्रम टंडन और कई स्ट्रैटेजिक एंजल इनवेस्टर्स ने भी निवेश किया है.
निवेश पर प्रतिक्रिया देते हुए मेंटर और निवेशक राजेश रणावत ने कहा कि यह फंडिंग सिर्फ पूंजी नहीं है. यह भारत के तेजी से बदलते कॉमर्स इकोसिस्टम के लिए एक आधुनिक और मजबूत फुलफिलमेंट सिस्टम बनाने की Edgistify की सोच पर भरोसे की मुहर है. उनका मानना है कि आने वाले दस सालों में ब्रांड की ग्रोथ को फुलफिलमेंट ही तय करेगा.
Edgistify की शुरुआत उमंग शुक्ला, अंतिम सुमन और कमल किशोर कुमावत ने की थी. भारत में कॉमर्स तो तेजी से बढ़ रहा था, लेकिन फुलफिलमेंट उसी रफ्तार से आगे नहीं बढ़ पा रहा था. इसी अंतर को भरने के लिए Edgistify की नींव रखी गई.
कंपनी ब्रांड्स को एक जैसे तय फ्रेमवर्क में फिट करने के बजाय उनके हिसाब से फुलफिलमेंट मॉडल तैयार करती है. इससे डिलीवरी तेज होती है. लागत कम होती है. और ग्राहक का अनुभव बेहतर बनता है. आज ब्रांड्स को सिर्फ वेयरहाउस वेंडर नहीं चाहिए, बल्कि ऐसा पार्टनर चाहिए जो ग्रोथ को स्थिर और अनुमानित बना सके. Edgistify इसी जरूरत को पूरा करता है.
Edgistify के को-फाउंडर और CEO उमंग शुक्ला कहते हैं कि उनका लक्ष्य ऐसा फुलफिलमेंट पार्टनर बनना है जिस पर ब्रांड बड़े स्तर पर भरोसा कर सकें. इस फंडिंग से कंपनी ब्रांड्स को बिना अव्यवस्था के स्केल करने में मदद करेगी. उनका कहना है कि फुलफिलमेंट तेज, समझदार और भरोसेमंद होना चाहिए.
कंपनी इस फंडिंग का इस्तेमाल ज्यादा हाई ग्रोथ ब्रांड्स को जोड़ने में करेगी. EdgeOS के जरिए AI-समर्थित ऑर्केस्ट्रेशन को और मजबूत किया जाएगा. साथ ही टियर-2 और टियर-3 शहरों में अपनी फुलफिलमेंट मौजूदगी बढ़ाई जाएगी, जो आज भारत की सबसे मजबूत कंजम्प्शन मार्केट बनते जा रहे हैं.
को-फाउंडर और COO अंतिम सुमन ने कहा कि भारत की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था अभी भी काफी हद तक मैनुअल है. Edgistify का फोकस है कि हर वेयरहाउस और हर शहर में एक जैसी विश्वसनीयता लाई जाए. उनका मानना है कि एक्जीक्यूशन उतना ही स्थिर और भरोसेमंद होना चाहिए जितना मैन्युफैक्चरिंग.
वहीं कमल किशोर कुमावत, को-फाउंडर और CTO कहते हैं कि भारत में डिमांड वर्ल्ड क्लास है, लेकिन फुलफिलमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर अभी भी पुराना है. EdgeOS के जरिए कंपनी सप्लाई चेन को रियल टाइम में पारदर्शी, स्मार्ट और कंट्रोल में लाना चाहती है. इस फंडिंग से AI, ऑटोमेशन और प्रेडिक्टिव टेक्नोलॉजी पर काम और तेज़ होगा.



