14 जुलाई: ‘भारत छोड़ो’ प्रस्ताव पारित और प्लूटो की फोटो मिली
14 जुलाई का दिन इतिहास में बेहद खास है. इस दिन 1942 में 'भारत छोड़ो आंदोलन' का प्रस्ताव पारित हुआ और 2015 में नासा के मिशन ने प्लूटो की पहली क्लोज़-अप तस्वीरें भेजीं. जानिए और भी ऐतिहासिक घटनाएं, जन्म और पुण्यतिथि से जुड़ी जानकारी. पढ़िए आज का रोचक तथ्य.
हर दिन इतिहास में कई घटनाएं घटती हैं जो आने वाले समय को प्रभावित करती हैं. 14 जुलाई (14 July Ka Itihas) का दिन भी विश्व और भारत दोनों के इतिहास में कई बड़ी घटनाओं का साक्षी रहा है.
आज का इतिहास (History of the day) सीरीज़ में हम आपको ले चलते हैं समय की उस यात्रा पर, जहां 14 जुलाई के दिन (14 July History) घटी प्रमुख ऐतिहासिक घटनाएं, जन्मी महान हस्तियां और हुई अहम बदलावों की चर्चा करते हैं. यह सीरीज़ न केवल ऐतिहासिक जानकारी देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कैसे एक दिन कई मायनों में इतिहास का हिस्सा बन जाता है.
आइए जानते हैं 14 जुलाई को घटित कुछ प्रमुख घटनाएं, जिन्होंने दुनिया और भारत के इतिहास की दिशा बदली —
भारत और विश्व के इतिहास में 14 जुलाई की प्रमुख घटनाएं
1789 — फ्रांसीसी क्रांति की शुरुआत
14 जुलाई 1789 को पेरिस (Peris) की क्रुद्ध जनता ने बैस्टिल किले (Bastille), जो कि एक शाही किला और राजनीतिक बंदियों की जेल था, पर धावा बोल दिया. यह घटना फ्रांस (France) में लंबे समय से चल रहे राजशाही अत्याचार, आर्थिक संकट, और सामाजिक असमानताओं के खिलाफ जनता के आक्रोश की परिणति थी. बैस्टिल पर कब्जा करना प्रतीक बन गया—राजशाही के दमन का अंत और जनशक्ति के उदय का आरंभ. यहीं से फ्रांसीसी क्रांति (French Revolution) की विधिवत शुरुआत मानी जाती है, जिसने ‘स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व’ (Liberté, Égalité, Fraternité) के सिद्धांतों को जन्म दिया. इस ऐतिहासिक दिन को आज भी फ्रांस में 'ला फेत नासियोनाल' (La Fête Nationale) या 'बैस्टिल डे' (Bastille Day) के रूप में राष्ट्रीय पर्व की तरह मनाया जाता है.
1863 — फॉलिंग वाटर्स की लड़ाई
14 जुलाई 1863 को अमेरिकी गृहयुद्ध के बाद गेटिसबर्ग (Gettysburg) के निकट वापस लौट रही कॉन्फेडरेट सेना के पीछे से हुए झड़प को “फॉलिंग वाटर्स की लड़ाई” (Battle of Falling Waters) कहा जाता है. यह लड़ाई मैरीलैंड (Maryland) के वाशिंगटन काउंटी में हुई, जब संघीय काउबॉय बलों ने हॉवर्ड हेथ की रियर गार्ड डिवीजन पर हमला किया, जिसने लगभग 500 कैदियों को पकड़ लिया और ब्रिगेडियर जनरल जे. जे. पेटिग्रू की घायल हालत में मृत्यु हो गई . यह लड़ाई यूनियन सेना की गेटिसबर्ग अभियान के अंत की निशानी मानी जाती है, हालांकि कॉन्फेडरेट जनरल रॉबर्ट ई. ली की सेना अंततः पोटोमैक नदी पार करके वर्जीनिया में सुरक्षित लौट गई . यह मुकाबला गेटिसबर्ग की हार के बाद लड़े गए अंतिम बड़े झगड़ों में से एक था, जिसने सिविल युद्ध में अगले चरणों का मार्ग प्रशस्त किया.
1942 — 'भारत छोड़ो आंदोलन' का प्रस्ताव पारित
14 जुलाई 1942 को महाराष्ट्र के वर्धा (Wardha) में कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में ब्रिटिश शासन के खिलाफ एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया गया, जिसे बाद में 'भारत छोड़ो आंदोलन' (1942 Quit India Movement) का नाम मिला. इस बैठक में महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) को आंदोलन की अगुवाई का अधिकार दिया गया और देश को "अंग्रेजों भारत छोड़ो" का आह्वान करने की तैयारी शुरू हुई. इसके बाद 8 अगस्त 1942 को मुंबई में ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी (AICC) ने इस प्रस्ताव को औपचारिक रूप से मंजूरी दी और गांधी जी ने ‘करो या मरो’ (Do or Die) का नारा दिया. यह आंदोलन भारत की आज़ादी की लड़ाई में एक निर्णायक मोड़ बन गया.
2015 — प्लूटो की पहली क्लोज़-अप तस्वीरें
14 जुलाई 2015 को नासा (NASA) के अंतरिक्ष यान न्यू होराइज़न्स (New Horizons) ने प्लूटो (Pluto) (यम ग्रह) के सबसे पास से गुजरते हुए उसकी सतह की पहली स्पष्ट और करीब से ली गई तस्वीरें पृथ्वी पर भेजीं. यह यान प्लूटो से लगभग 12,500 किलोमीटर की दूरी से गुजरा और इस दौरान उसने ग्रह की बर्फीली पहाड़ियों, दिल के आकार की सतह (जिसे टॉम्बो रेजियो कहा जाता है), और उसके वातावरण की परतों की शानदार तस्वीरें लीं. यह पहला मौका था जब किसी मानव मिशन ने किसी बौने ग्रह की इतनी विस्तृत झलक दुनिया को दिखाई. इस मिशन ने सौरमंडल के बाहरी हिस्सों को समझने की दिशा में एक नया दरवाज़ा खोल दिया और वैज्ञानिकों को कई नई जानकारियाँ दीं.
14 जुलाई को जन्मे प्रमुख व्यक्ति
1856 — गोपाल गणेश आगरकर, प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता
1902 — चन्द्रभानु गुप्त, प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और उत्तर प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री
14 जुलाई को जिन हस्तियों ने दुनिया को कहा अलविदा
1975 — मदन मोहन, हिन्दी फ़िल्मों के प्रसिद्ध संगीत निर्देशक
2003 — लीला चिटनिस, प्रसिद्ध हिन्दी फ़िल्म अभिनेत्री
आज का रोचक तथ्य
क्या आप जानते हैं (Did you know) कि आज ही के दिन, 14 जुलाई 1682 को ब्रिटिश संगीतकार हेनरी पर्सेल (Henry Purcell) को चैपल रॉयल, लंदन का ऑर्गेनिस्ट नियुक्त किया गया.
संपादक की कलम से: अगर आप ऐसे ही इतिहास के अनसुने पन्नों में रुचि रखते हैं, तो जुड़े रहिए हमारे साथ हर दिन की ऐतिहासिक झलकियों के लिए.



